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पचना, बिमोला और बड़ेत गांव में दूषित पानी
अमर उजाला ब्यूरो, गरुड़ (बागेश्वर)।
Updated Thu, 30 Aug 2018 11:31 PM IST
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क्षतिग्रस्त पचना पेयजल योजना
- फोटो : अमर उजाला
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पिछले कई दिनों से पेयजल समस्या से जूझ रहे पचना, बिमोला और बड़ेत गांव में दूषित पानी पीने से एक दर्जन से अधिक लोग तेज बुखार और पीलिया की चपेट में आने से बीमार पड़े हुए हैं। जल संकट से परेशान ग्रामीणों ने गांव में टैंकर से पेयजल आपूर्ति सुचारु करने की मांग की है। उन्होंने पटवारी पर भी शासन को झूठी रिपोर्ट देने का आरोप लगाया है। मामले की जांच करने की मांग उठाई है।
ग्रामीणों के अनुसार पचना योजना का हैड 25 अगस्त को हुई तेज बारिश से नदी में समा गया था। योजना के पिल्लर टूटने के साथ इसकी पाइप लाइन कई जगह पर क्षतिग्रस्त हो गई थी। पेयजल योजना क्षतिग्रस्त होने से पचना, बिमोला, बड़ेत गांव में पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। लोग नदी नालों का प्रदूषित पानी पीने को मजबूूूर हैं। गांव की प्रधान प्रेमा देवी ,कनिष्ठ प्रमुख प्रकाश कोहली ने बताया कि बारिश से योजना क्षतिग्रस्त होने के संबंध में आपदा कंट्रोल रूम और क्षेत्र के पटवारी को सूचना दे दी थी। लेकिन पटवारी ने बिना निरीक्षण किए ही एसडीएम को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। जिसमें पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने का जिक्र नहीं कि या।
उनका का कहना है कि योजना क्षतिग्रस्त होने के बाद गांव के लोग प्रदूषित पानी पी रहे हैं। दूषित पानी पीने से पचना निवासी अरुड़, ललिता देवी, पुष्पा देवी, गोविंद राम, अंबुली देवी, बीना, दीपांशू, अशोक कुमार के अलावा बिमोला और बड़ेत के कुछ ग्रामीण तेज बुखार और पीलिया से पीड़ित हैं। उन्होंने एसडीएम से क्षतिग्रस्त योजना की जांच करने, योजना की मरम्मत के लिए दैवी आपदा मद से शीघ्र धनराशि अवमुक्त करने की मांग की है।
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इधर इस मामले में एसडीएम सुंदर सिंह से पटवारी को क्षतिग्रस्त योजना की पुन: जांच करने को निर्देशित किया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बैजनाथ के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. एसएस गुंज्याल ने बताया कि पचना, बिमोला और बड़ेत के कुछ ग्रामीण तेज बुखार और पीलिया रोग से पीड़ित हैं। पीड़ितों को दवा उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों से पानी उबाल कर पीने की हिदायत दी है।
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ग्रामीणों के अनुसार पचना योजना का हैड 25 अगस्त को हुई तेज बारिश से नदी में समा गया था। योजना के पिल्लर टूटने के साथ इसकी पाइप लाइन कई जगह पर क्षतिग्रस्त हो गई थी। पेयजल योजना क्षतिग्रस्त होने से पचना, बिमोला, बड़ेत गांव में पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। लोग नदी नालों का प्रदूषित पानी पीने को मजबूूूर हैं। गांव की प्रधान प्रेमा देवी ,कनिष्ठ प्रमुख प्रकाश कोहली ने बताया कि बारिश से योजना क्षतिग्रस्त होने के संबंध में आपदा कंट्रोल रूम और क्षेत्र के पटवारी को सूचना दे दी थी। लेकिन पटवारी ने बिना निरीक्षण किए ही एसडीएम को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। जिसमें पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने का जिक्र नहीं कि या।
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उनका का कहना है कि योजना क्षतिग्रस्त होने के बाद गांव के लोग प्रदूषित पानी पी रहे हैं। दूषित पानी पीने से पचना निवासी अरुड़, ललिता देवी, पुष्पा देवी, गोविंद राम, अंबुली देवी, बीना, दीपांशू, अशोक कुमार के अलावा बिमोला और बड़ेत के कुछ ग्रामीण तेज बुखार और पीलिया से पीड़ित हैं। उन्होंने एसडीएम से क्षतिग्रस्त योजना की जांच करने, योजना की मरम्मत के लिए दैवी आपदा मद से शीघ्र धनराशि अवमुक्त करने की मांग की है।
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इधर इस मामले में एसडीएम सुंदर सिंह से पटवारी को क्षतिग्रस्त योजना की पुन: जांच करने को निर्देशित किया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बैजनाथ के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. एसएस गुंज्याल ने बताया कि पचना, बिमोला और बड़ेत के कुछ ग्रामीण तेज बुखार और पीलिया रोग से पीड़ित हैं। पीड़ितों को दवा उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों से पानी उबाल कर पीने की हिदायत दी है।