{"_id":"6047b5518ebc3ec4ab1a6488","slug":"road-becomes-a-problem-for-vehicles-in-saran-bageshwar-news-hld4176161192","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरन में खड़ी सड़क बनी वाहनों के लिए मुसीबत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरन में खड़ी सड़क बनी वाहनों के लिए मुसीबत
विज्ञापन
कपकोट के सरन में कैंटर से पिकप में सरिया अनलोड करते मजदूर। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर(कालिका रावल)। कपकोट से कर्मी के लिए बनी सड़क को देखकर नहीं लगता है कि यह सड़क लोगों को सुगम यातायात सुविधा के लिए बनी है। दरअसल इस सड़क से मालवाहक वाहनों (ट्रकों) को ले जाने के लिए चालक को अपना पूरा कौशल झोंकना पड़ता है। कई बार तो ट्रक में लदा हुआ माल भी उतारना पड़ता है ताकि टीले रूपी सड़क को पार किया जा सके। इस रोड पर कई वाहन हादसे का शिकार भी हो चुके हैं, इसके बावजूद विभागीय अधिकारी बेहद लापरवाह बने हुए हैं।
करीब तीन साल पहले बरसात में कपकोट से 13 किमी आगे सरन नामक स्थान पर पहाड़ी दरकने से सड़क पर भारी मलबा आ गया था। यहां पर विभाग ने खानापूरी करते हुए सड़क यातायात के लिए सुचारु तो कर दी लेकिन मलबे को पूरी तरह नहीं हटाया। इस वजह से सड़क पर एक तरह से मलबे का टीला बन गया, जहां से सामान लदे ट्रक नहीं गुजर पाते हैं। भारी मात्रा में मलबा पसरने से यहां पर सड़क काफी ऊंची (खड़ी) हो गई है। कर्मी के लिए सामान ले जा रहे ट्रकों से पहले सामान उतारना पड़ता है फिर 10 किमी दूर कर्मी तक छोटे वाहनों से सामान ले जाया जाता है। इस स्थान पर कई वाहन पलट चुके हैं लेकिन सड़क पर गिरे मलबे की सफाई नहीं की जा रही है। यह पूरी सड़क गड्ढों में तब्दील है। सड़क की बदहाली से लोगों में नाराजगी है।
जब दुर्घटनाग्रस्त होते-होते बचा वाहन
बागेश्वर। हल्द्वानी से कर्मी के लिए सरिया और सीमेंट ले जा रहा कैंटर (यूके04सीबी3778) रविवार पौने तीन बजे ज्यों ही सरन में सड़क ऊंची होने वाले स्थान पर पहुंचा, आगे नहीं बढ़ पाया। कैंटर में सवार लोगों को कैंटर के टायरों में पत्थर लगाने पड़े। कैंटर में क्षमता के अनुसार 85 क्विंटल सरिया-सीमेंट भरा था। चालक दीपक चंद्र कोटवाल किसी तरह कैंटर को पीछे लेकर आया और सड़क के किनारे खड़ा कर दिया। कैंटर चालक की दिक्कत को बदहाल संचार सेवा ने और बढ़ा दिया। बीएसएनएल के सिग्नल नहीं होने से वह सामान मालिक ठेकेदार को कैंटर फंसने की जानकारी भी नहीं दे पाया। करीब तीन घंटे बाद ठेकेदार नवीन परिहार कैंटर के ठोकर में फंसने का अंदेशा होने पर चार मजदूरों को लेकर मौके पर पहुंचा। कैंटर को निकालने की कोशिश की गई, इस प्रयास में कैंटर खाई में गिरते-गिरते बचा। इसके बाद ट्रक से सरिया और सीमेंट के कुछ कट्टों को उतारा गया तब जाकर मजदूरों की सहायता से कैंटर आगे बढ़ पाया।
विज्ञापन
मोड़ ऐसे कि एक बार पीछे ले जाने पड़ते हैं भारी वाहन
बागेश्वर। कपकोट-कर्मी सड़क बनाने में मानकों की धज्जियां उड़ाई गई हैं। कपकोट से कर्मी तक 23 किमी हिस्से में कई स्थानों पर ऐसे मोड़ काटे गए हैं, जिनमें बड़े वाहनों को एक बार पीछे ले जाकर मोड़ काटने पड़ते हैं। खस्ताहाल सड़क पर चलना जोखिम भरा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क निर्माण की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
सड़क को ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं। सरन में सड़क पर जमा मलबे को हटा कर सड़क को भारी वाहनों के गुजरने लायक बनाया जाएगा। - अनिल कुमार अधिशासी अभियंता पीएमजीएसवाई डिवीजन, कपकोट
विज्ञापन
करीब तीन साल पहले बरसात में कपकोट से 13 किमी आगे सरन नामक स्थान पर पहाड़ी दरकने से सड़क पर भारी मलबा आ गया था। यहां पर विभाग ने खानापूरी करते हुए सड़क यातायात के लिए सुचारु तो कर दी लेकिन मलबे को पूरी तरह नहीं हटाया। इस वजह से सड़क पर एक तरह से मलबे का टीला बन गया, जहां से सामान लदे ट्रक नहीं गुजर पाते हैं। भारी मात्रा में मलबा पसरने से यहां पर सड़क काफी ऊंची (खड़ी) हो गई है। कर्मी के लिए सामान ले जा रहे ट्रकों से पहले सामान उतारना पड़ता है फिर 10 किमी दूर कर्मी तक छोटे वाहनों से सामान ले जाया जाता है। इस स्थान पर कई वाहन पलट चुके हैं लेकिन सड़क पर गिरे मलबे की सफाई नहीं की जा रही है। यह पूरी सड़क गड्ढों में तब्दील है। सड़क की बदहाली से लोगों में नाराजगी है।
विज्ञापन
जब दुर्घटनाग्रस्त होते-होते बचा वाहन
बागेश्वर। हल्द्वानी से कर्मी के लिए सरिया और सीमेंट ले जा रहा कैंटर (यूके04सीबी3778) रविवार पौने तीन बजे ज्यों ही सरन में सड़क ऊंची होने वाले स्थान पर पहुंचा, आगे नहीं बढ़ पाया। कैंटर में सवार लोगों को कैंटर के टायरों में पत्थर लगाने पड़े। कैंटर में क्षमता के अनुसार 85 क्विंटल सरिया-सीमेंट भरा था। चालक दीपक चंद्र कोटवाल किसी तरह कैंटर को पीछे लेकर आया और सड़क के किनारे खड़ा कर दिया। कैंटर चालक की दिक्कत को बदहाल संचार सेवा ने और बढ़ा दिया। बीएसएनएल के सिग्नल नहीं होने से वह सामान मालिक ठेकेदार को कैंटर फंसने की जानकारी भी नहीं दे पाया। करीब तीन घंटे बाद ठेकेदार नवीन परिहार कैंटर के ठोकर में फंसने का अंदेशा होने पर चार मजदूरों को लेकर मौके पर पहुंचा। कैंटर को निकालने की कोशिश की गई, इस प्रयास में कैंटर खाई में गिरते-गिरते बचा। इसके बाद ट्रक से सरिया और सीमेंट के कुछ कट्टों को उतारा गया तब जाकर मजदूरों की सहायता से कैंटर आगे बढ़ पाया।
विज्ञापन
मोड़ ऐसे कि एक बार पीछे ले जाने पड़ते हैं भारी वाहन
बागेश्वर। कपकोट-कर्मी सड़क बनाने में मानकों की धज्जियां उड़ाई गई हैं। कपकोट से कर्मी तक 23 किमी हिस्से में कई स्थानों पर ऐसे मोड़ काटे गए हैं, जिनमें बड़े वाहनों को एक बार पीछे ले जाकर मोड़ काटने पड़ते हैं। खस्ताहाल सड़क पर चलना जोखिम भरा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क निर्माण की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
सड़क को ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं। सरन में सड़क पर जमा मलबे को हटा कर सड़क को भारी वाहनों के गुजरने लायक बनाया जाएगा। - अनिल कुमार अधिशासी अभियंता पीएमजीएसवाई डिवीजन, कपकोट

कपकोट-कर्मी सड़क पर सरन के पास इतनी ऊंची हो गई है सड़क। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : BAGESHWAR