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‘सत्ता के मद में चूर हैं बागेश्वर जिपं अध्यक्ष’
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बागेश्वर। बीते 15 जून से जिला पंचायत पर अनियमितता का आरोप लगाते हुए आंदोलन कर रहे जिपं उपाध्यक्ष और असंतुष्ट जिपं सदस्यों ने जपं अध्यक्ष को सत्ता के मद में चूर बताया है। असमान बजट आवंटन पर सवाल खड़े करते हुए उन्होंने मंगलवार को भी मांगों को लेकर जिपं परिसर में धरना दिया। ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष भुवन ऐठानी आंदोलन को समर्थन देते हुए धरने पर बैठे।
जिपं उपाध्यक्ष नवीन परिहार ने कहा कि जिपं अध्यक्ष सत्ता के मद में चूर हो गई हैं। वह लोग समान बजट आवंटित करने और नियोजन समेत अन्य समितियों का पुनर्गठन करने की मांग कर रहे हैं लेकिन उनकी मांगों को अनदेखा किया जा रहा है। अध्यक्ष धरनास्थल बदलने की बात कर रही हैं। यदि प्रशासन ने इस प्रकार का कोई भी कदम ने उठाया को जनता को भी आंदोलन में शरीक किया जाएगा। उनका कहना है कि 19 में से नौ सदस्य आंदोलित हैं, यानी आधा जिला असंतुष्ट है। इसका असर विधानसभा चुनाव पर पड़ेगा, सत्ताधारी दल और सरकार को यह बात ध्यान में रखनी चाहिए।
भैरूचौबट्टा की जिपं सदस्य गोपा धपोला, वज्यूला की जिपं सदस्य इंदिरा परिहार ने अध्यक्ष के विवेकाधीन कोष की प्रति दिखाते हुए कहा कि किसी जिपं क्षेत्र में 35 लाख, किसी में 25 लाख रुपये दिए गए हैं। उनके क्षेत्र में एक भी रुपया नहीं दिया गया है। यह उनके क्षेत्र की जनता के साथ अन्याय है। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि क्या भैरूचौबट्टा और वज्यूला जिले का हिस्सा नहीं है? जो वहां एक भी रुपया नहीं दिया गया। धरने में जिपं सदस्य हरीश ऐठानी, सुरेंद्र खेतवाल, रूपा कोरंगा, पूजा आर्या बैठे।
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जिपं उपाध्यक्ष नवीन परिहार ने कहा कि जिपं अध्यक्ष सत्ता के मद में चूर हो गई हैं। वह लोग समान बजट आवंटित करने और नियोजन समेत अन्य समितियों का पुनर्गठन करने की मांग कर रहे हैं लेकिन उनकी मांगों को अनदेखा किया जा रहा है। अध्यक्ष धरनास्थल बदलने की बात कर रही हैं। यदि प्रशासन ने इस प्रकार का कोई भी कदम ने उठाया को जनता को भी आंदोलन में शरीक किया जाएगा। उनका कहना है कि 19 में से नौ सदस्य आंदोलित हैं, यानी आधा जिला असंतुष्ट है। इसका असर विधानसभा चुनाव पर पड़ेगा, सत्ताधारी दल और सरकार को यह बात ध्यान में रखनी चाहिए।
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भैरूचौबट्टा की जिपं सदस्य गोपा धपोला, वज्यूला की जिपं सदस्य इंदिरा परिहार ने अध्यक्ष के विवेकाधीन कोष की प्रति दिखाते हुए कहा कि किसी जिपं क्षेत्र में 35 लाख, किसी में 25 लाख रुपये दिए गए हैं। उनके क्षेत्र में एक भी रुपया नहीं दिया गया है। यह उनके क्षेत्र की जनता के साथ अन्याय है। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि क्या भैरूचौबट्टा और वज्यूला जिले का हिस्सा नहीं है? जो वहां एक भी रुपया नहीं दिया गया। धरने में जिपं सदस्य हरीश ऐठानी, सुरेंद्र खेतवाल, रूपा कोरंगा, पूजा आर्या बैठे।
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