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Bageshwar News: जई घास रोकेगी जंगल की आग
Mon, 13 Nov 2023 11:34 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Mon, 13 Nov 2023 11:34 PM IST
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बागेश्वर के धारी में किसानों को चारा बीज वितरित करते सदस्य। संवाद
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बागेश्वर। द हंस फाउंडेशन ने वन क्षेत्रों पर ग्रामीणों की निर्भरता कम करने और जंगलों में आग के खतरे को कम करने के उद्देश्य से हरा चारा विकास कार्यक्रम शुरू कर दिया है। फाउंडेशन की ओर से जिले के विभिन्न गांवों में ग्रामीणों को 200 किलो जई घास का बीज बांटा गया।
उत्तराखंड में जंगल की आग विनाशकारी समस्या है। हर साल लाखों हेक्टेयर वन आग की भेंट चढ़ते हैं। लोग पालतू पशुओं के लिए हरा चारा और आवश्यक संसाधनों के लिए वनों पर निर्भर हैं। इस समस्या के समाधान के लिए हंस फाउंडेशन ने राज्य के चार जिलों बागेश्वर, अल्मोडा़, पौड़ी गढ़वाल और टिहरी गढ़वाल में हरा चारा विकास कार्यक्रम शुरू किया है।
बताया कि फाउंडेशन ग्रामीणों को उच्च गुणवत्ता वाले चारे के बीज, ग्रोथ प्रोम्टर और चारा संरक्षण संरक्षण के लिए प्रशिक्षण दे रहा है। परियोजना के पहले चरण में उत्तराखंड के चार जिलों में 1500 किसानों को लाभांवित करना है। जिले में पशुपालन विभाग के माध्यम से ग्राम धारी, पाटली, विनसर, आंवलीगाड़, मोड़ी, करासीबुंगा के 120 ग्रामीणों को जई घास का बीज बांटा गया।
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उत्तराखंड में जंगल की आग विनाशकारी समस्या है। हर साल लाखों हेक्टेयर वन आग की भेंट चढ़ते हैं। लोग पालतू पशुओं के लिए हरा चारा और आवश्यक संसाधनों के लिए वनों पर निर्भर हैं। इस समस्या के समाधान के लिए हंस फाउंडेशन ने राज्य के चार जिलों बागेश्वर, अल्मोडा़, पौड़ी गढ़वाल और टिहरी गढ़वाल में हरा चारा विकास कार्यक्रम शुरू किया है।
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बताया कि फाउंडेशन ग्रामीणों को उच्च गुणवत्ता वाले चारे के बीज, ग्रोथ प्रोम्टर और चारा संरक्षण संरक्षण के लिए प्रशिक्षण दे रहा है। परियोजना के पहले चरण में उत्तराखंड के चार जिलों में 1500 किसानों को लाभांवित करना है। जिले में पशुपालन विभाग के माध्यम से ग्राम धारी, पाटली, विनसर, आंवलीगाड़, मोड़ी, करासीबुंगा के 120 ग्रामीणों को जई घास का बीज बांटा गया।
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