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आतंकवाद से निपटने को पसीना बहा रहे भारत-अमेरिकी सैनिक
अमर उजाला ब्यूरो, रानीखेत (अल्मोड़ा)।
Updated Sun, 23 Sep 2018 11:38 PM IST
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युद्धाभ्यास के दौरान विस्फोटकों की जानकारी साझा करते सैनिक
- फोटो : अमर उजाला
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आतंकवाद की चुनौतियों से निपटने के लिए यहां चौबटिया क्षेत्र के जंगलों में भारत-अमेरिकी सैनिकों के बीच संयुक्त युद्धाभ्यास जारी है। लेक्चर क्लास के साथ ही दोनों देशों के सैनिक फील्ड अभ्यास भी ले रहे हैं। आतंकियों के खिलाफ अभी तक कई आपरेशनों का प्रदर्शन किया जा चुका है। अब यह युद्धाभ्यास चरम पर पहुंच गया है। रविवार को सुबह अभ्यास के बाद सैनिकों ने प्राकृतिक सौंदर्य का भी लुत्फ उठाया।
15 गढ़वाल रेजीमेंट के अंतर्गत चल रहा यह युद्धाभ्यास इस बार डिवीजन स्तर पर आयोजित किया गया है। दोनों देशों के 350-350 सैनिक युद्धाभ्यास का हिस्सा हैं। भारतीय सेना ने पहाड़ी में छिपे आतंकियों को ढेर करने और घुसपैठियों को कैसे घरों से बाहर निकालकर खत्म किया जाता है, इसका प्रदर्शन किया। अमेरिकी सैनिक तकनीकी रूप से अधिक दक्ष माने जाते हैं। सुबह और शाम के वक्त सैनिक खेल और व्यायाम में भी हिस्सा ले रहे हैं। आतंकवाद को कुचलने के लिए अभी तक कई आपरेशनों को अंजाम दिया जा चुका है। गड्ढों को लांघना, रस्सियों के सहारे चट्टानों को पार करने की भी ट्रेनिंग दी जा रही है। युद्धाभ्यास के दौरान कई तरह के विस्फोटक सामग्रियों की भी जानकारी साझा की जा रही है। फुर्सत के क्षणों में सैनिक क्षेत्र भ्रमण करते भी देखे जा रहेे हैं।
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15 गढ़वाल रेजीमेंट के अंतर्गत चल रहा यह युद्धाभ्यास इस बार डिवीजन स्तर पर आयोजित किया गया है। दोनों देशों के 350-350 सैनिक युद्धाभ्यास का हिस्सा हैं। भारतीय सेना ने पहाड़ी में छिपे आतंकियों को ढेर करने और घुसपैठियों को कैसे घरों से बाहर निकालकर खत्म किया जाता है, इसका प्रदर्शन किया। अमेरिकी सैनिक तकनीकी रूप से अधिक दक्ष माने जाते हैं। सुबह और शाम के वक्त सैनिक खेल और व्यायाम में भी हिस्सा ले रहे हैं। आतंकवाद को कुचलने के लिए अभी तक कई आपरेशनों को अंजाम दिया जा चुका है। गड्ढों को लांघना, रस्सियों के सहारे चट्टानों को पार करने की भी ट्रेनिंग दी जा रही है। युद्धाभ्यास के दौरान कई तरह के विस्फोटक सामग्रियों की भी जानकारी साझा की जा रही है। फुर्सत के क्षणों में सैनिक क्षेत्र भ्रमण करते भी देखे जा रहेे हैं।
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