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स्कूली बच्चों ने हाईकोर्ट के न्यायाधीश को लिखे प्रार्थना पत्र
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
Updated Sat, 08 Apr 2017 10:48 PM IST
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अतिथि शिक्षकों का अनुबंध समाप्त होने के बाद बागेश्वर जिले के अधिकांश स्कूलों में महत्वपूर्ण विषयों में शिक्षकों के पद रिक्त हो गए हैं। ठीक शिक्षा सत्र शुरू होने के समय अतिथि शिक्षकों के बाहर होने से अभिभावकों और बच्चों की चिंता बढ़ गई है। तमाम स्कूलों के बच्चों ने हाईकोर्ट के न्यायाधीश और प्रदेश के मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र लिखकर अतिथि शिक्षकों की जल्दी तैनाती करने गुहार लगाई है।
बागेश्वर जिले के हाईस्कूल और इंटर कालेजों में शिक्षकों के 478 पद रिक्त हैं। इन पदों पर पहले सत्र में जनपद के विभिन्न विद्यालयों में लगभग 450 अतिथि शिक्षकों की तैनाती हुई थी। अतिथि शिक्षकों की तैनाती से जनपद के दुर्गम स्कूलों का बोर्ड परीक्षा परिणाम पहली बार संतोषजनक रहा था। इसके बाद कुछ पदों में स्थायी तैनाती होने से 2016-17 सत्र में लगभग 260 अतिथि शिक्षक शिक्षण कार्य कर रहे थे, लेकिन 31 मार्च को अनुबंध समाप्त होते हुए शिक्षकों के पद फिर रिक्त हो गए हैं।
अतिथि शिक्षकों के भविष्य का फैसला अब हाईकोर्ट में होना है। ठीक नए शिक्षा सत्र की शुरुआत पर शिक्षकों के पद रिक्त होने से छात्र-छात्राओं के साथ ही अभिभावकों की चिंता भी बढ़ गई है। अपने भविष्य से चिंतित मलसूना, भटखोला सहित जनपद के विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने हाईकोर्ट के न्यायाधीश और प्रदेश के मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र भेजकर स्कूलों में अतिथि शिक्षकों की तैनाती करने की गुहार लगाई है।
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बागेश्वर जिले के हाईस्कूल और इंटर कालेजों में शिक्षकों के 478 पद रिक्त हैं। इन पदों पर पहले सत्र में जनपद के विभिन्न विद्यालयों में लगभग 450 अतिथि शिक्षकों की तैनाती हुई थी। अतिथि शिक्षकों की तैनाती से जनपद के दुर्गम स्कूलों का बोर्ड परीक्षा परिणाम पहली बार संतोषजनक रहा था। इसके बाद कुछ पदों में स्थायी तैनाती होने से 2016-17 सत्र में लगभग 260 अतिथि शिक्षक शिक्षण कार्य कर रहे थे, लेकिन 31 मार्च को अनुबंध समाप्त होते हुए शिक्षकों के पद फिर रिक्त हो गए हैं।
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अतिथि शिक्षकों के भविष्य का फैसला अब हाईकोर्ट में होना है। ठीक नए शिक्षा सत्र की शुरुआत पर शिक्षकों के पद रिक्त होने से छात्र-छात्राओं के साथ ही अभिभावकों की चिंता भी बढ़ गई है। अपने भविष्य से चिंतित मलसूना, भटखोला सहित जनपद के विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने हाईकोर्ट के न्यायाधीश और प्रदेश के मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र भेजकर स्कूलों में अतिथि शिक्षकों की तैनाती करने की गुहार लगाई है।
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