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किर्साण महोत्सव में अणां गांव प्रेमा देवी रही प्रथम
Tue, 18 Dec 2018 11:33 PM IST
Almora desk
अमर उजाला ब्यूरो, गरुड़ (बागेश्वर)।
अमर उजाला ब्यूरो, गरुड़ (बागेश्वर)।
Published by: Almora desk
Updated Tue, 18 Dec 2018 11:33 PM IST
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किर्साण महोत्सव में बाजे गाजों के साथ लोकगीत गाते किर्साण महोत्सव के सदस्य
- फोटो : अमर उजाला
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हितैषी संस्था के तत्वावधान में आयोजित तृतीय किर्साण महोत्सव में अणां गांव की प्रेमा देवी प्रथम, पाये गांव की भागीरथी ने द्वितीय, छत्यानी की भावना ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। महोत्सव में महिलाओं और बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए।
राजकीय इंटर कॉलेज बंतोली में आयोजित इस महोत्सव में आयोजक संस्था की ओर से प्रथम स्थान अर्जित करने वाली अणां गांव की प्रेमा देवी को 12 हजार, द्वितीय स्थान पर रही पाये गांव की भागीरथी देवी को 10 हजार और तीसरे स्थान पर रही छत्यानी गांव की भावना देवी को आठ हजार का नकद पुरस्कार दिया। इसके अलावा सेलखोला की चंपा, रतमटिया की सुमन, अमोली की लता को 2100 -2100 का नकद इनाम और शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। सांत्वना पुरस्कार रूप में मुन्नी (डुंगलोट), सरोज देवी (क्षेत्रपाल), रेखा (गलई), भगवती (पासतोली), चंपा (कौलाग) को 11-11 सौ रुपये का पुरस्कार और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि मैती के जनक डॉ. कल्याण सिंह रावत ने कहा कि किर्साण महोत्सव किसानों को आगे बढ़ाने में अपनी अहम भूमिका निभाएगा। विशिष्ट अतिथि कर्नल गंगा सिंह बिष्ट ने कहा कि जैविक खेती और किसानों के सम्मान से पहाड़ से पलायन रुकेगा। रामनगर से आये कल्पतरु के मितेष गौड़ ने भी विचार रखे। हितैषी संस्था के सचिव डॉ. किसन राणा ने महोत्सव के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में मोहन सिंह बोरा, लक्ष्मी पांडे, लक्ष्मण राम, अर्जुन राणा, डीके जोशी, राजेंद्र बिष्ट, योगेश पंत,नीमा, पुष्पा, गीता, गोविंद डसीला, चंद्रशेखर जोशी, लोकगायिका कमला, सिरोमणी पंत, हरीश पाठक, वीरेंद्र पाल आदि ने विचार रखे। अध्यक्षता जमनालाल पुरस्कार से सम्मानित राधा बहन ने और संचालन कैलाश बोरा ने किया।
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राजकीय इंटर कॉलेज बंतोली में आयोजित इस महोत्सव में आयोजक संस्था की ओर से प्रथम स्थान अर्जित करने वाली अणां गांव की प्रेमा देवी को 12 हजार, द्वितीय स्थान पर रही पाये गांव की भागीरथी देवी को 10 हजार और तीसरे स्थान पर रही छत्यानी गांव की भावना देवी को आठ हजार का नकद पुरस्कार दिया। इसके अलावा सेलखोला की चंपा, रतमटिया की सुमन, अमोली की लता को 2100 -2100 का नकद इनाम और शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। सांत्वना पुरस्कार रूप में मुन्नी (डुंगलोट), सरोज देवी (क्षेत्रपाल), रेखा (गलई), भगवती (पासतोली), चंपा (कौलाग) को 11-11 सौ रुपये का पुरस्कार और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
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मुख्य अतिथि मैती के जनक डॉ. कल्याण सिंह रावत ने कहा कि किर्साण महोत्सव किसानों को आगे बढ़ाने में अपनी अहम भूमिका निभाएगा। विशिष्ट अतिथि कर्नल गंगा सिंह बिष्ट ने कहा कि जैविक खेती और किसानों के सम्मान से पहाड़ से पलायन रुकेगा। रामनगर से आये कल्पतरु के मितेष गौड़ ने भी विचार रखे। हितैषी संस्था के सचिव डॉ. किसन राणा ने महोत्सव के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में मोहन सिंह बोरा, लक्ष्मी पांडे, लक्ष्मण राम, अर्जुन राणा, डीके जोशी, राजेंद्र बिष्ट, योगेश पंत,नीमा, पुष्पा, गीता, गोविंद डसीला, चंद्रशेखर जोशी, लोकगायिका कमला, सिरोमणी पंत, हरीश पाठक, वीरेंद्र पाल आदि ने विचार रखे। अध्यक्षता जमनालाल पुरस्कार से सम्मानित राधा बहन ने और संचालन कैलाश बोरा ने किया।
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