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राइंका नाचती में प्रवक्ताओं के पद सृजित तो हुए, लेकिन नहीं हुई तैनाती
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जीआईसी नाचती।
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। जिले के माध्यमिक स्कूल प्रवक्ता और सहायक अध्यापकों की कमी से जूझ रहे हैं। राइंका नाचती में भी प्रवक्ताओं के पांच सृजित पदों के सापेक्ष एक भी प्रवक्ता की तैनाती नहीं हो सकी है। चार पदों पर अतिथि शिक्षक शिक्षा की की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। एलटी सहायक अध्यापक के सात पदों के सापेक्ष केवल चार ही तैनात हैं। दो की जिम्मेदारी अतिथि शिक्षकों पर है। वहीं, विज्ञान जैसे अहम विषय का पद रिक्त चल रहा है।
नाचती के जूनियर हाईस्कूल को वर्ष 2000 में हाईस्कूल और 2017 में इंटरमीडिएट की मान्यता मिली थी। वर्तमान में विद्यालय की छात्र संख्या 118 है। विद्यालय के उच्चीकरण के बाद क्षेत्रवासियों को बेहतर शिक्षा की उम्मीद जगी थी, लेकिन प्रवक्ताओं की तैनाती नहीं होने से अभिभावकों में नाराजगी बढ़ रही है। कई बार क्षेत्रवासियों ने शिक्षा विभाग और जिलाधिकारी से प्रवक्ताओं और रिक्त सहायक अध्यापकों के पद पर तैनाती की मांग की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। शिक्षकों की कमी से बोर्ड परीक्षार्थियों को अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं, स्कूल के उच्चीकरण के बाद से विज्ञान वर्ग की कक्षाओं के संचालन की भी मांग उठ रही है। फिलहाल विद्यालय में इंटर कला वर्ग की पढ़ाई हो रही है। विज्ञान वर्ग के छात्र-छात्राओं को अन्यत्र जाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
सुविधाएं शिक्षक की, जिम्मेदारी प्रधानाचार्य की
बागेश्वर। राइंका नाचती में प्रधानाचार्य का पद भी खाली है। दयाल सिंह कुमल्टा प्रभारी प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। जिले के अमूमन हर स्कूल का यही हाल है। 61 इंटर कॉलेजों में से केवल छह स्कूलों में प्रधानाचार्य तैनात हैं। अन्य स्कूलाें में शिक्षक या प्रवक्ता को प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी दी गई है। प्रभारी प्रधानाचार्य को प्रधानाचार्य के समान या अन्य सुविधाएं नहीं मिलती हैं। इसके उलट उनका काम अधिक बढ़ जाता है। उन्हें अपना विषय पढ़ाने के अलावा प्रधानाचार्य की अतिरिक्त जिम्मेदारी उठानी पड़ती है। संवाद
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जिले के स्कूलों में रिक्त पदों के सापेक्ष प्रवक्ता, शिक्षक और प्रधानाचार्य के पदों पर नियुक्ति के लिए शासन स्तर से प्रयास चल रहा है। पदोन्नति की प्रक्रिया भी गतिमान है। उम्मीद है कि जल्द ही समस्या का निदान हो जाएगा।
पदमेंद्र सकलानी, सीईओ बागेश्वर
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नाचती के जूनियर हाईस्कूल को वर्ष 2000 में हाईस्कूल और 2017 में इंटरमीडिएट की मान्यता मिली थी। वर्तमान में विद्यालय की छात्र संख्या 118 है। विद्यालय के उच्चीकरण के बाद क्षेत्रवासियों को बेहतर शिक्षा की उम्मीद जगी थी, लेकिन प्रवक्ताओं की तैनाती नहीं होने से अभिभावकों में नाराजगी बढ़ रही है। कई बार क्षेत्रवासियों ने शिक्षा विभाग और जिलाधिकारी से प्रवक्ताओं और रिक्त सहायक अध्यापकों के पद पर तैनाती की मांग की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। शिक्षकों की कमी से बोर्ड परीक्षार्थियों को अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं, स्कूल के उच्चीकरण के बाद से विज्ञान वर्ग की कक्षाओं के संचालन की भी मांग उठ रही है। फिलहाल विद्यालय में इंटर कला वर्ग की पढ़ाई हो रही है। विज्ञान वर्ग के छात्र-छात्राओं को अन्यत्र जाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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सुविधाएं शिक्षक की, जिम्मेदारी प्रधानाचार्य की
बागेश्वर। राइंका नाचती में प्रधानाचार्य का पद भी खाली है। दयाल सिंह कुमल्टा प्रभारी प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। जिले के अमूमन हर स्कूल का यही हाल है। 61 इंटर कॉलेजों में से केवल छह स्कूलों में प्रधानाचार्य तैनात हैं। अन्य स्कूलाें में शिक्षक या प्रवक्ता को प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी दी गई है। प्रभारी प्रधानाचार्य को प्रधानाचार्य के समान या अन्य सुविधाएं नहीं मिलती हैं। इसके उलट उनका काम अधिक बढ़ जाता है। उन्हें अपना विषय पढ़ाने के अलावा प्रधानाचार्य की अतिरिक्त जिम्मेदारी उठानी पड़ती है। संवाद
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जिले के स्कूलों में रिक्त पदों के सापेक्ष प्रवक्ता, शिक्षक और प्रधानाचार्य के पदों पर नियुक्ति के लिए शासन स्तर से प्रयास चल रहा है। पदोन्नति की प्रक्रिया भी गतिमान है। उम्मीद है कि जल्द ही समस्या का निदान हो जाएगा।
पदमेंद्र सकलानी, सीईओ बागेश्वर