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Bageshwar News: हैंडओवर होने से पहले ही टपकने लगी राइंका कपकोट के भवन की छत
Tue, 29 Jul 2025 12:36 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Tue, 29 Jul 2025 12:36 AM IST
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राइंका कपकोट का नवनिर्मित भवन। संवाद
कपकोट (बागेश्वर)। राजकीय इंटर कॉलेज के नए भवन के हैंडओवर होने से पहले ही गुणवत्ता की पोल खुलने लगी है। बारिश होने पर भवन की छत से पानी टपक रहा है। दीवारों पर भी सीलन हो रही है। लंबे समय से भवन के बनने का इंतजार कर रहे छात्र-छात्राओं को जल्द सुविधा मिलने की उम्मीद नहीं है।
कपकोट इंटर काॅलेज की वर्तमान छात्र संख्या 400 है। स्कूल में 3.2 करोड़ रुपये से नए भवन का निर्माण किया जा रहा है। वर्ष 2016 में भवन का प्रस्ताव तैयार किया। 2021 में शासन से स्वीकृति प्राप्त हुई थी। 2023 में निविदा प्रक्रिया पूरी करने के बाद मई में निर्माण कार्य शुरू हो गया। छह महीने के भीतर काम पूरा करने का लक्ष्य रखा लेकिन अब तक भवन हैंडओवर नहीं हो सका है। भवन में एक साल पहले छत डाली थी, वह टपकने लगी है। इससे पूर्व भी छत में दिक्कत होने पर कार्यदायी संस्था ने ट्रीटमेंट करवाया था। इसके बावजूद समस्या बनी हुई है। कार्यदायी संस्था की मानें तो इस साल सर्दियों में भवन को हैंडओवर किया जाएगा।
भवन में सीलन की परेशानी के बाद कार्यदायी संस्था ने ट्रीटमेंट किया है। भवन को हस्तांतरण से पूर्व भलीभांति चेक किया जाएगा। सभी दिक्कतों को दूर करने के बाद ही हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। - जीएस सौन, सीईओ बागेश्वर
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कपकोट इंटर काॅलेज की वर्तमान छात्र संख्या 400 है। स्कूल में 3.2 करोड़ रुपये से नए भवन का निर्माण किया जा रहा है। वर्ष 2016 में भवन का प्रस्ताव तैयार किया। 2021 में शासन से स्वीकृति प्राप्त हुई थी। 2023 में निविदा प्रक्रिया पूरी करने के बाद मई में निर्माण कार्य शुरू हो गया। छह महीने के भीतर काम पूरा करने का लक्ष्य रखा लेकिन अब तक भवन हैंडओवर नहीं हो सका है। भवन में एक साल पहले छत डाली थी, वह टपकने लगी है। इससे पूर्व भी छत में दिक्कत होने पर कार्यदायी संस्था ने ट्रीटमेंट करवाया था। इसके बावजूद समस्या बनी हुई है। कार्यदायी संस्था की मानें तो इस साल सर्दियों में भवन को हैंडओवर किया जाएगा।
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भवन में सीलन की परेशानी के बाद कार्यदायी संस्था ने ट्रीटमेंट किया है। भवन को हस्तांतरण से पूर्व भलीभांति चेक किया जाएगा। सभी दिक्कतों को दूर करने के बाद ही हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। - जीएस सौन, सीईओ बागेश्वर
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