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Bageshwar News: सेरी के आपदा प्रभावित नौ परिवारों के विस्थापन की कवायद शुरू
Thu, 29 May 2025 11:59 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Thu, 29 May 2025 11:59 PM IST
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बागेश्वर। आपदा प्रभावित सेरी गांव के नौ परिवारों के विस्थापन की कवायद शुरू हो गई है। प्रशासन की टीम ने गांव जाकर भूमि का चयन किया। चयनित भूमि की जांच के बाद शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा।
बृहस्पतिवार को एसडीएम डॉ. ललित मोहन तिवारी, भू वैज्ञानिक डॉ. सुनील दत्त समेत राजस्व औन वन विभाग की टीम सेरी गांव पहुंची। एसडीएम तिवारी ने बताया कि गांव के आपदा प्रभावित मंगला देवी पत्नी धन राम, रेनू देवी पत्नी तेज राम, विमला देवी पत्नी लछम राम, सुनीता देवी पत्नी हरीश राम, चंपा देवी पत्नी खीम राम, नीमा देवी पत्नी गोपाल राम, भागुली देवी पत्नी हर राम, वंदना देवी पत्नी राजेंद्र सिंह और माधवी देवी पत्नी प्रताप राम के परिवार लंबे समय से विस्थापन की बाट जोह रहे थे।
गांव में इन लोगों के पास अपनी भूमि नहीं थी। भूमिहीन होने के कारण इनके लिए गांव के गौचर की जमीन चयनित की गई है। टीम ने निरीक्षण कर लिया है। भू-वैज्ञानिक भी स्थलीय निरीक्षण पर थे। उनकी जांच रिपोर्ट आने के बाद प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। शासन से स्वीकृति मिलते ही प्रभावितों के विस्थापन की तैयारी शुरू कर दी जाएगी। इस मौके पर रेंजर प्रदीप कांडपाल, तहसीलदार कांडा निमिशा, निवर्तमान ग्राम प्रधान राजेंद्र धामी आदि मौजूद रहे।
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आपदा से पड़ गई थीं गांव में दरारें
बागेश्वर। सेरी गांव में वर्ष 2005 से आपदा की मार पड़ने लगी थी। वर्ष 2013 में आई आपदा में ढोल्यूड़ा और घाड़ी तोक में जमीन धंसने से लोगों के लिए खतरा बढ़ गया था। कई लोगों ने गांव में अन्यत्र मकान बना लिए थे। कुछ परिवार अब भी विस्थापन की राह देख रहे हैं। अब प्रशासन के जमीन चयनित करने के बाद इनका इंतजार जल्द खत्म होने की आस है।
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बृहस्पतिवार को एसडीएम डॉ. ललित मोहन तिवारी, भू वैज्ञानिक डॉ. सुनील दत्त समेत राजस्व औन वन विभाग की टीम सेरी गांव पहुंची। एसडीएम तिवारी ने बताया कि गांव के आपदा प्रभावित मंगला देवी पत्नी धन राम, रेनू देवी पत्नी तेज राम, विमला देवी पत्नी लछम राम, सुनीता देवी पत्नी हरीश राम, चंपा देवी पत्नी खीम राम, नीमा देवी पत्नी गोपाल राम, भागुली देवी पत्नी हर राम, वंदना देवी पत्नी राजेंद्र सिंह और माधवी देवी पत्नी प्रताप राम के परिवार लंबे समय से विस्थापन की बाट जोह रहे थे।
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गांव में इन लोगों के पास अपनी भूमि नहीं थी। भूमिहीन होने के कारण इनके लिए गांव के गौचर की जमीन चयनित की गई है। टीम ने निरीक्षण कर लिया है। भू-वैज्ञानिक भी स्थलीय निरीक्षण पर थे। उनकी जांच रिपोर्ट आने के बाद प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। शासन से स्वीकृति मिलते ही प्रभावितों के विस्थापन की तैयारी शुरू कर दी जाएगी। इस मौके पर रेंजर प्रदीप कांडपाल, तहसीलदार कांडा निमिशा, निवर्तमान ग्राम प्रधान राजेंद्र धामी आदि मौजूद रहे।
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आपदा से पड़ गई थीं गांव में दरारें
बागेश्वर। सेरी गांव में वर्ष 2005 से आपदा की मार पड़ने लगी थी। वर्ष 2013 में आई आपदा में ढोल्यूड़ा और घाड़ी तोक में जमीन धंसने से लोगों के लिए खतरा बढ़ गया था। कई लोगों ने गांव में अन्यत्र मकान बना लिए थे। कुछ परिवार अब भी विस्थापन की राह देख रहे हैं। अब प्रशासन के जमीन चयनित करने के बाद इनका इंतजार जल्द खत्म होने की आस है।