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मनरेगा के श्रमिकों को मजदूरी के लाले
ब्यूरो/अमर उजाला, गरुड़ (बागेश्वर)।
Updated Sat, 07 Oct 2017 11:09 PM IST
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मनरेगा के कार्यों की मजदूरी का समय पर भुगतान नहीं होने से मजदूरों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालत इतनी खराब है कि मजदूरों के खातों में तीन माह से मजदूरी का एक ढेला तक नहीं पड़ा हैं। मनरेगा के तहत विकास खंड के विभिन्न गांवों के प्रधानों, बीडीसी सदस्यों और स्वयंसेवी संस्थाओं ने तीन माह पूर्व निर्माण कार्य संपादित करा दिए है।
कार्यदायी संस्था के अवर अभियंता ने निर्माण कार्यों की माप भी कर दी है। श्रमिकों के खातों में आज तक मजदूरी का पैसा नहीं आया है। मजदूरी का भुगतान नहीं होने से मजदूरों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वह अपनी मजदूरी के लिए आए दिन बैंक का चक्कर काट रहे है।
ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष नवीन ममगई और महामंत्री मंगल राणा का कहना है कि मनरेगा योजना के तहत श्रमिकों को बारह दिन के अंदर मजदूरी का भुगतान करना अनिवार्य है, लेकिन श्रमिकों के खातों में तीन माह मजदूरी का धन नहीं पड़ा है।
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खंड विकास अधिकारी मोहन नाथ गोस्वामी का कहना है कि कुशल श्रमिकों की मजदूरी और सामग्री अंश का गत वर्ष की कुछ देनदारी बची है। उन्होंने बताया कि प्रधानों और मजदूरों की समस्या के बारे विभाग के उच्चाधिकारियों को अगवत करा दिया है। ब्यूरो
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कार्यदायी संस्था के अवर अभियंता ने निर्माण कार्यों की माप भी कर दी है। श्रमिकों के खातों में आज तक मजदूरी का पैसा नहीं आया है। मजदूरी का भुगतान नहीं होने से मजदूरों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वह अपनी मजदूरी के लिए आए दिन बैंक का चक्कर काट रहे है।
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ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष नवीन ममगई और महामंत्री मंगल राणा का कहना है कि मनरेगा योजना के तहत श्रमिकों को बारह दिन के अंदर मजदूरी का भुगतान करना अनिवार्य है, लेकिन श्रमिकों के खातों में तीन माह मजदूरी का धन नहीं पड़ा है।
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खंड विकास अधिकारी मोहन नाथ गोस्वामी का कहना है कि कुशल श्रमिकों की मजदूरी और सामग्री अंश का गत वर्ष की कुछ देनदारी बची है। उन्होंने बताया कि प्रधानों और मजदूरों की समस्या के बारे विभाग के उच्चाधिकारियों को अगवत करा दिया है। ब्यूरो