फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Bageshwar News ›   No entry to district hospitals and health centers without tokens

Bageshwar News: जिला अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्रों पर अब बिना टोकन नहीं होगी एंट्री

Fri, 15 May 2026 10:25 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर Updated Fri, 15 May 2026 10:25 PM IST
विज्ञापन
No entry to district hospitals and health centers without tokens
बागेश्वर। शासकीय चिकित्सालयों और स्वास्थ्य विभाग के कार्यालयों में अक्सर होने वाली हिंसक और अप्रिय घटनाओं को रोकने के लिए विभाग ने अब सख्त रुख अपना लिया है। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के महानिदेशक की ओर से जारी मानक संचालन प्रक्रिया के तहत अस्पतालों और विभागीय कार्यालयों में सुरक्षा घेरा बेहद सख्त होगा।
विज्ञापन

नई एसओपी के अनुसार किसी भी स्वास्थ्य अधिकारी या चिकित्सा अधीक्षक से मिलने के लिए आगंतुकों को सबसे पहले स्वागत कक्ष पर अपना पंजीकरण कराना होगा। इसके साथ ही आधार कार्ड या वोटर आईडी जैसे वैध पहचान पत्र दिखाना और साथ रखना अनिवार्य होगा। अधिकारी से मिलने के लिए पूर्व निर्धारित समय या आवंटित टोकन नंबर की प्रतीक्षा करनी होगी। एसओपी में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी अधिकारी के कक्ष में एक समय में केवल दो ही व्यक्तियों को प्रवेश की अनुमति मिलेगी। यदि कोई प्रतिनिधिमंडल आता है तो उसकी बैठक अधिकारी के कक्ष के बजाय सीसीटीवी युक्त कक्ष में होगी। पूरे परिसर में ऑडियो रिकॉर्डिंग युक्त उच्च गुणवत्ता के सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिनका 90 दिनों का बैकअप सुरक्षित रखा जाएगा। स्वास्थ्य कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की, गालीगलौज या मारपीट करना अब भारी पड़ेगा। ऐसा करने वालों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी और उन्हें अस्पताल या कार्यालय परिसर से निष्कासित कर दिया जाएगा। ऐसे व्यक्तियों को ब्लैक लिस्ट कर उनका विवरण एक अलग पंजिका में दर्ज किया जाएगा ताकि भविष्य में उनका प्रवेश वर्जित रहे।
विज्ञापन




बिना अनुमति फोटो, वीडियो बनाने पर होगी जेल
स्वास्थ्य विभाग के कार्यालयों और अस्पतालों में अब मोबाइल फोन से वीडियो बनाना या फोटो खींचना भारी पड़ सकता है। नई मानक संचालन प्रक्रिया के तहत परिसर के भीतर किसी भी प्रकार की वीडियोग्राफी करने से पहले सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है। सरकारी कार्यस्थलों पर रील बनाने या बिना अनुमति रिकॉर्डिंग करने को अमर्यादित व्यवहार की श्रेणी में रखा गया है। गोपनीयता भंग करने या लोक सेवक के कार्य में बाधा डालने पर विभाग की ओर से कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन



शासन स्तर से नई एसओपी का उद्देश्य लोक सेवकों को बाहरी आक्रमण और अनावश्यक दबाव से सुरक्षित रखना है। सभी कार्यालयों और स्वास्थ्य केंद्रों पर एसओपी लगाई जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. कुमार आदित्य तिवारी, सीएमओ बागेश्वर


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed