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चीर बंधन के साथ खड़ी होली के गीतों की धूम
ब्यूरो/अमर उजाला, बागेश्वर/कपकोट/कांडा।
Updated Mon, 26 Feb 2018 11:09 PM IST
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कपकोट में होली के गीतों का गायन करते होल्यार।
- फोटो : amar ujala
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सोमवार चीर बंधन के साथ ही मस्ती भरे खड़ी होली के गीतों का गायन शुरू हो गया है। होल्यार हाथ में चीर लेकर ढोल नगाड़ों की थाप पर घर-घर जाकर होली के गीतों के गायन मस्त हो गए हैं। आंवला एकादशी पर्व पर सोमवार को लोगों ने आंवला के वृक्ष की पूजा की। मुहूर्त के अनुसार होल्यारों ने वैदिक मंत्रों के साथ चीर बांधी।
इसके बाद होल्यार ढोलक, मजीरे की थाप पर होली के लिए घरों की तरफ निकले। पौराणिक बागनाथ मंदिर में पंडित हेम चंद्र जोशी ने वैदिक मंत्रों के साथ चीर बांधी। सिद्धि के दाता विघ्र विनाशन...गाकर होली की शुरूआत की।
होल्यारों ने हां हां जी शंभो तुम क्यों न खेलो होली...कैले बांधी चीर हो रघुनंदन...समेत कई गीत गाए। वहां मंदिर के प्रधान पुजारी भरत रावल, मंदिर समिति के अध्यक्ष भरत रावल, खीमानंद पंत, हरीश तिवारी संजय रावल आदि शामिल थे।
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उधर काकड़ा गांव में भी चीर बंधन के साथ ही होली के गीतों का गायन शुरू हो गया है। पंडित केडी कांडपाल, राजेंद्र कांडपाल, कैलाश कांडपाल, पूरन चंद्र कांडपाल आदि थे। गायत्री विद्या मंदिर में होली गीत गायन की प्रतियोगिता हुई। बाल होल्यारों ने मस्ती भरे एक से एक होली के गीतों का गायन किया।
निर्णायक ललिता पंत और अनीता पंत थी। वहां प्रबंधक केएस बनकोटी, प्रधानाचार्य दुर्गा असवाल, जगदीश जोशी, मीनाक्षी, हेमा और बीएन पांडे आदि थे। उधर ग्रीन वैली पब्लिक स्कूल चौरासि में होली मिलन का आयोजन हुआ।
बच्चों ने आज अवध भयो अवतार हरी...समेत कई अन्य मन भावन गीत गाए। वहां प्रबंधक उमेश चंद्र जोशी, गिरीश कुमार, राजेंद्र पांडे, कमलेश पाठक, इंदिरा भाकुनी, नवीन भट्ट आदि थे।
नगर पंचायत कपकोट के वार्ड नंबर तीन स्थित अखाड़े में पंडित बसंत बल्लभ जोशी ने वैदिक मंत्रों से चीर बांधी। होल्यारों ने तुम जै काली कल्याण करो..., तुम सबके भगवान कन्हैया तुम क्यों खेलो होली लला...आदि मन भावन गीतों का गायन किया। वहां चंद्र शेखर जोशी, विपिन चंद्र कांडपाल, कै. हरीश कपकोटी, मोहन कपकोटी, दिनेश जोशी, प्रमोद, हरीश, दीवान और लक्ष्मण आदि थे।
उधर ऐठाण, हिचौड़ी, असों, फरसाली, कांडा कमस्यार क्षेत्रों में भी होली के गीतों के गायन की धूम रही। इधर नगर समेत कपकोट, कांडा आदि क्षेत्रों में महिलाएं होली के गीतों में जमकर थिरक रही हैं।
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इसके बाद होल्यार ढोलक, मजीरे की थाप पर होली के लिए घरों की तरफ निकले। पौराणिक बागनाथ मंदिर में पंडित हेम चंद्र जोशी ने वैदिक मंत्रों के साथ चीर बांधी। सिद्धि के दाता विघ्र विनाशन...गाकर होली की शुरूआत की।
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होल्यारों ने हां हां जी शंभो तुम क्यों न खेलो होली...कैले बांधी चीर हो रघुनंदन...समेत कई गीत गाए। वहां मंदिर के प्रधान पुजारी भरत रावल, मंदिर समिति के अध्यक्ष भरत रावल, खीमानंद पंत, हरीश तिवारी संजय रावल आदि शामिल थे।
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उधर काकड़ा गांव में भी चीर बंधन के साथ ही होली के गीतों का गायन शुरू हो गया है। पंडित केडी कांडपाल, राजेंद्र कांडपाल, कैलाश कांडपाल, पूरन चंद्र कांडपाल आदि थे। गायत्री विद्या मंदिर में होली गीत गायन की प्रतियोगिता हुई। बाल होल्यारों ने मस्ती भरे एक से एक होली के गीतों का गायन किया।
निर्णायक ललिता पंत और अनीता पंत थी। वहां प्रबंधक केएस बनकोटी, प्रधानाचार्य दुर्गा असवाल, जगदीश जोशी, मीनाक्षी, हेमा और बीएन पांडे आदि थे। उधर ग्रीन वैली पब्लिक स्कूल चौरासि में होली मिलन का आयोजन हुआ।
बच्चों ने आज अवध भयो अवतार हरी...समेत कई अन्य मन भावन गीत गाए। वहां प्रबंधक उमेश चंद्र जोशी, गिरीश कुमार, राजेंद्र पांडे, कमलेश पाठक, इंदिरा भाकुनी, नवीन भट्ट आदि थे।
नगर पंचायत कपकोट के वार्ड नंबर तीन स्थित अखाड़े में पंडित बसंत बल्लभ जोशी ने वैदिक मंत्रों से चीर बांधी। होल्यारों ने तुम जै काली कल्याण करो..., तुम सबके भगवान कन्हैया तुम क्यों खेलो होली लला...आदि मन भावन गीतों का गायन किया। वहां चंद्र शेखर जोशी, विपिन चंद्र कांडपाल, कै. हरीश कपकोटी, मोहन कपकोटी, दिनेश जोशी, प्रमोद, हरीश, दीवान और लक्ष्मण आदि थे।
उधर ऐठाण, हिचौड़ी, असों, फरसाली, कांडा कमस्यार क्षेत्रों में भी होली के गीतों के गायन की धूम रही। इधर नगर समेत कपकोट, कांडा आदि क्षेत्रों में महिलाएं होली के गीतों में जमकर थिरक रही हैं।