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Bageshwar News: बरसात में पानी की किल्लत, जो मिल रहा वह दूषित
Mon, 17 Jul 2023 12:36 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Mon, 17 Jul 2023 12:36 AM IST
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बागेश्वर। सरयू और गोमती के तट पर बसे बागेश्वर के लोगों को बरसात में भी पानी नहीं मिल पा रहा है। जो पानी नलों में आ रहा है वह भी दूषित है और पीने लायक नहीं है।
करीब 30 हजार आबादी वाले बागेश्वर नगर को हर रोज 5.5 एमएलडी पानी की जरूरत है। कई योजनाओं से केवल तीन एमएलडी पानी मिल पाता है। इस प्रकार नगर में हर रोज ढाई एमएलडी पानी की कमी है। पानी की कमी के कारण नगर के मंडलसेरा, तहसील रोड, मजियाखेत, सैंज, कफलखेत आदि इलाकों में एक दिन छोड़कर पानी दिया जाता है।
नलों में बेहद मटमैला पानी आ रहा है। गंदे पानी की आपूर्ति से बीमारियां फैलने का खतरा पैदा हो गया है। जल संस्थान की फिल्ट्रेशन व्यवस्था पर भी इससे गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पानी को बगैर फिल्टर किए ही आपूर्ति कर दी जा रही है। जल संस्थान के ईई सीएस देवड़ी का कहना है कि पानी की कमी के कारण कई इलाकों को रोटेशन में पानी देना पड़ता है। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण मटमैला पानी आ गया होगा। फिल्ट्रेशन व्यवस्था को दिखवाया जाएगा।
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करीब 30 हजार आबादी वाले बागेश्वर नगर को हर रोज 5.5 एमएलडी पानी की जरूरत है। कई योजनाओं से केवल तीन एमएलडी पानी मिल पाता है। इस प्रकार नगर में हर रोज ढाई एमएलडी पानी की कमी है। पानी की कमी के कारण नगर के मंडलसेरा, तहसील रोड, मजियाखेत, सैंज, कफलखेत आदि इलाकों में एक दिन छोड़कर पानी दिया जाता है।
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नलों में बेहद मटमैला पानी आ रहा है। गंदे पानी की आपूर्ति से बीमारियां फैलने का खतरा पैदा हो गया है। जल संस्थान की फिल्ट्रेशन व्यवस्था पर भी इससे गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पानी को बगैर फिल्टर किए ही आपूर्ति कर दी जा रही है। जल संस्थान के ईई सीएस देवड़ी का कहना है कि पानी की कमी के कारण कई इलाकों को रोटेशन में पानी देना पड़ता है। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण मटमैला पानी आ गया होगा। फिल्ट्रेशन व्यवस्था को दिखवाया जाएगा।
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