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बागेश्वर के फुटबॉलर रोहित दानू ने पाया ऊंचा मुकाम
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फुटबॉलर रोहित दानू।
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। भगवान बागनाथ की धरती ने रोहित दानू (19) के रूप में एक होनहार फुटबॉलर देश को दिया है। भारतीय अंडर-19 फुटबाल टीम के सदस्य दानू लॉकडाउन के बाद से बागेश्वर में हैं। सेंटर फॉरवर्ड रोहित का कहना है कि कोरोना संक्रमण के कारण कई लीग टूर्नामेंट छूट गए।
बागेश्वर के बघर (कपकोट) निवासी प्रताप सिंह दानू के सुपुत्र रोहित दानू ने बागेश्वर की धरती पर ही कोच नीरज पांडेय से फुटबॉल की बारीकियां सीखीं। आज रोहित राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय फलक पर बागेश्वर का नाम रोशन कर रहे हैं। रोहित भारतीय अंडर 14, 15, 16 और 17 टीम से खेल चुके हैं। अभी वह भारतीय फुटबॉल टीम अंडर 19 के सदस्य हैं। रोहित का इस वर्ष इंडियन सुपर लीग (आईसीएल) के लिए हैदराबाद एफसी से करार हुआ है।
अमर उजाला से बातचीत में रोहित ने बताया आज वह जिस मुकाम पर हैं, उसमें उनके कोच नीरज पांडेय का अहम योगदान है। रोहित बताते हैं कि उन्हें बागेश्वर के फुटबॉलर धीरेंद्र परिहार का हमेशा साथ मिला। कहा कि वह मार्च से बागेश्वर में हैं। लॉकडाउन के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई लीग टूर्नामेंट छूट गए। अभ्यास भी प्रभावित हुआ। बताते हैं कि बागेश्वर के डिग्री कॉलेज मैदान में नियमित अभ्यास करते हैं। बीते पांच अगस्त से जिम खुलने से काफी राहत मिली है। रोहित चाहते हैं कि जल्द हालात सामान्य हों और वह फिर से मैदान में उतर सकें।
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संविदा प्रशिक्षकों को राहत दे सरकार
बागेश्वर। खेल विभाग में अनुबंध पर फुटबॉल कोचिंग देने वाले नीरज पांडेय रोहित दानू जैसे कई इंटरनेशनल फुटबॉलर देश को दे चुके हैं। उनसे हुनर सीखने वाले कई खिलाड़ी ऊंचा मुकाम हासिल कर चुके हैं। लॉकडाउन के बाद नया अनुबंध नहीं हुआ है। नीरज पांडे कहते हैं कि सरकार को प्रशिक्षकों को अपनी ओर से राहत देनी चाहिए। कहते है कि वह खेल सामग्री की दुकान चलाते हैं। दुकान पर भी बैडमिंटन और कैरम के अतिरिक्त कुछ बिक नहीं है। संविदा पर क्रिकेट की कोचिंग देने वाले संजीव खेतवाल, बैडमिंटन कोच चंदन कोरंगा बताते हैं कि कोचिंग पर ब्रेक लगने से खाली बैठे हैं।
कोचिंग बंद होने का असर पड़ रहा खेल पर
बागेश्वर। युवा फुटबॉलर मनीष गढ़िया, दिव्या दानू, जतिन, मनीषा मेहता, कोमल, दीपक गढ़िया का कहना है कि लॉकडाउन के बाद से प्रशिक्षण नहीं ले पा रहे हैं। कोचिंग बंद होने का असर खेल पर पड़ रहा है। फिलहाल, घर पर ही अभ्यास कर रहे हैं।
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बागेश्वर के बघर (कपकोट) निवासी प्रताप सिंह दानू के सुपुत्र रोहित दानू ने बागेश्वर की धरती पर ही कोच नीरज पांडेय से फुटबॉल की बारीकियां सीखीं। आज रोहित राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय फलक पर बागेश्वर का नाम रोशन कर रहे हैं। रोहित भारतीय अंडर 14, 15, 16 और 17 टीम से खेल चुके हैं। अभी वह भारतीय फुटबॉल टीम अंडर 19 के सदस्य हैं। रोहित का इस वर्ष इंडियन सुपर लीग (आईसीएल) के लिए हैदराबाद एफसी से करार हुआ है।
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अमर उजाला से बातचीत में रोहित ने बताया आज वह जिस मुकाम पर हैं, उसमें उनके कोच नीरज पांडेय का अहम योगदान है। रोहित बताते हैं कि उन्हें बागेश्वर के फुटबॉलर धीरेंद्र परिहार का हमेशा साथ मिला। कहा कि वह मार्च से बागेश्वर में हैं। लॉकडाउन के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई लीग टूर्नामेंट छूट गए। अभ्यास भी प्रभावित हुआ। बताते हैं कि बागेश्वर के डिग्री कॉलेज मैदान में नियमित अभ्यास करते हैं। बीते पांच अगस्त से जिम खुलने से काफी राहत मिली है। रोहित चाहते हैं कि जल्द हालात सामान्य हों और वह फिर से मैदान में उतर सकें।
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संविदा प्रशिक्षकों को राहत दे सरकार
बागेश्वर। खेल विभाग में अनुबंध पर फुटबॉल कोचिंग देने वाले नीरज पांडेय रोहित दानू जैसे कई इंटरनेशनल फुटबॉलर देश को दे चुके हैं। उनसे हुनर सीखने वाले कई खिलाड़ी ऊंचा मुकाम हासिल कर चुके हैं। लॉकडाउन के बाद नया अनुबंध नहीं हुआ है। नीरज पांडे कहते हैं कि सरकार को प्रशिक्षकों को अपनी ओर से राहत देनी चाहिए। कहते है कि वह खेल सामग्री की दुकान चलाते हैं। दुकान पर भी बैडमिंटन और कैरम के अतिरिक्त कुछ बिक नहीं है। संविदा पर क्रिकेट की कोचिंग देने वाले संजीव खेतवाल, बैडमिंटन कोच चंदन कोरंगा बताते हैं कि कोचिंग पर ब्रेक लगने से खाली बैठे हैं।
कोचिंग बंद होने का असर पड़ रहा खेल पर
बागेश्वर। युवा फुटबॉलर मनीष गढ़िया, दिव्या दानू, जतिन, मनीषा मेहता, कोमल, दीपक गढ़िया का कहना है कि लॉकडाउन के बाद से प्रशिक्षण नहीं ले पा रहे हैं। कोचिंग बंद होने का असर खेल पर पड़ रहा है। फिलहाल, घर पर ही अभ्यास कर रहे हैं।