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खतरे की जद में खड़ा पौसारी गांव, विस्थापन की होनी चाहिए पहल : रावत

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 24 Apr 2026 11:09 PM IST
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Pausari village is in danger, initiative should be taken for its displacement: Rawat
बागेश्वर। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पौंसारी गांव को खतरे की जद में बताते हुए दोबारा आपदा से प्रभावित होने की आशंका जताई। उन्होंने कहा कि पौंसारी गांव को विस्थापित करने की जरूरत थी। अगर सरकार पूरे गांव का विस्थापन नहीं कर सकती थी तो खतरे वाले परिवारों को सुरक्षित स्थान बसाना चाहिए था।
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शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री रावत ने कनलगढ़ घाटी के आपदा प्रभावित गांव पौंसारी का भ्रमण कर पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि आपदा से गांव के पीछे बने दो-तीन नाले भविष्य में फिर से आपदा का कारण बन सकते हैं। उन्होंने क्षेत्र में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों पर निराशा जताई।
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उन्होंने कहा कि क्षेत्र में साल 2022 में आई आपदा को जख्म अब भरे जा रहे हैं। विगत 28 अगस्त को आई आपदा के कार्य कब होंगे, इसका कोई पता नहीं है। आपदा में मिले रुपये से बड़े काम किए जाने थे, लेकिन छोटे काम भी नहीं हो रहे हैं।
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हरदा ने कहा कि प्रशासन स्तर पर तो सक्रियता है लेकिन शासन स्तर पर उदासीनता बरती जा रही है। मंत्री आपदा प्रभावित क्षेत्रों की सुध नहीं ले रहे हैं। जिलाधिकारी स्तर पर सारे काम छोड़ दिए हैं। सुधारीकरण के कार्य में विभागों का समन्वय भी नहीं दिख रहा है। उन्होंने 2014 और 2026 में सहायता या मुआवजा राशि एक समान होने पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि राशि अब दोगुनी होनी चाहिए थी। उन्होंने सड़कों के दुरुस्त नहीं होने, गूल और पुलियाओं का काम पूरा नहीं होने को भी निराशाजनक बताया और गुणवत्ता में भी सुधार लाने की आवश्यकता बताई। इस मौके पर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अर्जुन भट्ट, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, गोपाल दत्त भट्ट, सुनील भंडारी आदि मौजूद रहे।


भाजपा की बदनीयती से पास नहीं हुआ विधेयक

पूर्व मुख्यमंत्री रावत ने लोकसभा में नारी शक्ति वंदन विधेयक के पास नहीं होने के लिए भाजपा की बदनीयती को कारण बताया। कहा कि महिला आरक्षण के क्रियान्वयन का विधेयक 2023 में सर्वसम्मति से पास था लेकिन भाजपा ने इसे परिसीमन के विधेयक से जोड़ दिया। परिसीमन पर कई सवाल होने के बावजूद महिला आरक्षण को उससे जोड़ना भाजपा षड्यंत्र था।

इनसेट
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पहले कहा था चुनाव नहीं लड़ूंगा, अब पार्टी का आदेश मानूंगा
पूर्व मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि पहले उन्होंने चुनाव नहीं लड़ने की बात कही थी लेकिन अर्जित अवकाश के बाद इसमें संशोधन कर दिया है। कहा कि अब पार्टी जो आदेश करेगी, उसका पालन करूंगा।
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