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Bageshwar News: नियमित पढ़ाई और परिवार के सहयोग से पाई कामयाबी
Wed, 24 May 2023 12:26 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Wed, 24 May 2023 12:26 AM IST
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गरुड़ में कल्पना पांडे को मिठाई खिलाते परिजन।
- फोटो : गरुड़ में कल्पना पांडे को मिठाई खिलाते परिजन।
गरुड़ (बागेश्वर)। गरुड़ की बेटी कल्पना पांडे ने 22 वर्ष की उम्र में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया 102वीं रैंक प्राप्त कर बागेश्वर जिले के साथ प्रदेश का नाम रोशन किया है। कल्पना के आईएएस बनने से उनके पैतृक गांव खडेरिया और पूरे जिले मेंं खुशी का माहौल है। कल्पना का कहना है कि सफलता के लिए नियमित पढ़ाई जरूरी है। मेहनत के साथ परिवार का भी सहयोग भी आवश्यक है।
कल्पना पांडे विकासखंड गरुड़ के खडेरिया गांव निवासी रमेश चंद्र पांडे की सबसे छोटी पुत्री हैं। कल्पना ने हाईस्कूल तक की शिक्षा सेंट एडम्स पब्लिक स्कूल गरुड़, इंटर की शिक्षा निर्मला कान्वेंट स्कूल हल्द्वानी से ली। उच्च शिक्षा डीयू (दिल्ली विश्वविद्यालय) से लेने के बाद वह आईएएस की तैैयारी में जुट गईं। कल्पना ने बताया कि उन्होंने कोचिंग नहीं ली। उनका कहना है कि बचपन से आईएएस बनने का सपना था। उन्होंने अपनी सफलता श्रेय अपने पिता रमेश चंद्र पांडे, मां मंजू पांडे, भगवान, दोस्तों, गुरुजनों, अपनी दोनों बहनों, अपने पैतृक गांव के ग्रामीणों को दिया। कल्पना ने बताया कि यह दूसरा प्रयास में उन्हें सफलता मिली।
यूपीएससी की परीक्षा पास करने के लिए कोचिंग जरूरी नहीं
गरुड़ (बागेश्वर)। कल्पना का कहना है कि यूपीएससी परीक्षा पास करने के लिए कोचिंग जरूरी नहीं है। परीक्षा पास करने के लिए नियमित पढ़ाई सबसे जरूरी है। कल्पना ने बताया कि उनका प्रिय विषय राजनीतिक विज्ञान रहा। पढ़ाई में माता-पिता और बहनों का खूब सहयोग रहा। कल्पना अपने माता-पिता की सबसे छोटी बेटी हैं। उनकी बड़ी बहन संहिता कांडपाल अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में पढ़ाती हैं। दूसरी बहन प्रगति जोशी सिविल इंजीनियर हैं। पिता की गरुड़ में परचून की दुकान है। उनकी मां मंजू पांडे स्वास्थ्य विभाग बैजनाथ में हेल्थ सुपरवाइजर हैं।
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नीब करौरी महाराज के दर्शन के कुछ देर बाद लगा सफलता का पता
गरुड़ (बागेश्वर)। कल्पना पांडे मंगलवार को अपने माता-पिता और परिजनों के साथ कैंची धाम दर्शन करने गई थीं। नीब करौरी महाराज के दर्शन के कुछ देर बाद उन्हें सफलता के बारे में जानकारी मिली। कल्पना ने बताया कि नीब करौरी महाराज के दर्शन करने का कार्यक्रम परिजनों ने सोमवार रात बनाया था। उन्होंने बताया कि देर शाम हम सब अपने गांव पहुचेंगे।
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कल्पना पांडे विकासखंड गरुड़ के खडेरिया गांव निवासी रमेश चंद्र पांडे की सबसे छोटी पुत्री हैं। कल्पना ने हाईस्कूल तक की शिक्षा सेंट एडम्स पब्लिक स्कूल गरुड़, इंटर की शिक्षा निर्मला कान्वेंट स्कूल हल्द्वानी से ली। उच्च शिक्षा डीयू (दिल्ली विश्वविद्यालय) से लेने के बाद वह आईएएस की तैैयारी में जुट गईं। कल्पना ने बताया कि उन्होंने कोचिंग नहीं ली। उनका कहना है कि बचपन से आईएएस बनने का सपना था। उन्होंने अपनी सफलता श्रेय अपने पिता रमेश चंद्र पांडे, मां मंजू पांडे, भगवान, दोस्तों, गुरुजनों, अपनी दोनों बहनों, अपने पैतृक गांव के ग्रामीणों को दिया। कल्पना ने बताया कि यह दूसरा प्रयास में उन्हें सफलता मिली।
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यूपीएससी की परीक्षा पास करने के लिए कोचिंग जरूरी नहीं
गरुड़ (बागेश्वर)। कल्पना का कहना है कि यूपीएससी परीक्षा पास करने के लिए कोचिंग जरूरी नहीं है। परीक्षा पास करने के लिए नियमित पढ़ाई सबसे जरूरी है। कल्पना ने बताया कि उनका प्रिय विषय राजनीतिक विज्ञान रहा। पढ़ाई में माता-पिता और बहनों का खूब सहयोग रहा। कल्पना अपने माता-पिता की सबसे छोटी बेटी हैं। उनकी बड़ी बहन संहिता कांडपाल अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में पढ़ाती हैं। दूसरी बहन प्रगति जोशी सिविल इंजीनियर हैं। पिता की गरुड़ में परचून की दुकान है। उनकी मां मंजू पांडे स्वास्थ्य विभाग बैजनाथ में हेल्थ सुपरवाइजर हैं।
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नीब करौरी महाराज के दर्शन के कुछ देर बाद लगा सफलता का पता
गरुड़ (बागेश्वर)। कल्पना पांडे मंगलवार को अपने माता-पिता और परिजनों के साथ कैंची धाम दर्शन करने गई थीं। नीब करौरी महाराज के दर्शन के कुछ देर बाद उन्हें सफलता के बारे में जानकारी मिली। कल्पना ने बताया कि नीब करौरी महाराज के दर्शन करने का कार्यक्रम परिजनों ने सोमवार रात बनाया था। उन्होंने बताया कि देर शाम हम सब अपने गांव पहुचेंगे।