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अभाव में जीकर मां के सपने को पंख लगाए
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
Updated Tue, 30 May 2017 10:23 PM IST
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शुभम को मिठाई खिलाती बुआ भारती मठपाल।
- फोटो : अमर उजाला
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हाइस्कूल परीक्षा में प्रदेश की मेरिट सूची में 18वां स्थान लाने वाला शुभम जोशी गुदड़ी का लाल साबित हुआ है। 94.4 प्रतिशत अंक लाने वाले बेहद गरीब परिवार के शुभम का सपना आईएएस बनना है।
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विवेकानंद विद्या मंदिर हिचौड़ी में पढ़ने वाला शुभम गरीब परिवार से है।
तमाम अभावों के बीच पढ़ाई कर रहे शुभम ने 94.4 प्रतिशत अंक प्राप्त कर दिखा दिया कि गुदड़ी के लाल भी होते हैं। कपकोट के बेलंग गांव निवासी शुभम के पिता महेश चंद्र जोशी की 2003 में एक ट्रक दुर्घटना में मौत हो गई थी। मां नीमा जोशी आशा कार्यकर्ता हैं। शुभम की एक बड़ी बहन बबिता बीएससी में है जबकि छोटी बहन लता सातवीं कक्षा में पढ़ रही है। सीमित आय और खेतों में हाड़ तोड़ मेहनत कर अपने तीन बच्चों को पढ़ा रही मां की आंखों में भले ही बहुत बड़े सपने न हों, लेकिन जो सपने उनके पास हैं उन सपनों को शुभम ने पंख लगा दिए हैं। शुभम की मां नीमा जोशी अपने बेटे की उपलब्धि से बेहद खुश हैं। शुभम इस समय देहरादून में अपनी बुआ भारती मठपाल के घर में है। जब शुभम से फोन पर बातचीत हुई तो उन्होंने बताया कि वह प्रतिदिन चार से पांच घंटे की पढ़ाई करते हैं। उनकी पढ़ाई में छोटे चाचा कैलाश जोशी उनकी मदद करते हैं। शुभम ने अपनी सफलता का श्रेय अपने दादा और शिक्षकों को देते हुए बताया कि वह आईएएस बनकर देश सेवा करना चाहता है। उसकी उपलब्धि पर विवेकानंद विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य कृष्णवर्द्धन जोशी सहित सभी शिक्षकों ने खुशी जताई है।
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