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अल्ट्रासाउंड मशीन तो लगा दी, रेडियोलॉजिस्ट का पद सृजित नहीं
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बागेश्वर। हिमालयी क्षेत्र से सटे कपकोट के सीएचसी में सप्ताह में दो ही दिन अल्ट्रासाउंड होते हैं। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन तो स्थापित कर दी गई है लेकिन रेडियोलॉजिस्ट का पद सृजित नहीं किया। वहीं, कांडा सीएचसी में अल्ट्रासाउंड होते ही नहीं हैं।
करीब एक लाख की आबादी की देखभाल के लिए खोले गए कपकोट सीएचसी में सप्ताह में दो दिन व्यवस्था के तहत अल्ट्रासाउंड होते हैं। बैजनाथ सीएचसी के रेडियोलॉजिस्ट अस्पताल में अल्ट्रासाउंड करते हैं। अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट का पद सृजित करने की मांग लंबे समय से की जा रही है। सप्ताह में दो ही दिन अल्ट्रासाउंड होने से कपकोट विकासखंड के लोगों को जिला अस्पताल आना पड़ता है। खासकर गर्भवती महिलाओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
वहीं, कांडा सीएचसी में अल्ट्रासाउंड की कोई व्यवस्था नहीं है। कांडा सीएचसी में एक्सरे तकनीशियन की तैनाती न होने से अप्रैल 2022 से एक्सरे भी नहीं हो रहे हैं। अल्ट्रासाउंड और एक्सरे की सुविधा न होने से कांडा क्षेत्र की करीब 60 हजार की आबादी को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सीएमओ डॉ. सुनीता टम्टा का कहना है कि कपकोट सीएचसी में रेडियोलॉजिस्ट का पद सृजित करने के लिए डीजी हेल्थ को प्रस्ताव भेजा गया है।
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करीब एक लाख की आबादी की देखभाल के लिए खोले गए कपकोट सीएचसी में सप्ताह में दो दिन व्यवस्था के तहत अल्ट्रासाउंड होते हैं। बैजनाथ सीएचसी के रेडियोलॉजिस्ट अस्पताल में अल्ट्रासाउंड करते हैं। अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट का पद सृजित करने की मांग लंबे समय से की जा रही है। सप्ताह में दो ही दिन अल्ट्रासाउंड होने से कपकोट विकासखंड के लोगों को जिला अस्पताल आना पड़ता है। खासकर गर्भवती महिलाओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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वहीं, कांडा सीएचसी में अल्ट्रासाउंड की कोई व्यवस्था नहीं है। कांडा सीएचसी में एक्सरे तकनीशियन की तैनाती न होने से अप्रैल 2022 से एक्सरे भी नहीं हो रहे हैं। अल्ट्रासाउंड और एक्सरे की सुविधा न होने से कांडा क्षेत्र की करीब 60 हजार की आबादी को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सीएमओ डॉ. सुनीता टम्टा का कहना है कि कपकोट सीएचसी में रेडियोलॉजिस्ट का पद सृजित करने के लिए डीजी हेल्थ को प्रस्ताव भेजा गया है।
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