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लाखों के पर्यटन केंद्रों का धेले का फायदा नहीं
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर
Updated Tue, 21 Feb 2017 10:43 PM IST
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पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लाखों की लागत से बनाए गए तीन पर्यटन सुविधा केंद्र पिछले 11 वर्षों से वीरान हैं। इन पर्यटन केंद्रों के चारों ओर झाड़ियां उग आई हैं। संचालन के लिए कोई ठोस नीति नहीं बनने से इन पर्यटन केंद्रों का लाभ न तो पर्यटकों को और न ही पर्यटन विभाग को मिल सका।
2005-06 में बागेश्वर जिले में चार पर्यटन सुविधा केंद्रों का निर्माण किया गया। कौसानी, फटगली, घिंघारूतोला और विजयपुर में निर्मित किए गए इन सुविधा केंद्रों के निर्माण में लगभग 44 लाख रुपए खर्च किए गए। इन केंद्रों का मुख्य उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को चाय, कॉफी जैसी सुविधाओं के अलावा पर्यटन रूट की जानकारी देना था, लेकिन लाखों रुपए फूंकने के बाद भी जिले के एकमात्र कौसानी सुविधा केंद्र को छोड़कर अन्य सुविधा केंद्रों का संचालन 11 साल बाद भी नहीं हो सका है।
फटगली, घिंघारूतोला, विजयपुर के पर्यटन सुविधा केंद्र वीरान पड़े हैं। इनके चारों ओर झाड़ियां उग आई हैं। कुछ स्थानों पर भवनों के कांच टूट चुके हैं। पर्यटन विभाग ने कई बार इनके संचालन के दावे तो किए, लेकिन आज तक इनका संचालन नहीं किया जा सका है।
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2005-06 में बागेश्वर जिले में चार पर्यटन सुविधा केंद्रों का निर्माण किया गया। कौसानी, फटगली, घिंघारूतोला और विजयपुर में निर्मित किए गए इन सुविधा केंद्रों के निर्माण में लगभग 44 लाख रुपए खर्च किए गए। इन केंद्रों का मुख्य उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को चाय, कॉफी जैसी सुविधाओं के अलावा पर्यटन रूट की जानकारी देना था, लेकिन लाखों रुपए फूंकने के बाद भी जिले के एकमात्र कौसानी सुविधा केंद्र को छोड़कर अन्य सुविधा केंद्रों का संचालन 11 साल बाद भी नहीं हो सका है।
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फटगली, घिंघारूतोला, विजयपुर के पर्यटन सुविधा केंद्र वीरान पड़े हैं। इनके चारों ओर झाड़ियां उग आई हैं। कुछ स्थानों पर भवनों के कांच टूट चुके हैं। पर्यटन विभाग ने कई बार इनके संचालन के दावे तो किए, लेकिन आज तक इनका संचालन नहीं किया जा सका है।
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