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मनकोट के ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
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बागेश्वर में प्रदर्शन करते मनकोट के ग्रामीण। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। तल्ला मनकोट से कंपास तक मोटर मार्ग के निर्माण के विरोध में ग्रामीणों ने जिला कार्यालय में प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने विभाग और ठेकेदार पर सड़क निर्माण के दौरान अनियमितता बरतने और कृषि भूमि को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। डीएम को ज्ञापन देकर निर्माण कार्य की जांच करवाने की मांग की।
डीएम को सौंपे ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण के लिए कच्चे पिलर लगे हैं, लेकिन सड़क उन पिलरों के अनुसार नहीं काटी जा रही है। सड़क सर्वे के बाहर बनाई जा रही है। इस कारण सड़क बनाने के लिए छापे गए पेड़ों को काटने की बजाय बिना छपान के 250 से अधिक पेड़ काट दिए गए हैं। सड़क निर्माण में कई मंदिर भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
इसके बारे में ग्रामीणों को कोई जानकारी भी नहीं दी गई। सड़क निर्माण में गांव की पेयजल लाइन भी ध्वस्त हो गई है। इस कारण दो महीने से लोग पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क निर्माण से पूर्व गलत सर्वे को लेकर लोगों ने शांतिपूर्ण विरोध किया था, जिस पर विभाग और ठेकेदार ने मिलीभगत से ग्रामीणों पर केस दर्ज करवा दिया।
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ग्रामीणों ने कहा कि सड़क कटान का मलबा कृषि भूमि और गधेरे में डाला जा रहा है। मलबा गिरने से कई किसानों के खेत नष्ट हो गए हैं। गधेरे में मिट्टी और बोल्डर गिरने से भविष्य में भारी आपदा की आशंका है। ग्रामीणों ने डीएम से मामले का संज्ञान लेकर अपने स्तर से जांच करवाने की मांग की। इस मौके पर दिनेश चंद्र, मनोज कुमार चौबे, केवलानंद आदि रहे।
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डीएम को सौंपे ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण के लिए कच्चे पिलर लगे हैं, लेकिन सड़क उन पिलरों के अनुसार नहीं काटी जा रही है। सड़क सर्वे के बाहर बनाई जा रही है। इस कारण सड़क बनाने के लिए छापे गए पेड़ों को काटने की बजाय बिना छपान के 250 से अधिक पेड़ काट दिए गए हैं। सड़क निर्माण में कई मंदिर भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
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इसके बारे में ग्रामीणों को कोई जानकारी भी नहीं दी गई। सड़क निर्माण में गांव की पेयजल लाइन भी ध्वस्त हो गई है। इस कारण दो महीने से लोग पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क निर्माण से पूर्व गलत सर्वे को लेकर लोगों ने शांतिपूर्ण विरोध किया था, जिस पर विभाग और ठेकेदार ने मिलीभगत से ग्रामीणों पर केस दर्ज करवा दिया।
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ग्रामीणों ने कहा कि सड़क कटान का मलबा कृषि भूमि और गधेरे में डाला जा रहा है। मलबा गिरने से कई किसानों के खेत नष्ट हो गए हैं। गधेरे में मिट्टी और बोल्डर गिरने से भविष्य में भारी आपदा की आशंका है। ग्रामीणों ने डीएम से मामले का संज्ञान लेकर अपने स्तर से जांच करवाने की मांग की। इस मौके पर दिनेश चंद्र, मनोज कुमार चौबे, केवलानंद आदि रहे।