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डॉक्टरों का प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी, मांगों पर अडिग
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बागेश्वर में मांगों को लेकर नारेबाजी करते डॉक्टर। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर/अल्मोड़ा। वेतन में कटौती समेत विभिन्न मांगों को लेकर डॉक्टरों ने तीसरे दिन भी बांहों में काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। सात सितंबर तक मांगे पूरी नहीं पर डॉक्टरों ने सामूहिक इस्तीफा देने की चेतावनी दी है।
सरकार के रवैये से नाराज बागेश्वर जिला चिकित्सालय के डॉक्टरों ने कहा कि कोरोना काल में उनके साथ जो सलूक किया जा रहा है, वह अन्यायपूूर्ण है। कोरोना के बीच पूरी मेहनत के साथ कार्य करने पर अन्य राज्यों में डॉक्टरों को प्रोत्साहन राशि मिल रही है लेकिन यहां उनका वेतन काटा जा रहा है। उनके कार्यों में प्रशासनिक हस्तक्षेप कर उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाई जा रही है। पीजी कोर्स के लिए भेजे गए डॉक्टरों को पूरा वेतन नहीं दिया जा रहा है। डॉक्टरों ने कहा कि सरकार उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं लेती है तो वह आठ सितंबर को सामूहिक इस्तीफा और वीआरएस लेंगे। प्रदर्शन करने वालों में डॉ. मनीष पंत, डॉ. राजीव उपाध्याय, डॉ. मुन्ना लाल, डॉ. देवेश तिवारी, डॉ. नमन शर्मा आदि शामिल थे।
अल्मोड़ा में हुई बैठक में वक्ताओं ने बीते छह माह से कई डॉक्टरों ने बिना अवकाश के कार्य किया है लेकिन सरकार ने उनके मनोबल को गिराने का काम किया है। मुख्यमंत्री की घोषणाओं का भी अब तक कोई शासनादेश जारी नहीं हो पाया है। डॉक्टरों ने जल्द मांग पूरी नहीं होने पर कार्यबहिष्कार और सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी दी है। वहां बेस अस्पताल के पीएमएस डॉ. एचसी गढ़कोटी, डॉ. दीपांकर डैनियल, डॉ. पीके मेहता, डॉ. सीएस मार्छाल, डॉ. पीडी पंगरिया, डॉ. राहुल प्रधान आदि थे।
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सरकार के रवैये से नाराज बागेश्वर जिला चिकित्सालय के डॉक्टरों ने कहा कि कोरोना काल में उनके साथ जो सलूक किया जा रहा है, वह अन्यायपूूर्ण है। कोरोना के बीच पूरी मेहनत के साथ कार्य करने पर अन्य राज्यों में डॉक्टरों को प्रोत्साहन राशि मिल रही है लेकिन यहां उनका वेतन काटा जा रहा है। उनके कार्यों में प्रशासनिक हस्तक्षेप कर उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाई जा रही है। पीजी कोर्स के लिए भेजे गए डॉक्टरों को पूरा वेतन नहीं दिया जा रहा है। डॉक्टरों ने कहा कि सरकार उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं लेती है तो वह आठ सितंबर को सामूहिक इस्तीफा और वीआरएस लेंगे। प्रदर्शन करने वालों में डॉ. मनीष पंत, डॉ. राजीव उपाध्याय, डॉ. मुन्ना लाल, डॉ. देवेश तिवारी, डॉ. नमन शर्मा आदि शामिल थे।
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अल्मोड़ा में हुई बैठक में वक्ताओं ने बीते छह माह से कई डॉक्टरों ने बिना अवकाश के कार्य किया है लेकिन सरकार ने उनके मनोबल को गिराने का काम किया है। मुख्यमंत्री की घोषणाओं का भी अब तक कोई शासनादेश जारी नहीं हो पाया है। डॉक्टरों ने जल्द मांग पूरी नहीं होने पर कार्यबहिष्कार और सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी दी है। वहां बेस अस्पताल के पीएमएस डॉ. एचसी गढ़कोटी, डॉ. दीपांकर डैनियल, डॉ. पीके मेहता, डॉ. सीएस मार्छाल, डॉ. पीडी पंगरिया, डॉ. राहुल प्रधान आदि थे।
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