चार दिन बाद भी दर्ज नहीं हो सके किशोरी के बयान
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छेड़छाड़ पीड़िता नाबालिग के बयान प्राथमिकी दर्ज होने के चार दिन बाद भी दर्ज नहीं हो सके हैं। पुलिस का कहना है कि पीड़िता के बयान दर्ज होने के बाद ही डॉक्टर की गिरफ्तारी हो सकेगी।
मोहन सिंह मेहता सीएचसी बैजनाथ के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. संजीव सरना के खिलाफ बैजनाथ थाने में एक मार्च को नाबालिग किशोरी के साथ छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस के अनुसार पीड़िता के परिजनों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं।
थानाध्यक्ष बैजनाथ मदन लाल का कहना है कि पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है। उनके अनुसार किशोरी के बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज होने के बाद पुलिस आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार करने की कार्रवाई करेगी।
थानाध्यक्ष का कहना है कि बैजनाथ थाने में एकमात्र महिला एसआई तैनात है। उनके अनुसार सोमवार को महिला एसआई न्यायालय के काम के चलते बागेश्वर गईं थीं। इस कारण नाबालिग के बयान दर्ज नहीं हो सके।
उधर, सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश्वर सिंह गुंज्याल ने बताया कि डॉ. सरना न्यायालय के काम से रुद्रपुर गए हैं।
आरोेपी के खिलाफ मुखर हुए भाजपा-कांग्रेस
छेड़छाड़ के आरोपी डॉक्टर के खिलाफ भाजपा और कांग्रेस मुखर हो गए हैं। कांग्रेस ने आरोपी डॉक्टर को ड्यूटी देने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। कपकोट के पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण के सीएम से आरोपी डॉ. संजीव सरना को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की है।
वहीं, भाजपा के जिला महामंत्री शिव सिंह बिष्ट का कहना है कि आरोपी डॉक्टर के कारनामों से क्षेत्रवासी आहत हैं। उन्होंने डीजी स्वास्थ्य से डॉक्टर को तत्काल बर्खास्त करने के साथ ही गिरफ्तार करने की मांग की है।