फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Bageshwar News ›   Production of vegetable kale has started in bageshwar

खंतोली के खेतों में केल का कमाल: गांव की तीन उत्साही महिलाओं ने किया सफल उत्पाद, मुनस्यारी से लाए बीज

Fri, 11 Jul 2025 12:29 PM IST
हीरा मेहरा कमल कांडपाल, संवाद
कमल कांडपाल, संवाद Published by: हीरा मेहरा Updated Fri, 11 Jul 2025 12:29 PM IST
सार

बागेश्वर जिले में गोभी परिवार से ताल्लुक रखने वाली सब्जी केल का उत्पादन होने लगा है। कांडा तहसील क्षेत्र की तीन महिलाओं ने पहली बार अपने खेतों में इसे परीक्षण के तौर पर उगाया।

विज्ञापन
Production of vegetable kale has started in bageshwar
केल की खेती - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बागेश्वर जिले में गोभी परिवार से ताल्लुक रखने वाली सब्जी केल का उत्पादन होने लगा है। कांडा तहसील क्षेत्र की तीन महिलाओं ने पहली बार अपने खेतों में इसे परीक्षण के तौर पर उगाया। परीक्षण सफल होने के बाद उद्यान विभाग पूरे जिले के किसानों को केल की खेती के लिए प्रेरित करने की योजना बना रहा है। खंतोली की भगवती पंत, चंद्रा पंत और कल्पना पंत ने पहली बार मुनस्यारी में केल सब्जी के बारे में सुना। उन्हें इसका स्वाद बेहद पसंद आया तो वापसी में वह सब्जी के बीज भी उठाकर लाईं।

विज्ञापन


गांव आने के बाद महिलाओं ने उद्यान विभाग के सचल दल केंद्र प्रभारी कमल पंत से जिक्र किया और उनकी राय लेकर अक्तूब-2024 में खुले खेत में इसके बीजों की बोवाई की। एक महीने बाद ही केल की पत्तियां सब्जी बनाने लायक हो गईं थी। नवंबर से जून तक महिलाओं ने पत्तियों का प्रयोग किया।
विज्ञापन


सब्जी बनाओ या कच्चा खाओ, हर हाल में गुणकारी
कृषि विज्ञान केंद्र काफलीगैर के प्रभारी डॉ. राजकुमार ने बताया कि केल हरी पत्तेदार सब्जी है, जो ठंडी और शुष्क जलवायु में पैदा होती है। पाला गिरने से भी इसकी पत्तियों को नुकसान नहीं होता है। केल के पत्तों से हरी सब्जी बनती है, इसे सलाद के रूप में कच्चा भी खाया जाता है। विटामिन, खनिज और एंटी ऑक्सिडेंट से भरपूर केल का सेवन मधुमेह, हृदय रोग, कैंसर जैसी बीमारियों को रोकने में मदद करता है। इसमें विटामिन ए, सी, के, पोटेशियम, आयरन आदि मिनरल्स पाए जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


कांडा क्षेत्र में केल का उत्पादन होना जिले के किसानों के लिए अच्छी खबर है। कपकोट, दुगनाकुरी, कौसानी आदि क्षेत्रों में भी इसकी अच्छी पैदावार हो सकती है। विभाग इन क्षेत्रों के किसानों को केल के उत्पादन के लिए जागरूक करेगा। किसान इससे अच्छी आय भी अर्जित कर सकते हैं। आरके सिंह, जिला उद्यान अधिकारी, बागेश्वर

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed