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बजट मंजूर होने के बाद भी धरमघर-माजखेत सड़क का काम अधूरा
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बागेश्वर के धरमघर-माजखेत सड़क पर लावारिस हालत में पड़े डामर के ड्रम। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। धरमघर-माजखेत सड़क पर डामरीकरण, सुरक्षा दीवार, वारयरक्रेट लगाने के लिए छह वर्ष पूर्व रकम मंजूर हो गई थी लेकिन अब तक यह काम नहीं हो सके हैं। ठेकेदार ने करीब साढ़े तीन करोड़ के काम नहीं किए हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ठेकेदार के कार्यों का आकलन किया जा रहा है। कार्यों के आकलन के बाद नए सिरे से टेंडर लगाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
वर्ष 2016-17 में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी धरमघर-माजखेत सड़क का काम अब तक पूरा नहीं हुआ है। बजट उपलब्ध होने के बाद भी सड़क पर डामरीकरण का कार्य नहीं किया गया है। डामरीकरण के लिए लाए गए डामर के दर्जनों ड्रम सड़क किनारे लावारिस हालत में पड़े हैं। सड़क पर सुरक्षा दीवार के साथ ही भूस्खलन रोकने के लिए वायरक्रेट नहीं लगे हैं। काम अधूरा छोड़ने से लोगों को सड़क का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। सुरक्षा दीवार और वायरक्रेट न लगने से सड़क के ऊपरी हिस्से में बोल्डर लटक रहे हैं। डामरीकरण न होने से सड़क पर वाहन संचालन जोखिमपूर्ण हो गया है। गड्ढों में पटी सड़क पर वाहनों को नुकसान हो रहा है।
कपकोट के पीएमजीएसवाई डिवीजन के ईई अनिल कुमार साढ़े तीन करोड़ के कार्य अवशेष बता रहे हैं। विभागीय लापरवाही को अमर उजाला ने बीते मई माह में लगातार उजागर किया। इसके बाद हरकत में आए विभाग ने पुराने ठेकेदार का अनुबंध समाप्त कर नए सिरे से सड़क के टेंडर लगाने की बात कही। इस बात को एक महीने से अधिक का समय बीत गया है, अब तक ठेकेदार का अनुबंध समाप्त करने, नए सिरे से टेंडर लगाने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है।
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धरमघर-माजखेत सड़क के करीब साढ़े तीन करोड़ के कार्य अवशेष हैं। पुराने ठेकेदार के कार्यों का आकलन कराया जा रहा है। जेई के साथ ही सर्वेयर से कार्यों का आंकलन कराया जाता है। इसके बाद ही नए टेंडर लगाए जाएंगे। इसके लिए लंबी प्रक्रिया चलती है।
अनिल कुमार ईई पीएमजीएसवाई डिवीजन कपकोट
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वर्ष 2016-17 में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी धरमघर-माजखेत सड़क का काम अब तक पूरा नहीं हुआ है। बजट उपलब्ध होने के बाद भी सड़क पर डामरीकरण का कार्य नहीं किया गया है। डामरीकरण के लिए लाए गए डामर के दर्जनों ड्रम सड़क किनारे लावारिस हालत में पड़े हैं। सड़क पर सुरक्षा दीवार के साथ ही भूस्खलन रोकने के लिए वायरक्रेट नहीं लगे हैं। काम अधूरा छोड़ने से लोगों को सड़क का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। सुरक्षा दीवार और वायरक्रेट न लगने से सड़क के ऊपरी हिस्से में बोल्डर लटक रहे हैं। डामरीकरण न होने से सड़क पर वाहन संचालन जोखिमपूर्ण हो गया है। गड्ढों में पटी सड़क पर वाहनों को नुकसान हो रहा है।
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कपकोट के पीएमजीएसवाई डिवीजन के ईई अनिल कुमार साढ़े तीन करोड़ के कार्य अवशेष बता रहे हैं। विभागीय लापरवाही को अमर उजाला ने बीते मई माह में लगातार उजागर किया। इसके बाद हरकत में आए विभाग ने पुराने ठेकेदार का अनुबंध समाप्त कर नए सिरे से सड़क के टेंडर लगाने की बात कही। इस बात को एक महीने से अधिक का समय बीत गया है, अब तक ठेकेदार का अनुबंध समाप्त करने, नए सिरे से टेंडर लगाने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है।
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धरमघर-माजखेत सड़क के करीब साढ़े तीन करोड़ के कार्य अवशेष हैं। पुराने ठेकेदार के कार्यों का आकलन कराया जा रहा है। जेई के साथ ही सर्वेयर से कार्यों का आंकलन कराया जाता है। इसके बाद ही नए टेंडर लगाए जाएंगे। इसके लिए लंबी प्रक्रिया चलती है।
अनिल कुमार ईई पीएमजीएसवाई डिवीजन कपकोट