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Bageshwar News: सुमगढ़ में तेंदुए की दहशत, 10 दिन में 14 बकरियों को बनाया निवाला
Tue, 20 Oct 2026 11:48 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Tue, 20 Oct 2026 11:48 PM IST
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कपकोट (बागेश्वर)। ग्राम पंचायत सुमगढ़ के तोक बांसे में तेंदुए की दहशत लगातार बढ़ती जा रहा है। ग्राम प्रधान भूपेंद्र कोरंगा ने बताया कि रविवार को अष्टमी की शाम करीब 7:30 बजे तेंदुए ने दो बकरी पालकों की आठ बकरियों को मार डाला। इस अचानक हुई घटना से प्रभावित परिवारों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है जबकि पूरे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है।
तेंदुए ने बकरी पालक जैत राम की सात वर्षीय लख्खा समेत पांच बकरियों को अपना निवाला बनाया। इसके अलावा दयाल राम की तीन वर्षीय बकरी समेत तीन बकरियों को भी मौत के घाट उतार दिया। इन दोनों परिवारों के लिए बकरी पालन ही आजीविका और रोजगार का मुख्य साधन था। इससे पहले 10 अक्तूबर को भी तेंदुआ छह बकरियों को मार चुका है। लगातार हो रहे इन हमलों से ग्रामीणों में भारी भय व्याप्त है। लोगों का कहना है कि तेंदुआ कई दिनों से रात के समय लगातार गांव के आसपास मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि प्रभावित परिवारों को शीघ्र उचित मुआवजा दिया जाए और तेंदुए की दहशत से निजात दिलाने के लिए क्षेत्र में तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं।
दिनदहाड़े मवेशी को बनाया निवाला
गरुड़। क्षेत्र के रतमटिया गांव में तेंदुए की लगातार बढ़ रही सक्रियता से ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है। बेखौफ हो चुके तेंदुए ने गांव के पास पशु चरा रहे एक ग्रामीण की बकरी को अपना निवाला बना लिया। इस घटना के बाद से पशुपालकों और स्थानीय लोगों में अपनी व मवेशियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। पीड़ित पशुपालक आनंद सिंह ने बताया कि वह रोज की तरह अपने पशुओं को चराने के लिए गांव के पास ही ले गए थे। इसी दौरान घात लगाकर बैठे तेंदुए ने अचानक हमला बोल दिया और झपट्टा मारकर बकरी को उठा ले गया। बाद में खोजबीन करने पर मृत बकरी का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। ग्रामीण मनोज बिष्ट, आनंद सिंह और मुकेश सिंह आदि ने रोष जताते हुए वन विभाग से मांग की है कि गांव के आसपास तत्काल पिंजरा लगाया जाए और तेंदुए को पकड़ने के लिए पुख्ता अभियान चलाया जाए।
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तेंदुए ने बकरी पालक जैत राम की सात वर्षीय लख्खा समेत पांच बकरियों को अपना निवाला बनाया। इसके अलावा दयाल राम की तीन वर्षीय बकरी समेत तीन बकरियों को भी मौत के घाट उतार दिया। इन दोनों परिवारों के लिए बकरी पालन ही आजीविका और रोजगार का मुख्य साधन था। इससे पहले 10 अक्तूबर को भी तेंदुआ छह बकरियों को मार चुका है। लगातार हो रहे इन हमलों से ग्रामीणों में भारी भय व्याप्त है। लोगों का कहना है कि तेंदुआ कई दिनों से रात के समय लगातार गांव के आसपास मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि प्रभावित परिवारों को शीघ्र उचित मुआवजा दिया जाए और तेंदुए की दहशत से निजात दिलाने के लिए क्षेत्र में तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं।
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दिनदहाड़े मवेशी को बनाया निवाला
गरुड़। क्षेत्र के रतमटिया गांव में तेंदुए की लगातार बढ़ रही सक्रियता से ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है। बेखौफ हो चुके तेंदुए ने गांव के पास पशु चरा रहे एक ग्रामीण की बकरी को अपना निवाला बना लिया। इस घटना के बाद से पशुपालकों और स्थानीय लोगों में अपनी व मवेशियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। पीड़ित पशुपालक आनंद सिंह ने बताया कि वह रोज की तरह अपने पशुओं को चराने के लिए गांव के पास ही ले गए थे। इसी दौरान घात लगाकर बैठे तेंदुए ने अचानक हमला बोल दिया और झपट्टा मारकर बकरी को उठा ले गया। बाद में खोजबीन करने पर मृत बकरी का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। ग्रामीण मनोज बिष्ट, आनंद सिंह और मुकेश सिंह आदि ने रोष जताते हुए वन विभाग से मांग की है कि गांव के आसपास तत्काल पिंजरा लगाया जाए और तेंदुए को पकड़ने के लिए पुख्ता अभियान चलाया जाए।
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