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शहीद सम्मान समारोह में गरुड़ और बागेश्वर के 87 शहीदों के परिजनो को किया सम्मानित
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बागेश्वर में शहीद सम्मान समारोह में विलखतीं शहीद की बेटी देवकी देवी। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। बागेश्वर में आयोजित शहीद सम्मान समारोह में गरुड़ और बागेश्वर विकासखंड के 87 शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया गया। इनमें बागेश्वर के 59 और गरुड़ के 28 सेनानियों के परिजन शामिल थे। समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट व्यस्तता के चलते मात्र 19 मिनट समारोह में रहे। उन्होंने दो शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया। शेष शहीदों के परिजनों को विशिष्ट अतिथि सूबे के सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, जिपं अध्यक्ष बसंती देव, विधायक चंदन राम दास और डीएम ने सम्मानित किया।
करीब साढ़े तीन घंटे के विलंब से शुरू हुए कार्यक्रम में अपने सात मिनट के संबोधन में केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट ने शहीदों को नमन करते हुए कहा कि देश का बच्चा-बच्चा देश के शहीदों का ऋणी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सैन्य धाम को को प्रदेश का पांचवां धाम बताया था। आज वह सपना साकार होने जा रहा है। देहरादून में सैन्य धाम बनाया जा रहा है। कहा कि आज का भारत 1962 का भारत नहीं है। नरेंद्र मोदी के हाथों में देश सुरक्षित है। उन्होंने व्यस्तता बताते हुए कहा कि उन्हें दिल्ली जाना है। इसलिए वह एक-दो शहीदों के परिजनों को प्रतीकात्मक रूप में सम्मानित करेंगे।
उन्होंने तिपोली के शहीद लांस नायक मान सिंह की पुत्री देवकी देवी और नैन सिंह के परिजनों को सम्मानित किया। मंत्री जोशी, जिपं अध्यक्ष, विधायक और डीएम ने शहीद नैन सिंह की परिजन जानकी देवी, सिपाही जैंत सिंह की परिजन धर्मा देवी, सिपाही मोहन चंद्र की परिजन दानुली देवी, सिपाही राजेंद्र सिंह की परिजन नरूली देवी, सिपाही दरवान सिंह के परिजन त्रिलोक सिंह, सिपाही शेर सिंह के परिजन लक्ष्मण सिंह, सिपाही केदार सिंह की परिजन धनुली देवी और अन्य शहीदों के परिजनों को सम्मान पत्र देकर और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
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सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि देश की रक्षा करने वाला हर पांचवां सैनिक उत्तराखंड का है। कहा कि भाजपा की सरकार ने सैनिकों को सम्मान देने का काम किया है। वहां पर एसपी अमित श्रीवास्तव, सीडीओ डीडी पंत, डीडीओ केएन तिवारी, एसडीएम हर गिरि, जिला सैनिक कल्याण पुनर्वास अधिकारी लेफ्टीनेंट कर्नल जीएस बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष शिव सिंह बिष्ट, ब्लॉक प्रमुख बागेश्वर पुष्पा देवी, गरुड़ हेमा बिष्ट, कपकोट गोविंद सिंह दानू, भाजयुमो प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश गढ़िया आदि थे। संचालन दीप जोशी ने किया।
बिलख पड़ीं शहीद की बेटी
बागेश्वर। केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट जब तिपोली गांव के शहीद मान सिंह की पुत्री देवकी देवी को सम्मानित कर रहे थे, तो शहीद की बेटी फफक-फफक कर रो पड़ीं। केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री भट्ट और सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने उन्हें ढाढ़स बंधाया। कहा कि उनके पिता अमर हैं।
करीब साढ़े तीन घंटे की देरी से आए मंत्री
बागेश्वर। शहीद सम्मान समारोह सुबह 11.30 बजे से होना था, लेकिन रक्षा राज्यमंत्री और सैनिक कल्याण मंत्री कार्यक्रम स्थल पर 2.56 बजे पहुंचे। इस दौरान लोग काफी बोरियत महसूस करने लगे थे। आयोजक मंच पर मौजूद शहीदों के परिजनों और अन्य लोगों को चाय, पानी पिलाते रहे। मंच संचालक बार-बार चाय, पानी की व्यवस्था करने की अपील करते रहे।
समारोह में भीड़ बढ़ाने को अधिकारी, कर्मचारियों का सहारा, दफ्तरों में खाली पड़ी रहीं कुर्सियां
बागेश्वर। शहीद सम्मान समारोह में भीड़ बढ़ाने को अधिकारी, कर्मचारियों का सहारा लिया गया। अधिकारी, कर्मचारियों के समारोह में पहुंचने से विकास भवन समेत तमाम सरकारी दफ्तरों में सन्नाटा पसरा रहा। दफ्तरों में अधिकारी, कर्मचारियों की कुर्सियां खाली पड़ी रहीं। अधिकारी, कर्मचारी आला अधिकारी के आदेश की बात कह रहे थे।
नगर के नुमाइशखेत मैदान में आयोजित शहीद सम्मान का शुभारंभ सुबह 11.30 बजे से होना था। सुबह से ही तमाम विभागों के अधिकारी, कर्मचारी समारोहस्थल पर पहुंचने लगे थे। पता चला कि जिले के आला अधिकारी के आदेश पर अधिकारी, कर्मचारी दफ्तर छोड़कर समारोह स्थल पर कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं। इस पर मीडिया कर्मियों के साथ ही स्वयं अधिकारी, कर्मचारी चर्चा करने लगे।
इस दौरान विकास भवन में मुख्य कृषि अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, सहायक निबंधक सहकारिता, डीडीओ समेत तमाम अधिकारियों की कुर्सियां खाली पड़ी थीं। कर्मचारियों के कई कक्ष भी खाली थे। कुछ कार्यालयों में इक्का-दुक्का कर्मचारी बैठे थे। विकास भवन के साथ ही कलक्ट्रेट में भी निपट सन्नाटा था। अधिकारी, कर्मचारियों के दफ्तरों में न होने से लोगों को बगैर काम कराए वापस लौटना पड़ा।
दफ्तरों को खाली करना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं : फर्स्वाण
बागेश्वर। कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने अधिकारी, कर्मचारियों को समारोह स्थल पर भेजने पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि शहीदों और उनके परिवारों का सम्मान निश्चित रूप से होना चाहिए। सरकारी दफ्तरों को खाली कर भीड़ बढ़ाने के लिए अधिकारी, कर्मचारियों को समारोहस्थल पर भेजना उचित नहीं है। भाजपा सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है।
सीडीओ बोले, डीएम साहब के आदेश थे, डीएम ने किया इनकार
बागेश्वर। समारोह स्थल पर अधिकारी, कर्मचारियों को भेजने के सवाल पर सीडीओ डीडी पंत का कहना था कि डीएम साहब ने इसके आदेश दिए थे। वहीं डीएम विनीत कुमार का कहना था कि उन्होंने इस तरह का कोई आदेश नहीं दिया।
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करीब साढ़े तीन घंटे के विलंब से शुरू हुए कार्यक्रम में अपने सात मिनट के संबोधन में केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट ने शहीदों को नमन करते हुए कहा कि देश का बच्चा-बच्चा देश के शहीदों का ऋणी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सैन्य धाम को को प्रदेश का पांचवां धाम बताया था। आज वह सपना साकार होने जा रहा है। देहरादून में सैन्य धाम बनाया जा रहा है। कहा कि आज का भारत 1962 का भारत नहीं है। नरेंद्र मोदी के हाथों में देश सुरक्षित है। उन्होंने व्यस्तता बताते हुए कहा कि उन्हें दिल्ली जाना है। इसलिए वह एक-दो शहीदों के परिजनों को प्रतीकात्मक रूप में सम्मानित करेंगे।
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उन्होंने तिपोली के शहीद लांस नायक मान सिंह की पुत्री देवकी देवी और नैन सिंह के परिजनों को सम्मानित किया। मंत्री जोशी, जिपं अध्यक्ष, विधायक और डीएम ने शहीद नैन सिंह की परिजन जानकी देवी, सिपाही जैंत सिंह की परिजन धर्मा देवी, सिपाही मोहन चंद्र की परिजन दानुली देवी, सिपाही राजेंद्र सिंह की परिजन नरूली देवी, सिपाही दरवान सिंह के परिजन त्रिलोक सिंह, सिपाही शेर सिंह के परिजन लक्ष्मण सिंह, सिपाही केदार सिंह की परिजन धनुली देवी और अन्य शहीदों के परिजनों को सम्मान पत्र देकर और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
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सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि देश की रक्षा करने वाला हर पांचवां सैनिक उत्तराखंड का है। कहा कि भाजपा की सरकार ने सैनिकों को सम्मान देने का काम किया है। वहां पर एसपी अमित श्रीवास्तव, सीडीओ डीडी पंत, डीडीओ केएन तिवारी, एसडीएम हर गिरि, जिला सैनिक कल्याण पुनर्वास अधिकारी लेफ्टीनेंट कर्नल जीएस बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष शिव सिंह बिष्ट, ब्लॉक प्रमुख बागेश्वर पुष्पा देवी, गरुड़ हेमा बिष्ट, कपकोट गोविंद सिंह दानू, भाजयुमो प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश गढ़िया आदि थे। संचालन दीप जोशी ने किया।
बिलख पड़ीं शहीद की बेटी
बागेश्वर। केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट जब तिपोली गांव के शहीद मान सिंह की पुत्री देवकी देवी को सम्मानित कर रहे थे, तो शहीद की बेटी फफक-फफक कर रो पड़ीं। केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री भट्ट और सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने उन्हें ढाढ़स बंधाया। कहा कि उनके पिता अमर हैं।
करीब साढ़े तीन घंटे की देरी से आए मंत्री
बागेश्वर। शहीद सम्मान समारोह सुबह 11.30 बजे से होना था, लेकिन रक्षा राज्यमंत्री और सैनिक कल्याण मंत्री कार्यक्रम स्थल पर 2.56 बजे पहुंचे। इस दौरान लोग काफी बोरियत महसूस करने लगे थे। आयोजक मंच पर मौजूद शहीदों के परिजनों और अन्य लोगों को चाय, पानी पिलाते रहे। मंच संचालक बार-बार चाय, पानी की व्यवस्था करने की अपील करते रहे।
समारोह में भीड़ बढ़ाने को अधिकारी, कर्मचारियों का सहारा, दफ्तरों में खाली पड़ी रहीं कुर्सियां
बागेश्वर। शहीद सम्मान समारोह में भीड़ बढ़ाने को अधिकारी, कर्मचारियों का सहारा लिया गया। अधिकारी, कर्मचारियों के समारोह में पहुंचने से विकास भवन समेत तमाम सरकारी दफ्तरों में सन्नाटा पसरा रहा। दफ्तरों में अधिकारी, कर्मचारियों की कुर्सियां खाली पड़ी रहीं। अधिकारी, कर्मचारी आला अधिकारी के आदेश की बात कह रहे थे।
नगर के नुमाइशखेत मैदान में आयोजित शहीद सम्मान का शुभारंभ सुबह 11.30 बजे से होना था। सुबह से ही तमाम विभागों के अधिकारी, कर्मचारी समारोहस्थल पर पहुंचने लगे थे। पता चला कि जिले के आला अधिकारी के आदेश पर अधिकारी, कर्मचारी दफ्तर छोड़कर समारोह स्थल पर कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं। इस पर मीडिया कर्मियों के साथ ही स्वयं अधिकारी, कर्मचारी चर्चा करने लगे।
इस दौरान विकास भवन में मुख्य कृषि अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, सहायक निबंधक सहकारिता, डीडीओ समेत तमाम अधिकारियों की कुर्सियां खाली पड़ी थीं। कर्मचारियों के कई कक्ष भी खाली थे। कुछ कार्यालयों में इक्का-दुक्का कर्मचारी बैठे थे। विकास भवन के साथ ही कलक्ट्रेट में भी निपट सन्नाटा था। अधिकारी, कर्मचारियों के दफ्तरों में न होने से लोगों को बगैर काम कराए वापस लौटना पड़ा।
दफ्तरों को खाली करना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं : फर्स्वाण
बागेश्वर। कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने अधिकारी, कर्मचारियों को समारोह स्थल पर भेजने पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि शहीदों और उनके परिवारों का सम्मान निश्चित रूप से होना चाहिए। सरकारी दफ्तरों को खाली कर भीड़ बढ़ाने के लिए अधिकारी, कर्मचारियों को समारोहस्थल पर भेजना उचित नहीं है। भाजपा सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है।
सीडीओ बोले, डीएम साहब के आदेश थे, डीएम ने किया इनकार
बागेश्वर। समारोह स्थल पर अधिकारी, कर्मचारियों को भेजने के सवाल पर सीडीओ डीडी पंत का कहना था कि डीएम साहब ने इसके आदेश दिए थे। वहीं डीएम विनीत कुमार का कहना था कि उन्होंने इस तरह का कोई आदेश नहीं दिया।