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Bageshwar News: योनो ऐप के नाम पर ठगे गए लाखों रुपये पुलिस ने कराए शत-प्रतिशत रिकवर
Fri, 30 Oct 2026 11:49 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Fri, 30 Oct 2026 11:49 PM IST
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बागेश्वर। साइबर सेल और थाना कांडा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए योनो ऐप के नाम पर हुई 4,69,999 रुपये की ऑनलाइन ठगी की पूरी राशि शत-प्रतिशत रिकवर कर ली है। रकम वापस मिलने पर पीड़ित बुजुर्ग ने पुलिस टीम का आभार जताया है।
बीते 17 अगस्त को अज्ञात साइबर ठगों ने बैंक अधिकारी बनकर थाना कांडा क्षेत्र के 77 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक दिनेश चंद्र जोशी को अपने जाल में फंसाया था। ठगों ने मोबाइल पर योनो ऐप खुलवाने के बहाने उनके बैंक खाते से 4,69,999 रुपये उड़ा लिए थे। साइबर सेल की तकनीकी टीम ने वित्तीय ट्रांजेक्शन चेन को ट्रैक करते हुए ठगी गई पूरी रकम को संदिग्ध खाते में तुरंत फ्रीज करा दिया। इसके बाद बैंकों से पत्राचार कर और न्यायालय के आदेश के माध्यम से संपूर्ण राशि पीड़ित के खाते में सकुशल वापस करा दी गई है।
साइबर सेल प्रभारी, मंजू पंवार ने बताया कि ज्यादातर मामलों में लोग ठगी का शिकार होने के बाद शिकायत दर्ज कराने में देरी कर देते हैं जिससे धोखाधड़ी के शुरुआती बेहद महत्वपूर्ण घंटे यानी गोल्डन आवर निकल जाते हैं। ठगी की घटना होने के तुरंत बाद यदि 1930 पर या साइबर सेल को सूचना दे दी जाए तो रकम को तुरंत होल्ड कराना आसान होता है। देरी होने पर ठग रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर निकाल लेते हैं जिससे रिकवरी में कठिनाई आती है।
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एसपी, जितेंद्र मेहरा ने बताया कि साइबर अपराधियों के खिलाफ जिले में पुलिस लगातार प्रभावी और सख्त कार्रवाई कर रही है। यह सफलता हमारी साइबर सेल की त्वरित तकनीकी दक्षता और समय पर की गई कार्रवाई का परिणाम है। आम जनता से अपील है कि किसी भी अनजान कॉल पर बैंक विवरण या ओटीपी साझा न करें और ठगी होने पर तुरंत 1930 पर सूचना दें।
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बीते 17 अगस्त को अज्ञात साइबर ठगों ने बैंक अधिकारी बनकर थाना कांडा क्षेत्र के 77 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक दिनेश चंद्र जोशी को अपने जाल में फंसाया था। ठगों ने मोबाइल पर योनो ऐप खुलवाने के बहाने उनके बैंक खाते से 4,69,999 रुपये उड़ा लिए थे। साइबर सेल की तकनीकी टीम ने वित्तीय ट्रांजेक्शन चेन को ट्रैक करते हुए ठगी गई पूरी रकम को संदिग्ध खाते में तुरंत फ्रीज करा दिया। इसके बाद बैंकों से पत्राचार कर और न्यायालय के आदेश के माध्यम से संपूर्ण राशि पीड़ित के खाते में सकुशल वापस करा दी गई है।
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साइबर सेल प्रभारी, मंजू पंवार ने बताया कि ज्यादातर मामलों में लोग ठगी का शिकार होने के बाद शिकायत दर्ज कराने में देरी कर देते हैं जिससे धोखाधड़ी के शुरुआती बेहद महत्वपूर्ण घंटे यानी गोल्डन आवर निकल जाते हैं। ठगी की घटना होने के तुरंत बाद यदि 1930 पर या साइबर सेल को सूचना दे दी जाए तो रकम को तुरंत होल्ड कराना आसान होता है। देरी होने पर ठग रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर निकाल लेते हैं जिससे रिकवरी में कठिनाई आती है।
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एसपी, जितेंद्र मेहरा ने बताया कि साइबर अपराधियों के खिलाफ जिले में पुलिस लगातार प्रभावी और सख्त कार्रवाई कर रही है। यह सफलता हमारी साइबर सेल की त्वरित तकनीकी दक्षता और समय पर की गई कार्रवाई का परिणाम है। आम जनता से अपील है कि किसी भी अनजान कॉल पर बैंक विवरण या ओटीपी साझा न करें और ठगी होने पर तुरंत 1930 पर सूचना दें।