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Bageshwar News: एक्शन के बाद हरकत में आए, फिर मांगी तीन महीने की मोहलत
Sat, 01 Jun 2024 11:46 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Sat, 01 Jun 2024 11:46 PM IST
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बागेश्वर। सोराग में 75 प्रतिशत रकम आहरित करने के बाद भी सोराग मार्ग के पिंडारी नदी में मोटर पुल न बनने के मामले में डीएम की ठेकेदार को कालीसूची में डालने की संस्तुति के बाद कार्यदायी संस्था हरकत में आई है। स्थल पर पहुंचकर कार्यदायी संस्था के स्थानिक अभियंता ने पुल निर्माण के लिए तीन महीने की मोहलत मांगी है। इस दौरान ग्रामीणों ने अभियंताओं को खूब खरीखोटी सुनाई।
सोराग में चार करोड़ दस लाख की लागत से बनने वाले मोटर पुल का निर्माण अक्तूबर 2022 में पूरा हो जाना था लेकिन अब तक पुल के एक छोर का अबटमेंट तक नहीं बना है। बीते 27 मई को डीएम अनुराधा पाल ने पुल और सड़क निर्माण में अनियमितता को लेकर लोनिवि के सचिव को पत्र भेजकर पुल के ठेकेदार दलीप सिंह अधिकारी और दो सड़क निर्माण कंपनियों को काली सूची में डालने की संस्तुति की थी।
डीएम की संस्तुति से हरकत में आए पीएमजीएसवाई और वाॅप्कोस के अभियंता बीते बृहस्पतिवार को सोराग पहुंचे। ग्रामीणों ने सड़क की दुर्दशा और पुल न बनने को लेकर अभियंताओं को खूब खरीखोटी सुनाई। बातचीत का वीडियो भी वायरल हुआ है। सोराग की ग्राम प्रधान गीता देवी, गांव के लोगों के साथ ही उत्तराखंड बेरोजगार संगठन के मंडलीय संयोजक भूपेंद्र कोरंगा का कहना था कि सड़क और पुल निर्माण में सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। वॉप्कोस के स्थानिक अभियंता बिशन लाल का कहना था कि नदी तक एप्रोज रोड न बनने के कारण पुल की सामग्री नहीं पहुंच पा रही है।
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पीएमजीएसवाई डिविजन के ईई अंबरीश रावत का कहना था कि एप्रोज रोड बना दी गई थी। पहाड़ी टूटने से सुरक्षा दीवार ध्वस्त हो गई थी। ईई का कहना है कि चार-पांच दिन में एप्रोज सड़क नदी तक बन जाएगी। वॉप्कोस के स्थानिक अभियंता बिशन लाल ने ग्रामीणों को तीन महीने में पुल का निर्माण करने का भरोसा दिलाया। ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने (स्थानिक अभियंता) मार्च में पुल बनाने का लिखित आश्वासन दिया था जो झूठा साबित हुआ। ग्रामीणों ने कहा कि पुल निर्माण के लिए तीन महीने दस दिन का समय दिया जा रहा है। पुल नहीं बना तो फिर से आंदोलन किया जाएगा।
पेटी ठेकेदार ने दिखाया रौब
बागेश्वर। ग्रामीणों से अभियंताओं की वार्ता के दौरान पुल का काम करने वाले कथित पेटी ठेकेदार (मुख्य ठेकेदार का आदमी ) ग्रामीणों पर रौब जमाते, धमकाते दिखा। इसका वीडियो वायरल हुआ है। उक्त व्यक्ति पुल के ठेकेदार के काम की देखरेख करने वाला व्यक्ति (पेटी ठेकेदार) बताया जा रहा है। उक्त पेटी ठेकेदार से ग्रामीणों की झड़प हुई। सोराग की ग्राम प्रधान गीता देवी का कहना था कि पुल निर्माण में धांधली करने वाले ठेकेदार का आदमी ग्रामीणों को धमका रहा है जो किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। संवाद
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सोराग में चार करोड़ दस लाख की लागत से बनने वाले मोटर पुल का निर्माण अक्तूबर 2022 में पूरा हो जाना था लेकिन अब तक पुल के एक छोर का अबटमेंट तक नहीं बना है। बीते 27 मई को डीएम अनुराधा पाल ने पुल और सड़क निर्माण में अनियमितता को लेकर लोनिवि के सचिव को पत्र भेजकर पुल के ठेकेदार दलीप सिंह अधिकारी और दो सड़क निर्माण कंपनियों को काली सूची में डालने की संस्तुति की थी।
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डीएम की संस्तुति से हरकत में आए पीएमजीएसवाई और वाॅप्कोस के अभियंता बीते बृहस्पतिवार को सोराग पहुंचे। ग्रामीणों ने सड़क की दुर्दशा और पुल न बनने को लेकर अभियंताओं को खूब खरीखोटी सुनाई। बातचीत का वीडियो भी वायरल हुआ है। सोराग की ग्राम प्रधान गीता देवी, गांव के लोगों के साथ ही उत्तराखंड बेरोजगार संगठन के मंडलीय संयोजक भूपेंद्र कोरंगा का कहना था कि सड़क और पुल निर्माण में सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। वॉप्कोस के स्थानिक अभियंता बिशन लाल का कहना था कि नदी तक एप्रोज रोड न बनने के कारण पुल की सामग्री नहीं पहुंच पा रही है।
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पीएमजीएसवाई डिविजन के ईई अंबरीश रावत का कहना था कि एप्रोज रोड बना दी गई थी। पहाड़ी टूटने से सुरक्षा दीवार ध्वस्त हो गई थी। ईई का कहना है कि चार-पांच दिन में एप्रोज सड़क नदी तक बन जाएगी। वॉप्कोस के स्थानिक अभियंता बिशन लाल ने ग्रामीणों को तीन महीने में पुल का निर्माण करने का भरोसा दिलाया। ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने (स्थानिक अभियंता) मार्च में पुल बनाने का लिखित आश्वासन दिया था जो झूठा साबित हुआ। ग्रामीणों ने कहा कि पुल निर्माण के लिए तीन महीने दस दिन का समय दिया जा रहा है। पुल नहीं बना तो फिर से आंदोलन किया जाएगा।
पेटी ठेकेदार ने दिखाया रौब
बागेश्वर। ग्रामीणों से अभियंताओं की वार्ता के दौरान पुल का काम करने वाले कथित पेटी ठेकेदार (मुख्य ठेकेदार का आदमी ) ग्रामीणों पर रौब जमाते, धमकाते दिखा। इसका वीडियो वायरल हुआ है। उक्त व्यक्ति पुल के ठेकेदार के काम की देखरेख करने वाला व्यक्ति (पेटी ठेकेदार) बताया जा रहा है। उक्त पेटी ठेकेदार से ग्रामीणों की झड़प हुई। सोराग की ग्राम प्रधान गीता देवी का कहना था कि पुल निर्माण में धांधली करने वाले ठेकेदार का आदमी ग्रामीणों को धमका रहा है जो किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। संवाद