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सरयू जल यात्रियों का दल तप्तकुंड पहुंचा
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर।
Updated Fri, 14 Jul 2017 11:07 PM IST
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यात्रा
- फोटो : अमर उजाला
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सरयू को राज्य का पांचवां धाम घोषित करने की मांग को लेकर सरमूल की पदयात्रा पर निकला श्रद्धालुओं का दल जल लेकर तप्तकुंड पहुंच गया है। ग्रामीणों ने पदयात्रियों का जोरदार स्वागत किया। यह दल 15 जुलाई को बाराही देवी मंदिर भराड़ी पहुंचेगा। सोमवार को बागनाथ मंदिर बागेश्वर से सरमूल की पैदल यात्रा पर निकला दल सरमूल से पवित्र जल लेकर झूनी, बैछम, पतियासार, सूपी, मुनार, साेंग होते हुए शुक्रवार को तप्तकुं ड पहुंच गया है। सरयू का पवित्र जल जिला मुख्यालय जाकर बाबा बागनाथ को अर्पित किया जाएगा। दल में शामिल शिक्षक दयाल कुमल्टा और शिशु मंदिर जूहा भराड़ी के प्रधानाध्यापक भगवत कोरंगा ने बताया कि सरयू के संरक्षण के लिए उसे राज्य का पांचवा धाम का दर्जा मिलना जरूरी है। इसके लिए राज्य सरकार को प्रभावी कदम उठाने की अपील की। उन्होंने लोगों से इस मांग को मनवाने के लिए अपने स्तर से पहल करने को कहा। पदयात्रियों ने प्रशासन पर यात्रा की उपेक्षा का आरोप लगाया।
संत को तीन नाली भूमि देंगी मानवती
कपकोट (बागेश्वर)। सरमूल पदयात्रा से प्रभावित होकर झूनी गांव की 70 वर्षीय मानवती देवी ने यात्रा में शामिल संत देवानंद दास को आश्रम के निर्माण के लिए तीन नाली भूमि दान करने की घोषणा की है। मालूम हो कि झूनी गांव की मानवती देवी सरमूल पदयात्रा में शामिल हुईं। कहा उन्होंने अपने जीवन में सरमूल की यह पहली यात्रा देखी है। यात्रा बेेहतर रही है। मकसद भी शीघ्र पूरा होगा। यात्रा के प्रेरणास्रोत देवानंद दास को आश्रम बनाने के लिए तीन नाली भूमि दान करेंगी। आश्रम लोगों की जागरूकता का केंद्र बनेगा। मानवती देवी के पति आईटीबीपी से रिटायर्ड सैनिक हैं। उनकी दो विवाहित पुत्रियां हैं। दयाल कुमल्टा और भगवत कोरंगा ने मानवती देवी की घोषणा की सराहना की। यात्रियों ने उन्हें साल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
संत को तीन नाली भूमि देंगी मानवती
कपकोट (बागेश्वर)। सरमूल पदयात्रा से प्रभावित होकर झूनी गांव की 70 वर्षीय मानवती देवी ने यात्रा में शामिल संत देवानंद दास को आश्रम के निर्माण के लिए तीन नाली भूमि दान करने की घोषणा की है। मालूम हो कि झूनी गांव की मानवती देवी सरमूल पदयात्रा में शामिल हुईं। कहा उन्होंने अपने जीवन में सरमूल की यह पहली यात्रा देखी है। यात्रा बेेहतर रही है। मकसद भी शीघ्र पूरा होगा। यात्रा के प्रेरणास्रोत देवानंद दास को आश्रम बनाने के लिए तीन नाली भूमि दान करेंगी। आश्रम लोगों की जागरूकता का केंद्र बनेगा। मानवती देवी के पति आईटीबीपी से रिटायर्ड सैनिक हैं। उनकी दो विवाहित पुत्रियां हैं। दयाल कुमल्टा और भगवत कोरंगा ने मानवती देवी की घोषणा की सराहना की। यात्रियों ने उन्हें साल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
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