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Bageshwar News: गर्भवती महिलाओं को रुपये चुकाकर कराना पड़ा अल्ट्रासाउंड
Sat, 11 Mar 2023 11:31 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Sat, 11 Mar 2023 11:31 PM IST
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बागेश्वर। सरकार की ओर से गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड की निशुल्क व्यवस्था की गई है। इसके बावजूद लेटी गांव की दो महिलाओं को इस सुविधा का लाभ नहीं मिला। महिलाओं को जिला अस्पताल आकर निजी खर्च से अल्ट्रासाउंड कराना पड़ा। ग्राम प्रधान ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग की है।
लेटी के ग्राम प्रधान गोविंद सिंह ड्याराकोटी ने बताया कि शुक्रवार को गांव की गर्भवती महिला दीना ड्याराकोटी और रेनू देवी अल्ट्रासाउंड कराने के लिए जिला अस्पताल आईं। उनका जच्चा-बच्चा कार्ड भी बना था। जच्चा-बच्चा कार्ड पर निशुल्क अल्ट्रासाउंड कराने का प्रावधान है। अस्पताल कर्मियों ने दोनों महिलाओं का जच्चा-बच्चा कार्ड जनरेट नहीं होने की जानकारी दी। बताया कि उन लोगों को 570-570 रुपये का भुगतान करना होगा।
गर्भवती महिलाओं ने जच्चा-बच्चा कार्ड दिखाते हुए कहा कि कार्ड जनरेट नहीं होने के लिए वे लोग जिम्मेदार नहीं हैं लिहाजा उनका निशुल्क अल्ट्रासाउंड कराया जाए लेकिन अस्पताल कर्मी ने नियमों का हवाला देते हुए महिलाओं से भुगतान करने के लिए कहा। रकम भुगतान करने के बाद ही इन लोगों का अल्ट्रासाउंड हो पाया। ग्राम प्रधान ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का खामियाजा गर्भवती महिलाओं को भुगतना पड़ा। उन्होंने प्राथमिकता से जच्चा-बच्चा कार्ड जनरेट कराने की मांग करते हुए कहा कि इसकी मानीटरिंग होनी चाहिए।
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जच्चा-बच्चा कार्ड जनरेट होने को लेकर संशय था। दोनों महिलाओं को अल्ट्रासाउंड की रकम वापस दिलाई जाएगी। इस संबंध में दोनों महिलाओं से बात भी की गई है।
डॉ. दीपक कुमार, एमओआईसी बागेश्वर
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लेटी के ग्राम प्रधान गोविंद सिंह ड्याराकोटी ने बताया कि शुक्रवार को गांव की गर्भवती महिला दीना ड्याराकोटी और रेनू देवी अल्ट्रासाउंड कराने के लिए जिला अस्पताल आईं। उनका जच्चा-बच्चा कार्ड भी बना था। जच्चा-बच्चा कार्ड पर निशुल्क अल्ट्रासाउंड कराने का प्रावधान है। अस्पताल कर्मियों ने दोनों महिलाओं का जच्चा-बच्चा कार्ड जनरेट नहीं होने की जानकारी दी। बताया कि उन लोगों को 570-570 रुपये का भुगतान करना होगा।
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गर्भवती महिलाओं ने जच्चा-बच्चा कार्ड दिखाते हुए कहा कि कार्ड जनरेट नहीं होने के लिए वे लोग जिम्मेदार नहीं हैं लिहाजा उनका निशुल्क अल्ट्रासाउंड कराया जाए लेकिन अस्पताल कर्मी ने नियमों का हवाला देते हुए महिलाओं से भुगतान करने के लिए कहा। रकम भुगतान करने के बाद ही इन लोगों का अल्ट्रासाउंड हो पाया। ग्राम प्रधान ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का खामियाजा गर्भवती महिलाओं को भुगतना पड़ा। उन्होंने प्राथमिकता से जच्चा-बच्चा कार्ड जनरेट कराने की मांग करते हुए कहा कि इसकी मानीटरिंग होनी चाहिए।
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जच्चा-बच्चा कार्ड जनरेट होने को लेकर संशय था। दोनों महिलाओं को अल्ट्रासाउंड की रकम वापस दिलाई जाएगी। इस संबंध में दोनों महिलाओं से बात भी की गई है।
डॉ. दीपक कुमार, एमओआईसी बागेश्वर