{"_id":"61ad0603eb0035345f30c5b3","slug":"no-road-after-6-years-bageshwar-news-hld446725420","type":"story","status":"publish","title_hn":"6 साल में भी नहीं बनी रमाड़ी-नाचनी सड़क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
6 साल में भी नहीं बनी रमाड़ी-नाचनी सड़क
विज्ञापन
अधूरी पड़ी बागेश्वर के रमाड़ी से पिथौरागढ़ के नाचनी को जोड़ने वाली सड़क।
- फोटो : BAGESHWAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागेश्वर। छह साल पहले कांग्रेस के शासनकाल में कपकोट के रमाड़ी से पिथौरागढ़ जिले के नाचनी को जोड़ने के लिए बहुउपयोगी सड़क स्वीकृत की गई। करीब 12 किमी लंबी इस सड़क का काम अब तक पूरा नहीं हुआ है। सड़क का काम पूरा न होने से इलाके के लोगों में जबदस्त रोष है। गुस्साए लोगों ने सड़क का काम पूरा न होने पर विधानसभा चुनाव में मतदान न करने या नोटा का बटन दबाने का एलान कर दिया है।
जनता की मांग पर सरकार ने छह वर्ष पहले जब बागेश्वर के प्रमुख फल उत्पादक क्षेत्र रमाड़ी से पिथौरागढ़ के नाचनी के लिए सड़क मंजूर की तो इलाके के लोगों का खुशी का ठिकाना नहीं था। उम्मीद थी कि नाचनी की दूरी 30-32 किमी से घटकर 12 किमी रह जाएगी। सड़क की सही से मानीटरिंग न होने से अब तक सड़क केवल आठ किमी हिस्से में बनी है। कनोली, पालनाधूरा क्षेत्र में सड़क साढ़े चार किमी हिस्से में सड़क नहीं बनी है। ठेकेदार ने काफी समय पहले काम बंद कर दिया है। कटी सड़क पर घास जमी है। जो सड़क बनी भी है तो उसमें वाहनों का संचालन नहीं होता है। सड़क पर मलबा पटा है।
छह साल बाद भी सड़क का निर्माण न होने से इलाके के लोगों को यातायात की सुविधा नहीं मिल पा रही है। लोग परेशान हैं। इलाके के लोगों के सामने चुनाव बहिष्कार या नोटा का बटन दबाने के सिवा कोई चारा नहीं है।
विज्ञापन
सोधो सिंह ग्राम प्रधान भलोड़ी
सड़क न बनने से इलाके के लोग निराश हैं। पिछले विधानसभा चुनाव के साथ ही लोकसभा चुनाव में भी राजनीतिक दलों के नेताओं ने सड़क का काम पूरा करने का वादा किया था, जो अधूरा रहा।
केदार सिंह प्रधान पालनाधूरा
सड़क न बनने से लोनिवि की कार्यप्रणाली उजागर हुई है। रकम स्वीकृत होने के बाद भी सड़क का काम बंद होना अन्याय है। वर्तमान विधायक ने भी सड़क निर्माण की घोषणा की थी, जो अधूरी है।
राकेश सिंह कोश्यारी सामाजिक कार्यकर्ता
रमाड़ी-नाचनी सड़क में करीब साढ़े चार किमी के हिस्से में काम अवशेष है। ठेकेदार पर पेनाल्टी लगाई जा रही है। फिर से टेंडर कराया जाएगा। जहां पर सड़क बन गई है। उसे वाहन संचालन लायक बनाने के लिए 40 लाख रुपये की रकम मिलने वाली है। टेंडर लगाए जाएंगे।
एसएन पांडेय ईई लोनिवि कपकोट।
विज्ञापन
जनता की मांग पर सरकार ने छह वर्ष पहले जब बागेश्वर के प्रमुख फल उत्पादक क्षेत्र रमाड़ी से पिथौरागढ़ के नाचनी के लिए सड़क मंजूर की तो इलाके के लोगों का खुशी का ठिकाना नहीं था। उम्मीद थी कि नाचनी की दूरी 30-32 किमी से घटकर 12 किमी रह जाएगी। सड़क की सही से मानीटरिंग न होने से अब तक सड़क केवल आठ किमी हिस्से में बनी है। कनोली, पालनाधूरा क्षेत्र में सड़क साढ़े चार किमी हिस्से में सड़क नहीं बनी है। ठेकेदार ने काफी समय पहले काम बंद कर दिया है। कटी सड़क पर घास जमी है। जो सड़क बनी भी है तो उसमें वाहनों का संचालन नहीं होता है। सड़क पर मलबा पटा है।
विज्ञापन
छह साल बाद भी सड़क का निर्माण न होने से इलाके के लोगों को यातायात की सुविधा नहीं मिल पा रही है। लोग परेशान हैं। इलाके के लोगों के सामने चुनाव बहिष्कार या नोटा का बटन दबाने के सिवा कोई चारा नहीं है।
विज्ञापन
सोधो सिंह ग्राम प्रधान भलोड़ी
सड़क न बनने से इलाके के लोग निराश हैं। पिछले विधानसभा चुनाव के साथ ही लोकसभा चुनाव में भी राजनीतिक दलों के नेताओं ने सड़क का काम पूरा करने का वादा किया था, जो अधूरा रहा।
केदार सिंह प्रधान पालनाधूरा
सड़क न बनने से लोनिवि की कार्यप्रणाली उजागर हुई है। रकम स्वीकृत होने के बाद भी सड़क का काम बंद होना अन्याय है। वर्तमान विधायक ने भी सड़क निर्माण की घोषणा की थी, जो अधूरी है।
राकेश सिंह कोश्यारी सामाजिक कार्यकर्ता
रमाड़ी-नाचनी सड़क में करीब साढ़े चार किमी के हिस्से में काम अवशेष है। ठेकेदार पर पेनाल्टी लगाई जा रही है। फिर से टेंडर कराया जाएगा। जहां पर सड़क बन गई है। उसे वाहन संचालन लायक बनाने के लिए 40 लाख रुपये की रकम मिलने वाली है। टेंडर लगाए जाएंगे।
एसएन पांडेय ईई लोनिवि कपकोट।