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Bageshwar News: बागेश्वर डायट में होगी पहली अंतर जनपदीय सांस्कृतिक प्रतियोगिता
Fri, 15 Sep 2023 11:51 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Fri, 15 Sep 2023 11:51 PM IST
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बागेश्वर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के नाम नई उपलब्धि जुड़ने जा रही है। प्रदेश में पहली बार होने वाली अंतर जनपदीय सांस्कृतिक प्रतियोगिता (इंटर डायट कल्चरल मीट) का आयोजन बागेश्वर में होगा। इसमें सभी 13 जिलों के डीएलएड प्रशिक्षु भागीदारी करेंगे।
नवंबर के पहले सप्ताह में प्रस्तावित दो दिवसीय आयोजन में प्रदेश की संस्कृतियों का समागम देखने को मिलेगा। प्रतियोगिता की संकल्पना और प्रारूप डायट प्रवक्ता रवि कुमार जोशी ने तैयार कहा कि इसका उद्देश्य लोक संगीत, लोक नृत्य, नाटिका, बाल गीत, लोक कथाओं के माध्यम से शिक्षण कार्य को रूचिकर और आसान बनाना है। प्रतिभागियों के भोजन और ठहरने का इंतजाम डायट बागेश्वर की ओर से किया जाएगा।
डायट प्राचार्य, डॉ. मनोज कुमार पांडेय का कहना है कि डायट बागेश्वर के प्रवक्ता शिक्षा के विकास के लिए समय-समय पर नवाचारी गतिविधियों को बढ़ावा देते रहे हैं। सांस्कृतिक प्रतियोगिता के माध्यम से जहां प्रारंभिक शिक्षा को सुगम बनाने में मदद मिलेगी, वहीं भावी शिक्षकों को प्रदेश की विभिन्न कला, संस्कृति और तौर तरीकों को जानने का मौका मिलेगा।
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प्रतियोगिता की गतिविधियां
बागेश्वर। सांस्कृतिक प्रतियोगिता में प्रतिभागी उत्तराखंडी लोकगीत, नृत्य नाटिका या पारंपरिक लोक नृत्य, बाल गीत या बाल कविता और समूह गीत विधा में भागीदारी करेंगे। लोक गीत प्रस्तुति केवल प्रदेश के लोक वाद्य यंत्रों की धुन पर ही की जाएगी। नृत्य नाटिका पौराणिक कथाओं पर आधारित होगी।
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नवंबर के पहले सप्ताह में प्रस्तावित दो दिवसीय आयोजन में प्रदेश की संस्कृतियों का समागम देखने को मिलेगा। प्रतियोगिता की संकल्पना और प्रारूप डायट प्रवक्ता रवि कुमार जोशी ने तैयार कहा कि इसका उद्देश्य लोक संगीत, लोक नृत्य, नाटिका, बाल गीत, लोक कथाओं के माध्यम से शिक्षण कार्य को रूचिकर और आसान बनाना है। प्रतिभागियों के भोजन और ठहरने का इंतजाम डायट बागेश्वर की ओर से किया जाएगा।
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डायट प्राचार्य, डॉ. मनोज कुमार पांडेय का कहना है कि डायट बागेश्वर के प्रवक्ता शिक्षा के विकास के लिए समय-समय पर नवाचारी गतिविधियों को बढ़ावा देते रहे हैं। सांस्कृतिक प्रतियोगिता के माध्यम से जहां प्रारंभिक शिक्षा को सुगम बनाने में मदद मिलेगी, वहीं भावी शिक्षकों को प्रदेश की विभिन्न कला, संस्कृति और तौर तरीकों को जानने का मौका मिलेगा।
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प्रतियोगिता की गतिविधियां
बागेश्वर। सांस्कृतिक प्रतियोगिता में प्रतिभागी उत्तराखंडी लोकगीत, नृत्य नाटिका या पारंपरिक लोक नृत्य, बाल गीत या बाल कविता और समूह गीत विधा में भागीदारी करेंगे। लोक गीत प्रस्तुति केवल प्रदेश के लोक वाद्य यंत्रों की धुन पर ही की जाएगी। नृत्य नाटिका पौराणिक कथाओं पर आधारित होगी।