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होम स्टे योजना शुरू, गांवों से रुकेगा पलायन
ब्यूरो /अमर उजाला, बागेश्वर।
Updated Mon, 16 Nov 2015 12:51 AM IST
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उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद की होम स्टे योजना को चालू करने की तैयारियां शुरू हो गई। स्थानीय लोगों के परंपरागत घरों में रहकर विदेशी सैलानी यहां की संस्कृति, खानपान का लुत्फ उठाएंगे। लोगों को घर पर ही रोजगार मिल सकेगा। इसके लिए आवेदकों का रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है।
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राज्य सरकार द्वारा हाल ही में तैयार की गई इस योजना के क्रियान्वयन का दायित्व जिला प्रशासन, पर्यटन विभाग को सौंपा गया है। सरकार ने यूपी के समय की पेईंग गेस्ट योजना को खत्म करके उत्तराखंड गृह आवास (होम स्टे) योजना शुरू की है।
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इस योजना के माध्यम से ग्रामीणों, शहरी क्षेत्र के लोगों को रोजगार देने के साथ स्थानीय, संस्कृति, खान-पान की वस्तुओं का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। पहाड़ के परंपरागत मकानों को वरीयता दी जाएगी। रिसोर्ट, होटल, मोटल, गेस्ट हाउस इसमें शामिल नहीं होंगे।
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निजी संपर्क, पर्यटन विभाग के माध्यम से आने वाले पर्यटकों को निर्धारित राशि पर यहां ठहराया जाएगा। हर कमरे में एक, दो बेड लगेंगे। आवास, भोजन, शौचालय की सुविधा गृहस्वामी करेंगे। इसके लिए भवनों को दो स्तरों पर वर्गीकरण किया जाएगा।
पर्वतीय क्षेत्र में स्थानीय पत्थर, लकड़ी आदि वस्तुओं से बने बहुत से पुराने भवन आज भी अच्छी अवस्था हैं। इन्हें पर्यटन के साथ जोड़कर सरकार पलायन को कम करना चाहती है।
जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार इसके लिए पर्यटन विभाग के जिला स्तरीय कार्यालयों में रजिस्ट्रेशन कराया जा रहा है। इच्छुक भवन स्वामी इस योजना के माध्यम से रोजगार कर सकते हैं।