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Bageshwar News: साल के पहले दिन बागनाथ, बैजनाथ, कोट भ्रामरी मंदिर में की पूजा अर्चना
Thu, 01 Jan 2026 11:45 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Thu, 01 Jan 2026 11:45 PM IST
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बागेश्वर के बानाथ मंदिर में नववर्ष पर जलाभिषेक करते श्रद्धालु। संवाद
बागेश्वर/गरुड़। नए साल के पहले दिन अधिकांश लोगों ने देवस्थानों में पूजा-अर्चना की। नगर के बागनाथ और गरुड़ के बैजनाथ व कोट भ्रामरी मंदिर में दोपहर तक श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला चलता रहा। ग्रामीण क्षेत्रों के मंदिरों में भी भक्तों ने शीश नवाकर सुखी और समृद्ध जीवन की कामना की।
बागनाथ मंदिर में सुबह पांच बजे से ही लोग आने लगे थे। नगर समेत समीपवर्ती गांवों से आए श्रद्धालुओं ने सरयू के पावन जल से बाबा बागनाथ का अभिषेक किया। विधिवत पूजा-अर्चना कर नए साल में सभी मनोकामनाओं की पूर्ति करने का आशीर्वाद मांगा। मंदिर परिसर में पंडितों से वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पाठ भी करवाए। पंडित कैलाश चंद्र उपाध्याय ने कहा कि वैश्विक तौर पर एक जनवरी से नए साल का आगाज होता है। इस दिन लोगों को अपनी भीतर की नकारात्मकता को छोड़कर सकारात्मक बनने का संकल्प लेना चाहिए। गरुड़ के बैजनाथ मंदिर में भी सुबह से दोपहर तक श्रद्धालुओं का आना जारी रहा। क्षेत्रवासियों ने मंदिर में पूजा कर सुख और कल्याण की कामना की। क्षेत्र के कोट भ्रामरी मंदिर समेत अन्य देवस्थलों में भी लोगाें ने पूजा-अर्चना की। नए साल के पहले दिन कांडा, कपकोट, काफलीगैर, दुगनाकुरी क्षेत्र के मंदिरों में भी लोगों ने दर्शन-पूजन किया।
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बागनाथ मंदिर में सुबह पांच बजे से ही लोग आने लगे थे। नगर समेत समीपवर्ती गांवों से आए श्रद्धालुओं ने सरयू के पावन जल से बाबा बागनाथ का अभिषेक किया। विधिवत पूजा-अर्चना कर नए साल में सभी मनोकामनाओं की पूर्ति करने का आशीर्वाद मांगा। मंदिर परिसर में पंडितों से वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पाठ भी करवाए। पंडित कैलाश चंद्र उपाध्याय ने कहा कि वैश्विक तौर पर एक जनवरी से नए साल का आगाज होता है। इस दिन लोगों को अपनी भीतर की नकारात्मकता को छोड़कर सकारात्मक बनने का संकल्प लेना चाहिए। गरुड़ के बैजनाथ मंदिर में भी सुबह से दोपहर तक श्रद्धालुओं का आना जारी रहा। क्षेत्रवासियों ने मंदिर में पूजा कर सुख और कल्याण की कामना की। क्षेत्र के कोट भ्रामरी मंदिर समेत अन्य देवस्थलों में भी लोगाें ने पूजा-अर्चना की। नए साल के पहले दिन कांडा, कपकोट, काफलीगैर, दुगनाकुरी क्षेत्र के मंदिरों में भी लोगों ने दर्शन-पूजन किया।
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