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नौ दिन बाद भी तेंदुआ पकड़ से बाहर
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leopard out of reach even after 9 days
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बागेश्वर। दुग नाकुरी तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत जलमानी के उतरदुग गांव में चार अक्तूबर की रात घर के आंगन से पांच साल की दीया को उठा कर ले जाने वाला तेंदुआ नौ दिन बाद भी पकड़ में नहीं आ सका है। तेंदुए के पकड़ में नहीं आने से गांव में दहशत है। ग्रामीणों ने तेंदुए को जल्द पकड़ने की मांग की है।
ग्रामीणों ने बताया कि चार अक्तूबर की रात कांडा तहसील के ग्राम पंचायत जलमानी के उत्तरदुग में तेंदुआ घर के आंगन से पांच साल की दीया को उठा ले गया था। घटना के नौ दिन बीत जाने के बाद भी तेंदुए को पकड़ा नहीं जा सका है। तेंदुए के पकड़ में नहीं आने के कारण गांवों में दहशत है। तेंदुए के आतंक के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। जंगल घास, लकड़ी लेने जा रही महिलाओं को भी खतरा बना हुआ है। उन्होंने बच्ची को निवाला बनाने वाले तेंदुए को जल्द पकड़ने की मांग की।
तेंदुए को पकड़ने में नाकाम वन विभाग ने पोस्टर चस्पा किए
बागेश्वर। तेंदुए को पकड़ने में नाकाम रहे वन विभाग ने अब जगह-जगह पोस्टर चस्पा कर जनता को तेंदुए से बचने के सुझाव दिए हैं। वन विभाग की तरफ से तेंदुए से बचाव के लिए कपकोट, धरमघर, फरसाली, जलमानी आदि क्षेत्रों में पोस्टर चस्पा किए गए है। जिनमें तेंदुए से बचने के सुझावों के साथ ही जनता से भी सहयोग की अपील की गई है। कपकोट वन क्षेत्राधिकारी शशि देव ने बताया कि विभाग की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
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वन विभाग द्वारा चस्पा पोस्टर में इन बातों का है उल्लेख
- अपने घर के चारों ओर कम से कम 50-100 मीटर तक लैंण्टाना, काला बांस, हिस्सर, गाजर घास न उगने दें।
- आवागमन के लिए ऐसे रास्तों का प्रयोग करें जहां पर झाड़ियां अपेक्षाकृत कम हों। संभव हो तो ऐसी वर्णित झाड़ियों को काट कर साफ कर दें।
- तेंदुए का व्यवहार पीछे से आक्रमण करने का है। घर से बाहर मुखौटों का प्रयोग करें जो पीछे की ओर मुख करके हो।
- तेंदुए द्वारा रात्रि में आक्रमण करने की पूरी संभावना बनी रहती है। शाम को छह से आठ बजे के बीच आक्रमण करने की प्रबल संभावना रहती है। इस अवधि में विशेष सावधानी बरतें।
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ग्रामीणों ने बताया कि चार अक्तूबर की रात कांडा तहसील के ग्राम पंचायत जलमानी के उत्तरदुग में तेंदुआ घर के आंगन से पांच साल की दीया को उठा ले गया था। घटना के नौ दिन बीत जाने के बाद भी तेंदुए को पकड़ा नहीं जा सका है। तेंदुए के पकड़ में नहीं आने के कारण गांवों में दहशत है। तेंदुए के आतंक के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। जंगल घास, लकड़ी लेने जा रही महिलाओं को भी खतरा बना हुआ है। उन्होंने बच्ची को निवाला बनाने वाले तेंदुए को जल्द पकड़ने की मांग की।
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तेंदुए को पकड़ने में नाकाम वन विभाग ने पोस्टर चस्पा किए
बागेश्वर। तेंदुए को पकड़ने में नाकाम रहे वन विभाग ने अब जगह-जगह पोस्टर चस्पा कर जनता को तेंदुए से बचने के सुझाव दिए हैं। वन विभाग की तरफ से तेंदुए से बचाव के लिए कपकोट, धरमघर, फरसाली, जलमानी आदि क्षेत्रों में पोस्टर चस्पा किए गए है। जिनमें तेंदुए से बचने के सुझावों के साथ ही जनता से भी सहयोग की अपील की गई है। कपकोट वन क्षेत्राधिकारी शशि देव ने बताया कि विभाग की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
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वन विभाग द्वारा चस्पा पोस्टर में इन बातों का है उल्लेख
- अपने घर के चारों ओर कम से कम 50-100 मीटर तक लैंण्टाना, काला बांस, हिस्सर, गाजर घास न उगने दें।
- आवागमन के लिए ऐसे रास्तों का प्रयोग करें जहां पर झाड़ियां अपेक्षाकृत कम हों। संभव हो तो ऐसी वर्णित झाड़ियों को काट कर साफ कर दें।
- तेंदुए का व्यवहार पीछे से आक्रमण करने का है। घर से बाहर मुखौटों का प्रयोग करें जो पीछे की ओर मुख करके हो।
- तेंदुए द्वारा रात्रि में आक्रमण करने की पूरी संभावना बनी रहती है। शाम को छह से आठ बजे के बीच आक्रमण करने की प्रबल संभावना रहती है। इस अवधि में विशेष सावधानी बरतें।