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पारा भीड़ा की बसंती छ्योड़ी रुमा झूमा
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
Updated Fri, 14 Apr 2017 10:48 PM IST
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धरमघर में थिरकते कलाकार
- फोटो : amar ujala
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धरमघर महोत्सव की पहली शाम लोक कलाकार पप्पू कार्की और प्रहलाद मेहरा के नाम रही। दोनों कलाकारों के गीतों की प्रस्तुतियों पर दर्शक देर रात तक थिरकते रहे। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का उद्घाटन क्षेत्रीय विधायक बलवंत भौंर्याल ने किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत पप्पू कार्की ने देवी भगवती मैया, कोटगाड़ी की देवी मैया गाकर की। इसके बाद ऐजा रे चैत बैसाखा, मेरो मुन्स्यारा, पारा भीड़ा की बसंती छ्योड़ी रुमा झूमा, ओ लाली हो लाली हौसिया आदि कुमांऊनी गीत प्रस्तुत किए। प्रहलाद मेहरा ने कै धुरी फुलौंछ मासी को फूल, त्वील कतू भल रूप पायोछ सहित कई लोकप्रिय गीत प्रस्तुत कर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। धरमघर क्षेत्र की लोक गायिका ने गाला गलोबंद, चंद्रप्रकाश म्यूजिकल ग्रुप हल्द्वानी के कलाकारों ने पारा भीड़ा बुरुसी फुली रे प्रस्तुत किया। हास्य कलाकार एवं लोकप्रिय गायक शिरोमणि भतरोंजी ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को खूब लोटपोट किया। इससे पूर्व महोत्सव समिति के पदाधिकारियों ने विधायक बलवंत भौंर्याल का स्वागत किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों को देखने के लिए मुख्य अतिथि देर रात तक मंच पर बैठे रहे। महोत्सव समिति के अध्यक्ष गोकुल पंचपाल की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रमों का संचालन केदार महर ने किया।
किशन ने जीती 10 किमी की दौड़
धरमघर। धरमघर महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ ही दिन में स्कूूली बच्चों की विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा रही हैं। इसके तहत शुक्रवार को 10 किमी की दौड़ आयोजित की गई। इसमें 25 छात्रों ने धरमघर से कोटमन्या तक दौड़ लगाई। प्रतियोगिता में किशन कोरंगा पहले, मनीष मेहता दूसरे, प्रकाश कोरंगा तीसरे स्थान पर रहे। बालिकाओं की दो किमी की दौड़ में भावना कार्की पहले, नीलम राठौर दूसरे, वर्षा रावत तीसरे स्थान पर रहीं। इसके अलावा स्कूली बच्चों ने मंच में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए।
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सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत पप्पू कार्की ने देवी भगवती मैया, कोटगाड़ी की देवी मैया गाकर की। इसके बाद ऐजा रे चैत बैसाखा, मेरो मुन्स्यारा, पारा भीड़ा की बसंती छ्योड़ी रुमा झूमा, ओ लाली हो लाली हौसिया आदि कुमांऊनी गीत प्रस्तुत किए। प्रहलाद मेहरा ने कै धुरी फुलौंछ मासी को फूल, त्वील कतू भल रूप पायोछ सहित कई लोकप्रिय गीत प्रस्तुत कर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। धरमघर क्षेत्र की लोक गायिका ने गाला गलोबंद, चंद्रप्रकाश म्यूजिकल ग्रुप हल्द्वानी के कलाकारों ने पारा भीड़ा बुरुसी फुली रे प्रस्तुत किया। हास्य कलाकार एवं लोकप्रिय गायक शिरोमणि भतरोंजी ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को खूब लोटपोट किया। इससे पूर्व महोत्सव समिति के पदाधिकारियों ने विधायक बलवंत भौंर्याल का स्वागत किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों को देखने के लिए मुख्य अतिथि देर रात तक मंच पर बैठे रहे। महोत्सव समिति के अध्यक्ष गोकुल पंचपाल की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रमों का संचालन केदार महर ने किया।
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किशन ने जीती 10 किमी की दौड़
धरमघर। धरमघर महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ ही दिन में स्कूूली बच्चों की विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा रही हैं। इसके तहत शुक्रवार को 10 किमी की दौड़ आयोजित की गई। इसमें 25 छात्रों ने धरमघर से कोटमन्या तक दौड़ लगाई। प्रतियोगिता में किशन कोरंगा पहले, मनीष मेहता दूसरे, प्रकाश कोरंगा तीसरे स्थान पर रहे। बालिकाओं की दो किमी की दौड़ में भावना कार्की पहले, नीलम राठौर दूसरे, वर्षा रावत तीसरे स्थान पर रहीं। इसके अलावा स्कूली बच्चों ने मंच में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए।
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