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मेरा रूप देखके चंद्रमा शरमा गया और छुप गया...
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बागेश्वर के भराड़ी की रामलीला में वन गमन करते राम, लक्ष्मण, सीता। विज्ञप्ति
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर/कपकोट। बागेश्वर की रामलीला में दशरथ मरण, श्रवण कुमार नाटक के साथ ही सूर्पणखा के नाक, कान काटने की लीला का मंचन किया गया। वहीं भराड़ी की रामलीला में राम वनवास का मंचन किया गया।
बागेश्वर की रामलीला में सुमंत के वन से लौटने की लीला से रामलीला की शुरूआत हुई। सुमंत के मुख से राम, लक्ष्मण, सीता के वन से न लौटने की जानकारी मिलने के बाद राजा दशरथ ने प्राण त्याग दिए। तीनों रानियां और भरत, शत्रुघ्न राम को मनाने चित्रकूट पहुंचे, लेकिन भगवान राम ने वापस लौटने से इंकार कर दिया।
भगवान राम, सीता और लक्ष्मण के साथ पंचवटी में कुटिया बनाकर रहने लगे। वन में विचरण कर रही रावण की बहन सूर्पणखा की नजर राम-लक्ष्मण पर पड़ती है तो वह मोहित हो जाती है। भगवान राम के पास पहुंचकर कहती है, मेरा रूप देखके चंद्रमा शरमा गया और छुप गया। वह सीता माता से अभद्रता करने लगती है, तो भगवान राम के इशारे पर लक्ष्मण उसके नाक-कान काट देते हैं। लड़ने आए खर-दूषण भगवान राम के हाथों सेना सहित मारे जाते हैं। उधर, मां बाराही रामलीला कमेटी भराड़ी की रामलीला में मुख्य अतिथि कनिष्ठ प्रमुख हुकुम सिंह दानू थे। राम का अभिनय दीपांशु पांडे, लक्ष्मण योगेश उपाध्याय, सीता विमल गढ़िया, भरत हरीश दानू, शत्रुघ्न प्रांजल ऐठानी, सुमंत सुंदर कोरंगा, दशरथ रामचंद्र जोशी, कौशल्या का अभिनय कमल मिश्रा कर रहे हैं।
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बागेश्वर की रामलीला में सुमंत के वन से लौटने की लीला से रामलीला की शुरूआत हुई। सुमंत के मुख से राम, लक्ष्मण, सीता के वन से न लौटने की जानकारी मिलने के बाद राजा दशरथ ने प्राण त्याग दिए। तीनों रानियां और भरत, शत्रुघ्न राम को मनाने चित्रकूट पहुंचे, लेकिन भगवान राम ने वापस लौटने से इंकार कर दिया।
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भगवान राम, सीता और लक्ष्मण के साथ पंचवटी में कुटिया बनाकर रहने लगे। वन में विचरण कर रही रावण की बहन सूर्पणखा की नजर राम-लक्ष्मण पर पड़ती है तो वह मोहित हो जाती है। भगवान राम के पास पहुंचकर कहती है, मेरा रूप देखके चंद्रमा शरमा गया और छुप गया। वह सीता माता से अभद्रता करने लगती है, तो भगवान राम के इशारे पर लक्ष्मण उसके नाक-कान काट देते हैं। लड़ने आए खर-दूषण भगवान राम के हाथों सेना सहित मारे जाते हैं। उधर, मां बाराही रामलीला कमेटी भराड़ी की रामलीला में मुख्य अतिथि कनिष्ठ प्रमुख हुकुम सिंह दानू थे। राम का अभिनय दीपांशु पांडे, लक्ष्मण योगेश उपाध्याय, सीता विमल गढ़िया, भरत हरीश दानू, शत्रुघ्न प्रांजल ऐठानी, सुमंत सुंदर कोरंगा, दशरथ रामचंद्र जोशी, कौशल्या का अभिनय कमल मिश्रा कर रहे हैं।
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