{"_id":"6ad664f7e60301fd36052ec4","slug":"recognized-up-to-the-eighth-grade-yet-classes-are-being-conducted-up-to-the-intermediate-level-bageshwar-news-c-231-1-bgs1001-128825-2026-10-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bageshwar News: आठवीं तक की मान्यता, पर इंटर तक की कक्षाएं हो रहीं संचालित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bageshwar News: आठवीं तक की मान्यता, पर इंटर तक की कक्षाएं हो रहीं संचालित
Tue, 20 Oct 2026 12:14 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Tue, 20 Oct 2026 12:14 AM IST
विज्ञापन
बागेश्वर। जिले में निजी शिक्षण संस्थानों की मनमानी और विभागीय निगरानी तंत्र की ढिलाई का बड़ा मामला सामने आया है। कपकोट क्षेत्र स्थित एक निजी विद्यालय के निरीक्षण के दौरान सामने आई गंभीर खामियों के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। प्रभारी सीईओ ने बीते दिनों निरीक्षण के बाद विद्यालय प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण तलब किया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर विद्यालय की मान्यता रद्द करने की संस्तुति भेजने की चेतावनी दी है।
प्रभारी सीईओ आशाराम ने बीते दिनों कपकोट क्षेत्र के निजी स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान नामी स्कूलों में कई अनियमितताएं पाई गईं। एक निजी विद्यालय के पास केवल कक्षा आठ तक की ही मान्यता है, लेकिन वहां कई वर्षों से अवैध रूप से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की कक्षाएं संचालित की जा रही थीं। इसके अलावा नर्सरी के छोटे बच्चों के लिए बने शौचालय में न तो रोशनदान था और न ही बिजली का कोई इंतजाम, जिससे हमेशा अप्रिय घटना का खतरा बना हुआ था। छात्रों का शैक्षिक स्तर भी कक्षा के अनुकूल नहीं पाया गया।
जिले में बिना डर के चल रहा मनमानी का खेल
यह तो महज एक बानगी है। जिले भर में कई ऐसे निजी विद्यालय धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं जो मानकों को ताक पर रखकर नौनिहालों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसे संस्थानों की नियमित जांच और मॉनिटरिंग के लिए जिले में कोई ठोस व्यवस्था और विभागीय अभियान लंबे समय से नहीं देखने को मिला है, जिससे निजी प्रबंधकों के हौसले बुलंद हैं।
विज्ञापन
कोट
छात्रों की सुरक्षा और शिक्षा की गुणवत्ता से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। संबंधित निजी विद्यालय को तीन दिन का समय दिया गया है। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो नियमानुसार मान्यता रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी। जिले के अन्य निजी स्कूलों की भी जांच कराई जाएगी और बिना मान्यता या मानकों के विपरीत चल रहे संस्थानों पर कड़ी कार्रवाई होगी। -आशाराम, प्रभारी सीईओ, बागेश्वर
विज्ञापन
प्रभारी सीईओ आशाराम ने बीते दिनों कपकोट क्षेत्र के निजी स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान नामी स्कूलों में कई अनियमितताएं पाई गईं। एक निजी विद्यालय के पास केवल कक्षा आठ तक की ही मान्यता है, लेकिन वहां कई वर्षों से अवैध रूप से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की कक्षाएं संचालित की जा रही थीं। इसके अलावा नर्सरी के छोटे बच्चों के लिए बने शौचालय में न तो रोशनदान था और न ही बिजली का कोई इंतजाम, जिससे हमेशा अप्रिय घटना का खतरा बना हुआ था। छात्रों का शैक्षिक स्तर भी कक्षा के अनुकूल नहीं पाया गया।
विज्ञापन
जिले में बिना डर के चल रहा मनमानी का खेल
यह तो महज एक बानगी है। जिले भर में कई ऐसे निजी विद्यालय धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं जो मानकों को ताक पर रखकर नौनिहालों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसे संस्थानों की नियमित जांच और मॉनिटरिंग के लिए जिले में कोई ठोस व्यवस्था और विभागीय अभियान लंबे समय से नहीं देखने को मिला है, जिससे निजी प्रबंधकों के हौसले बुलंद हैं।
विज्ञापन
कोट
छात्रों की सुरक्षा और शिक्षा की गुणवत्ता से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। संबंधित निजी विद्यालय को तीन दिन का समय दिया गया है। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो नियमानुसार मान्यता रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी। जिले के अन्य निजी स्कूलों की भी जांच कराई जाएगी और बिना मान्यता या मानकों के विपरीत चल रहे संस्थानों पर कड़ी कार्रवाई होगी। -आशाराम, प्रभारी सीईओ, बागेश्वर