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सूबेदार की सैन्य सम्मान के साथ हुई अंत्येष्टि
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बागेश्वर के सरयू-गोमती संगम पर सूबेदार को अंतिम सलामी देते सिगनल कोर के जवान। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। ललितपुर रेलवे स्टेशन के पास बरामद हुए बंगाल इंजीनियरिंग के सूबेदार की सैन्य सम्मान के साथ अंत्येष्टि कर दी गई है। बेंगलुरू से घर लौटते समय वह ट्रेन से लापता हो गए थे। बुधवार को उनका शव बरामद हुआ था। बृहस्पतिवार की रात को सरयू-गोमती के संगम पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
मूल रूप से कांडा तहसील के टकनार गांव निवासी सूबेदार हीरा सिंह एसएसी सर्वेयर के पद पर तैनात थे। 22 मई को वह अपनी पत्नी उमा देवी और अपने छोटे पुत्र के साथ बेंगलुरु से घर के लिए रवाना हुए। 23 मई को भोपाल से झांसी के बीच में रात के समय खाना खाने के बाद वह मोबाइल लेकर वॉशरुम की ओर निकले थे लेकिन नहीं लौटे। काफी देर तक वह सीट पर नहीं आए तो उनकी खोजबीन की गई, लेकिन पता नहीं चला। जिसके बाद उनकी पत्नी ने अपने बड़े पुत्र को बेंगलुरु फोन पर जानकारी दी। बड़े पुत्र ने सेना के अधिकारियों को सूचित किया। खोजबीन की गई तो ललितपुर जंक्शन के समीप सूबेदार का शव बरामद हुआ।
शव को लेकर उनकी पत्नी, दोनों पुत्र अंकित और आदित्य और सेना के जवान बृहस्पतिवार को बागेश्वर पहुंचे। हल्द्वानी से उनके पिता रिटायर्ड सूबेदार दीवान सिंह भी साथ आए। करीब आठ बजे उनका पार्थिव शरीर बागेश्वर पहुंचने पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। सहायक जिला सैनिक कल्याण अधिकारी आरसी तिवारी ने पुष्पचक्र अर्पित किए। भाई तारा सिंह ने चिता को मुखाग्नि दी। कौसानी से आए सिगलन कोर के जवानों ने नायब सूबेदार राजेश कुमार सोनी के नेतृत्व में सूबेदार को अंतिम सलामी दी। मौजूद लोगों ने उन्हें नम आंखों से विदाई दी। इस मौके पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष नवीन परिहार, भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष कुंदन लटवाल, जिलाध्यक्ष मनोज ओली, आशीष धपोला आदि मौजूद रहे।
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मूल रूप से कांडा तहसील के टकनार गांव निवासी सूबेदार हीरा सिंह एसएसी सर्वेयर के पद पर तैनात थे। 22 मई को वह अपनी पत्नी उमा देवी और अपने छोटे पुत्र के साथ बेंगलुरु से घर के लिए रवाना हुए। 23 मई को भोपाल से झांसी के बीच में रात के समय खाना खाने के बाद वह मोबाइल लेकर वॉशरुम की ओर निकले थे लेकिन नहीं लौटे। काफी देर तक वह सीट पर नहीं आए तो उनकी खोजबीन की गई, लेकिन पता नहीं चला। जिसके बाद उनकी पत्नी ने अपने बड़े पुत्र को बेंगलुरु फोन पर जानकारी दी। बड़े पुत्र ने सेना के अधिकारियों को सूचित किया। खोजबीन की गई तो ललितपुर जंक्शन के समीप सूबेदार का शव बरामद हुआ।
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शव को लेकर उनकी पत्नी, दोनों पुत्र अंकित और आदित्य और सेना के जवान बृहस्पतिवार को बागेश्वर पहुंचे। हल्द्वानी से उनके पिता रिटायर्ड सूबेदार दीवान सिंह भी साथ आए। करीब आठ बजे उनका पार्थिव शरीर बागेश्वर पहुंचने पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। सहायक जिला सैनिक कल्याण अधिकारी आरसी तिवारी ने पुष्पचक्र अर्पित किए। भाई तारा सिंह ने चिता को मुखाग्नि दी। कौसानी से आए सिगलन कोर के जवानों ने नायब सूबेदार राजेश कुमार सोनी के नेतृत्व में सूबेदार को अंतिम सलामी दी। मौजूद लोगों ने उन्हें नम आंखों से विदाई दी। इस मौके पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष नवीन परिहार, भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष कुंदन लटवाल, जिलाध्यक्ष मनोज ओली, आशीष धपोला आदि मौजूद रहे।
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