बागेश्वर। काेराेना संक्रमण के कारण हुए लॉकडाउन से हाेटल और रेस्टोरेंट बंद हैं, जिससे बागेश्वर जिले में करीब दाे हजार से अधिक लोगों की रोजीरोटी छिन गई है। हाेटल, रेस्टोरेंट पर निर्भर कर्मचारियों का आर्थिक संकट बढ़ता जा रहा है। काैसानी, बागेश्वर, कपकाेट, गरुड़ आदि जगहों पर स्थित रेस्टोरेंट और हाेटलाें से करीब दाे हजार से अधिक लाेग अपनी राेजी-राेटी चलाते हैं। काेराेना संक्रमण के बाद हाेटल, रेस्टोरेंट पूर्णतया बंद हैं। लॉकडाउन तक इनके खुलने के आसार नहीं हैं। एेसे में इन पर टिके कामगाराें के लिए लॉकडाउन ने मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। हाेटल में वेटर, साफ सफाई, कुक आदि का काम करने वाले राेहित, श्याम, पप्पू, ललित ने बताया कि उनकी आजीविका हाेटल, रेस्टोरेंट में काम करने से चलती है। छाेटे हाेटलाें में पगार भी इतनी ज्यादा नहीं हाेती कि वह लंबे समय तक पैसे बचाकर परिवार और खुद का खर्चा चला सकें। हाेटल एसोसिएशन अध्यक्ष बलवंत सिंह नेगी ने बताया जिले में करीब 90 हाेटल और रेस्टोरेंट हैं। इनमें दाे हजार से अधिक युवा काम करते हैं, जाे लॉकडाउन के बाद से बेराेजगार हाे चुके हैं। उन्होंने सरकार से हाेटल और रेस्तरां में काम करने वाले कर्मचारियों को आर्थिक सहायता देने की मांग की है।