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किसानों की आय दोगुनी करने के लिए कृषि बजट बढ़ाना जरूरी
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बागेश्वर में आयोजित अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में बजट पर चर्चा करते अतिथि।
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य रखा है लेकिन इसके लिए कृषि बजट में महज 29,505 करोड़ का इजाफा किया गया है जो नाकाफी है। यह बातें अमर उजाला की ओर से ‘बजट को समझिए’ विषय पर आयोजित संवाद में मौजूद किसानों, शिक्षकों और कारोबारियों ने कही। वहीं आयकर के दो स्लैब को लेकर दुविधा में नजर आ रहे लोगों के हर संशय को संवाद में मौजूद कर विशेषज्ञ धीरज कोरंगा ने दूर किया। उन्होंने बताया कि आठ लाख रुपये की आय वालेे लोगों को पुराना स्लैब चुनना लाभदायक रहेगा, जबकि इससे अधिक आय वालों को नया विकल्प चुनना लाभदायक होगा।
... ये उठे सवाल
- बैंक की क्रेडिट सिक्योरिटी बढ़ाने की जरूरत क्यों पड़ी?
- क्या नए करदाता भी पुराने स्लैब को चुन सकते हैं।
- सरकार वंचित तबके के लिए ऑनलाइन शिक्षा की व्यवस्था कैसे करेगी?
- सरकार ने हरिद्वार अर्द्धकुंभ के लिए कितना बजट दिया है?
- कम से कम कितनी वार्षिक आय वाले व्यक्ति को आयकर विवरण भरना चाहिए?
.... ये मिले जवाब
- पहले कम लोग ही एक लाख रुपये से अधिक खातों में रखते थे, जबकि अब इनकी संख्या बढ़ चुकी है। इसलिए ऐसा करना जरूरी था।
- हां नए करदाता भी पुराने से नए और नए से पुराने स्लैब को चुन सकते हैं। लेकिन कारोबारी के लिए एक बार ही विकल्प चुनने का अवसर होगा।
- जिले की संचार सेवा कमजोर है। इसके सुधरने पर इंटरनेट के सहारे पढ़ाई हो सकती है।
- इसका विवरण पर्यटन या संस्कृति विभाग को आवंटित बजट से पता चल सकेगा।
- ढाई लाख रुपये से अधिक आय वाले हर व्यक्ति को वार्षिक रिटर्न भरना चाहिए।
... बोले विशेषज्ञ
केंद्र सरकार ने करदाताओं को राहत दिलाने का दावा किया है लेकिन अभी ऐसा नहीं लगता है। करदाताओं को सीए और कर विशेषज्ञों से राय लेनी ही पड़ेगी। खेती के लिए 11 प्रतिशत विकास दर होने पर ही किसानों की आय दोगुनी हो सकेगी जबकि फिलहाल खेती की विकास दर दो प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकी है।
- धीरज कोरंगा, कर विशेषज्ञ
केंद्र सरकार ने बैंकों के डिजिटलाइजेशन पर जोर दिया है। क्रेडिट गारंटी को एक लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये किया गया है। इसका लाभ सभी खाताधारकों को मिलेगा। कृषि उपज के परिवहन के लिए विशेष रेलगाड़ी चलाना भी सराहनीय है।
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- उमेश चंद्र जोशी, बैंक प्रबंधक
.... लोगों ने कहा
सरकार को जीएसटी की कर प्रणाली सुधारनी चाहिए। कामगारों को देय पीएफ का अंशदान उद्यमियों के बजाय सरकार को करना चाहिए। इससे रोजगार समेत कारोबार भी बढ़ेगा। सरकार ने जनप्रतिनिधियों की पेंशन, भत्तों के लिए 312 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है जबकि सभी नेताओं की संपत्ति की जांच होनी चाहिए।
- दलीप खेतवाल, व्यवसायी
सरकार ने बचत की बजाय खर्चों को बढ़ावा दिया है। इसी कारण एलआईसी में भी पूंजी निवेश किया जा रहा है। बीएसएनएल जैसी सरकारी संचार सेवा को भी मजबूत करने की जरूरत है। शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने को स्थायी शिक्षकों की तैनाती होनी चाहिए।
- बाला दत्त तिवारी, सेवानिवृत्त शिक्षक
केंद्र सरकार सभी देशवासियों का जीवन स्तर सुधारना चाहती है। इसी कारण हर वर्ग के लोगों के हित में पर्याप्त बजट प्राविधान किया गया है। मनरेगा आदि जिन मदों में बजट की कमी बताई जा रही है, उस मद में पुरानी राशि भी बची हो सकती है।
- धीरेंद्र परिहार, सभासद
केंद्र सरकार ने करदाताओं की सुविधा के लिए पहली बार करदाता चार्टर बनाया है। इस कारण करदाताओं को समय पर हर सुविधा मिल सकेगी। बिना पंजीकरण नंबर, क्रमांक वाले नोटिस को अमान्य करने से इंस्पेक्टर राज खत्म होगा।
- मनीष पांडे, व्यवसायी
केंद्र सरकार ने रेल बजट को आम बजट में मर्ज कर दिया है। इस कारण रेल बजट की पूरी जानकारी नहीं मिल सकी। कुमाऊं मंडल के तीन जिले रेल नेटवर्क से अछूते हैं। इनमें भी रेल मार्ग निर्माण के लिए सरकार को पहल करनी चाहिए थी।
- जीएस बाफिला
केंद्र सरकार को कर प्रणाली सुधारनी चाहिए। इस कारण 18 और 28 प्रतिशत तक रखी गई कर की दर बहुत अधिक है। लोन लेकर कारोबार करने वालों को भारी ब्याज भी देना पड़ता है। इस कारण कारोबारियों को इन दोनों को जोड़कर मूलधन से करीब 40 प्रतिशत तक अधिक अदायगी करनी पड़ रही है।
- आशीष धपोला, व्यवसायी
उत्तराखंड के अधिकतर किसानों की जोत बहुत कम है। इसके बावजूद केंद्र सरकार छोटी जोत वाले किसानों के लिए अनुबंधित खेती को बढ़ावा दे रही है, जबकि इन्हीं लघु, सीमांत किसानों को जमीन दिलाकर उपज बढ़ाई जा सकती है। स्वच्छ हवा के लक्ष्य को पूरा करने के लिए भी कृषि सुधार जरूरी है।
- किशन सिंह मलड़ा, किसान
आम बजट से लगता है कि सरकार निजीकरण की ओर जा रही है। इसी कारण शिक्षा और मनरेगा का बजट नहीं बढ़ाया गया है। आयकर प्रक्रिया को भी उलझा दिया गया है। सरकार को विश्वविद्यालयों का माहौल भी सुधारना चाहिए।
- दीपक बिष्ट, व्यवसायी
केंद्र सरकार ने ऑनलाइन सेवाओं को बढ़ावा दिया है लेकिन जिले की संचार सेवा बहुत कमजोर है। हालांकि सरकार ने गांवों तक इंटरनेट सेवा पहुंचाने का दावा किया है। इससे उम्मीद है कि गांवों तक संचार सेवा सुधरेगी तो इसका लाभ कारोबारियों को भी मिलेगा।
- महिपाल भरड़ा, व्यवसायी
केंद्र सरकार को महंगाई रोकनी चाहिए लेकिन बजट में ऐसा कुछ प्रावधान देखने, सुनने को नहीं मिला। प्याज समेत पेट्रोलियम पदार्थों की महंगाई से हर वर्ग परेशान है। इसके बावजूद सरकारी मशीनरी शाकाहारी और मांसाहारी थाली सस्ती होने का दिखावा कर रही है।
- सुनीता टम्टा, गृहणी
सरकार ने ऐतिहासिक स्थलों के विकास के लिए बजट प्रावधान किया है। यह सराहनीय है। इसी प्रकार सरकार को वरिष्ठ नागरिकों के हित में भी नई योजना चलानी चाहिए थी। वरिष्ठ नागरिकों के अनुभवों का लाभ देश को दिलाने के लिए विशेष उपाय किए जाने चाहिए।
- रमेश पर्वतीय, वरिष्ठ नागरिक
केंद्र सरकार ने गरीब, मजदूर, मेहनतकश जनता की अनदेखी की है। इसी कारण मनरेगा का बजट नहीं बढ़ाया गया है जबकि इसमें मजदूरी की दर समेत बजट आवंटन भी बढ़ाने की जरूरत है। उत्तराखंड के गांवों से पलायन रोकने के लिए भी ऐसी योजना जरूरी है।
- सुरेश जयसूर्या, हस्तशिल्पी
पहले सूडा, ट्राइसेम समेत कई संस्थाओं से युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार भी दिलाया जाता था लेकिन अब कौशल विकास के नाम पर हो रहे फर्जीवाड़े को रोकने के लिए निगरानी तंत्र बढ़ाने की जरूरत है। सरकार जिसे भी प्रशिक्षण देकर उसको रोजगार भी मिलना चाहिए।
- भुुवन फर्स्वाण, युवा
अल्मोड़ा मैग्नेसाइट फैक्ट्री जिले में सबसे बड़ी रोजगारदाता कंपनी है। इस कारण आसपास के तीन गांवों से पलायन रुक चुका है। रीमा से खड़िया लाकर भी वहां नए उत्पाद बनाए जा सकते हैं। इसी प्रकार मनकोट में हो रही फूलों की खेती को भी बढ़ावा मिलेगा।
- रवि करायत, भाजपा नेता
देश की रक्षा करना हर नागरिक का कर्तव्य है। इसके बावजूद कई जगह देशविरोधी नारे लगना दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार को देशहित में विश्वविद्यालयों में संसाधन बढ़ाने चाहिए। देशद्रोहियों को उम्रकैद की सजा होनी चाहिए।
- कुंवर सिंह परिहार, सेवानिवृत्त सैनिक
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... ये उठे सवाल
- बैंक की क्रेडिट सिक्योरिटी बढ़ाने की जरूरत क्यों पड़ी?
- क्या नए करदाता भी पुराने स्लैब को चुन सकते हैं।
- सरकार वंचित तबके के लिए ऑनलाइन शिक्षा की व्यवस्था कैसे करेगी?
- सरकार ने हरिद्वार अर्द्धकुंभ के लिए कितना बजट दिया है?
- कम से कम कितनी वार्षिक आय वाले व्यक्ति को आयकर विवरण भरना चाहिए?
.... ये मिले जवाब
- पहले कम लोग ही एक लाख रुपये से अधिक खातों में रखते थे, जबकि अब इनकी संख्या बढ़ चुकी है। इसलिए ऐसा करना जरूरी था।
- हां नए करदाता भी पुराने से नए और नए से पुराने स्लैब को चुन सकते हैं। लेकिन कारोबारी के लिए एक बार ही विकल्प चुनने का अवसर होगा।
- जिले की संचार सेवा कमजोर है। इसके सुधरने पर इंटरनेट के सहारे पढ़ाई हो सकती है।
- इसका विवरण पर्यटन या संस्कृति विभाग को आवंटित बजट से पता चल सकेगा।
- ढाई लाख रुपये से अधिक आय वाले हर व्यक्ति को वार्षिक रिटर्न भरना चाहिए।
... बोले विशेषज्ञ
केंद्र सरकार ने करदाताओं को राहत दिलाने का दावा किया है लेकिन अभी ऐसा नहीं लगता है। करदाताओं को सीए और कर विशेषज्ञों से राय लेनी ही पड़ेगी। खेती के लिए 11 प्रतिशत विकास दर होने पर ही किसानों की आय दोगुनी हो सकेगी जबकि फिलहाल खेती की विकास दर दो प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकी है।
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- धीरज कोरंगा, कर विशेषज्ञ
केंद्र सरकार ने बैंकों के डिजिटलाइजेशन पर जोर दिया है। क्रेडिट गारंटी को एक लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये किया गया है। इसका लाभ सभी खाताधारकों को मिलेगा। कृषि उपज के परिवहन के लिए विशेष रेलगाड़ी चलाना भी सराहनीय है।
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- उमेश चंद्र जोशी, बैंक प्रबंधक
.... लोगों ने कहा
सरकार को जीएसटी की कर प्रणाली सुधारनी चाहिए। कामगारों को देय पीएफ का अंशदान उद्यमियों के बजाय सरकार को करना चाहिए। इससे रोजगार समेत कारोबार भी बढ़ेगा। सरकार ने जनप्रतिनिधियों की पेंशन, भत्तों के लिए 312 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है जबकि सभी नेताओं की संपत्ति की जांच होनी चाहिए।
- दलीप खेतवाल, व्यवसायी
सरकार ने बचत की बजाय खर्चों को बढ़ावा दिया है। इसी कारण एलआईसी में भी पूंजी निवेश किया जा रहा है। बीएसएनएल जैसी सरकारी संचार सेवा को भी मजबूत करने की जरूरत है। शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने को स्थायी शिक्षकों की तैनाती होनी चाहिए।
- बाला दत्त तिवारी, सेवानिवृत्त शिक्षक
केंद्र सरकार सभी देशवासियों का जीवन स्तर सुधारना चाहती है। इसी कारण हर वर्ग के लोगों के हित में पर्याप्त बजट प्राविधान किया गया है। मनरेगा आदि जिन मदों में बजट की कमी बताई जा रही है, उस मद में पुरानी राशि भी बची हो सकती है।
- धीरेंद्र परिहार, सभासद
केंद्र सरकार ने करदाताओं की सुविधा के लिए पहली बार करदाता चार्टर बनाया है। इस कारण करदाताओं को समय पर हर सुविधा मिल सकेगी। बिना पंजीकरण नंबर, क्रमांक वाले नोटिस को अमान्य करने से इंस्पेक्टर राज खत्म होगा।
- मनीष पांडे, व्यवसायी
केंद्र सरकार ने रेल बजट को आम बजट में मर्ज कर दिया है। इस कारण रेल बजट की पूरी जानकारी नहीं मिल सकी। कुमाऊं मंडल के तीन जिले रेल नेटवर्क से अछूते हैं। इनमें भी रेल मार्ग निर्माण के लिए सरकार को पहल करनी चाहिए थी।
- जीएस बाफिला
केंद्र सरकार को कर प्रणाली सुधारनी चाहिए। इस कारण 18 और 28 प्रतिशत तक रखी गई कर की दर बहुत अधिक है। लोन लेकर कारोबार करने वालों को भारी ब्याज भी देना पड़ता है। इस कारण कारोबारियों को इन दोनों को जोड़कर मूलधन से करीब 40 प्रतिशत तक अधिक अदायगी करनी पड़ रही है।
- आशीष धपोला, व्यवसायी
उत्तराखंड के अधिकतर किसानों की जोत बहुत कम है। इसके बावजूद केंद्र सरकार छोटी जोत वाले किसानों के लिए अनुबंधित खेती को बढ़ावा दे रही है, जबकि इन्हीं लघु, सीमांत किसानों को जमीन दिलाकर उपज बढ़ाई जा सकती है। स्वच्छ हवा के लक्ष्य को पूरा करने के लिए भी कृषि सुधार जरूरी है।
- किशन सिंह मलड़ा, किसान
आम बजट से लगता है कि सरकार निजीकरण की ओर जा रही है। इसी कारण शिक्षा और मनरेगा का बजट नहीं बढ़ाया गया है। आयकर प्रक्रिया को भी उलझा दिया गया है। सरकार को विश्वविद्यालयों का माहौल भी सुधारना चाहिए।
- दीपक बिष्ट, व्यवसायी
केंद्र सरकार ने ऑनलाइन सेवाओं को बढ़ावा दिया है लेकिन जिले की संचार सेवा बहुत कमजोर है। हालांकि सरकार ने गांवों तक इंटरनेट सेवा पहुंचाने का दावा किया है। इससे उम्मीद है कि गांवों तक संचार सेवा सुधरेगी तो इसका लाभ कारोबारियों को भी मिलेगा।
- महिपाल भरड़ा, व्यवसायी
केंद्र सरकार को महंगाई रोकनी चाहिए लेकिन बजट में ऐसा कुछ प्रावधान देखने, सुनने को नहीं मिला। प्याज समेत पेट्रोलियम पदार्थों की महंगाई से हर वर्ग परेशान है। इसके बावजूद सरकारी मशीनरी शाकाहारी और मांसाहारी थाली सस्ती होने का दिखावा कर रही है।
- सुनीता टम्टा, गृहणी
सरकार ने ऐतिहासिक स्थलों के विकास के लिए बजट प्रावधान किया है। यह सराहनीय है। इसी प्रकार सरकार को वरिष्ठ नागरिकों के हित में भी नई योजना चलानी चाहिए थी। वरिष्ठ नागरिकों के अनुभवों का लाभ देश को दिलाने के लिए विशेष उपाय किए जाने चाहिए।
- रमेश पर्वतीय, वरिष्ठ नागरिक
केंद्र सरकार ने गरीब, मजदूर, मेहनतकश जनता की अनदेखी की है। इसी कारण मनरेगा का बजट नहीं बढ़ाया गया है जबकि इसमें मजदूरी की दर समेत बजट आवंटन भी बढ़ाने की जरूरत है। उत्तराखंड के गांवों से पलायन रोकने के लिए भी ऐसी योजना जरूरी है।
- सुरेश जयसूर्या, हस्तशिल्पी
पहले सूडा, ट्राइसेम समेत कई संस्थाओं से युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार भी दिलाया जाता था लेकिन अब कौशल विकास के नाम पर हो रहे फर्जीवाड़े को रोकने के लिए निगरानी तंत्र बढ़ाने की जरूरत है। सरकार जिसे भी प्रशिक्षण देकर उसको रोजगार भी मिलना चाहिए।
- भुुवन फर्स्वाण, युवा
अल्मोड़ा मैग्नेसाइट फैक्ट्री जिले में सबसे बड़ी रोजगारदाता कंपनी है। इस कारण आसपास के तीन गांवों से पलायन रुक चुका है। रीमा से खड़िया लाकर भी वहां नए उत्पाद बनाए जा सकते हैं। इसी प्रकार मनकोट में हो रही फूलों की खेती को भी बढ़ावा मिलेगा।
- रवि करायत, भाजपा नेता
देश की रक्षा करना हर नागरिक का कर्तव्य है। इसके बावजूद कई जगह देशविरोधी नारे लगना दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार को देशहित में विश्वविद्यालयों में संसाधन बढ़ाने चाहिए। देशद्रोहियों को उम्रकैद की सजा होनी चाहिए।
- कुंवर सिंह परिहार, सेवानिवृत्त सैनिक