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जलस्रोत क्षतिग्रस्त करने वाले पर कार्रवाई न होने से ग्रामीण नाराज
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
Updated Mon, 24 Apr 2017 12:27 AM IST
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बैड़ा मझेड़ा गांव में जल स्रोत को क्षतिग्रस्त करने वाले के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी व्याप्त है। ग्रामीणों ने शीघ्र कार्रवाई नहीं करने पर आमरण अनशन पर बैठने की चेतावनी दी है।
डीएम को लिखे शिकायत पत्र में जगदीश चंद्र और हरीश चंद्र ने कहा है कि बेड़ा मझेड़ा में एक व्यक्ति द्वारा उनके पैतृक धारे को तोड़कर क्षतिग्रस्त कर दिया था। कपकोट थाने में शिकायती पत्र देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों का कहना है कि 23 अप्रैल को क्षेत्रीय पटवारी ने स्थलीय निरीक्षण किया, लेकिन उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई। उन्होंने इस जांच कार्रवाई को संदिग्ध बताते हुए अपने स्तर से उचित कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा है कि यदि शीघ्र जांच नहीं की गई तो वह आमरण अनशन शुरू कर देंगे।
डीएम को लिखे शिकायत पत्र में जगदीश चंद्र और हरीश चंद्र ने कहा है कि बेड़ा मझेड़ा में एक व्यक्ति द्वारा उनके पैतृक धारे को तोड़कर क्षतिग्रस्त कर दिया था। कपकोट थाने में शिकायती पत्र देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों का कहना है कि 23 अप्रैल को क्षेत्रीय पटवारी ने स्थलीय निरीक्षण किया, लेकिन उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई। उन्होंने इस जांच कार्रवाई को संदिग्ध बताते हुए अपने स्तर से उचित कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा है कि यदि शीघ्र जांच नहीं की गई तो वह आमरण अनशन शुरू कर देंगे।
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