{"_id":"6a08abb0af8484fcc00f67e6","slug":"rbsk-is-becoming-helpful-in-identifying-serious-diseases-bageshwar-news-c-231-1-shld1005-124916-2026-05-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bageshwar News: गंभीर बीमारियों की पहचान में सहायक बन रहा आरबीएसके","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bageshwar News: गंभीर बीमारियों की पहचान में सहायक बन रहा आरबीएसके
Sat, 16 May 2026 11:08 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Sat, 16 May 2026 11:08 PM IST
विज्ञापन
बागेश्वर। एनएचम के तहत चलाया जा रहा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम का बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और गंभीर बीमारियों को समय पर पहचानने में लाभदायक साबित हो रहा है। कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों का भ्रमण कर बच्चों की स्वास्थ्य जांच करती हैं।
वर्ष 2025-26 में विभाग की टीम ने लक्ष्य के अनुरूप 764 विद्यालयों में भ्रमण किया। इस दौरान 25,823 बच्चों की स्वास्थ्य जांच के लक्ष्य के सापेक्ष 24,506 बच्चों की स्वास्थ्य जांच की। 826 आंगनबाड़ी केंद्रों में 1422 भ्रमण किए। 22,278 बच्चों की जांच के लक्ष्य के सापेक्ष 19,962 का स्वास्थ्य जांचा गया। पूरे साल विभाग ने 51,831 बच्चों की स्वास्थ्य जांच की। इनमें 2031 बच्चों में अलग-अलग बीमारियां मिली जिन्हें जरूरी इलाज और विशेषज्ञों की जांच के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया।
सीएमओ डॉ. कुमार आदित्य तिवारी ने बताया कि आरबीएसके के तहत बच्चों में जन्मजात विकार, हृदय रोग, दृष्टि व श्रवण समस्याएं, कटे होंठ व तालु, क्लब फुट, विकास संबंधी विलंब, ऑटिज्म आदि बीमारियों की पहचान समय पर हो जाती है। बच्चों में बीमारियों की प्रारंभिक पहचान होने पर उनका समय पर इलाज किया जाता है। आगे भी विभाग की ओर से विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में नियमित स्वास्थ्य जांच अभियान जारी रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
वर्ष 2025-26 में विभाग की टीम ने लक्ष्य के अनुरूप 764 विद्यालयों में भ्रमण किया। इस दौरान 25,823 बच्चों की स्वास्थ्य जांच के लक्ष्य के सापेक्ष 24,506 बच्चों की स्वास्थ्य जांच की। 826 आंगनबाड़ी केंद्रों में 1422 भ्रमण किए। 22,278 बच्चों की जांच के लक्ष्य के सापेक्ष 19,962 का स्वास्थ्य जांचा गया। पूरे साल विभाग ने 51,831 बच्चों की स्वास्थ्य जांच की। इनमें 2031 बच्चों में अलग-अलग बीमारियां मिली जिन्हें जरूरी इलाज और विशेषज्ञों की जांच के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया।
विज्ञापन
सीएमओ डॉ. कुमार आदित्य तिवारी ने बताया कि आरबीएसके के तहत बच्चों में जन्मजात विकार, हृदय रोग, दृष्टि व श्रवण समस्याएं, कटे होंठ व तालु, क्लब फुट, विकास संबंधी विलंब, ऑटिज्म आदि बीमारियों की पहचान समय पर हो जाती है। बच्चों में बीमारियों की प्रारंभिक पहचान होने पर उनका समय पर इलाज किया जाता है। आगे भी विभाग की ओर से विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में नियमित स्वास्थ्य जांच अभियान जारी रहेगा।
विज्ञापन