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डीएम ने सीएमओ को दिए अल्ट्रासाउंड सेंटरों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश
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बागेश्वर में जिला कार्यालय में बैठक लेते डीएम विनीत कुमार। विज्ञप्ति
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। डीएम विनीत कुमार ने सलाहकार समिति की बैठक लेते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी को समय-समय पर अल्ट्रासाउंड सेंटरों का औचक निरीक्षण और दस्तावेजों की जांच करने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रसव पूर्व लिंग जांच करना और निदान करना अपराध है। जो भी अस्पताल या अल्ट्रासाउंड सेंटर पीसीपीएनडीटी एक्ट का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मंगलवार को आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम कुमार ने कहा कि लिंगानुपात को बनाए रखने के लिए पीसीपीएनडीटी अधिनियम बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कमेटी के सदस्यों और अधिकारियों से कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम के लिए उचित कदम उठाने को कहा। गैर कानूनी तरीके से भ्रूण और लिंग जांच करने वाले अस्पतालों और अल्ट्रासाउंड सेंटरों की सूचना एकत्र कर साझा करने के निर्देश दिए।
कहा कि सूचना होने पर ही इन गतिविधियों को रोका जा सकेगा। प्रसव पूर्व लिंग जांच करवाना कानूनन अपराध है। पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत कोई भी चिकित्सक लिंग जांच नहीं कर सकता। अगर कहीं पर लिंग जांच की शिकायत या संदेेह होगा तो उस संस्थान और चिकित्सक के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में सीएमओ डॉ. सुनीता टम्टा, डिप्टी सीएमओ डॉ. हरीश पोखरिया, शासकीय अधिवक्ता बसंत बल्लभ पाठक आदि मौजूद रहे।
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मंगलवार को आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम कुमार ने कहा कि लिंगानुपात को बनाए रखने के लिए पीसीपीएनडीटी अधिनियम बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कमेटी के सदस्यों और अधिकारियों से कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम के लिए उचित कदम उठाने को कहा। गैर कानूनी तरीके से भ्रूण और लिंग जांच करने वाले अस्पतालों और अल्ट्रासाउंड सेंटरों की सूचना एकत्र कर साझा करने के निर्देश दिए।
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कहा कि सूचना होने पर ही इन गतिविधियों को रोका जा सकेगा। प्रसव पूर्व लिंग जांच करवाना कानूनन अपराध है। पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत कोई भी चिकित्सक लिंग जांच नहीं कर सकता। अगर कहीं पर लिंग जांच की शिकायत या संदेेह होगा तो उस संस्थान और चिकित्सक के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में सीएमओ डॉ. सुनीता टम्टा, डिप्टी सीएमओ डॉ. हरीश पोखरिया, शासकीय अधिवक्ता बसंत बल्लभ पाठक आदि मौजूद रहे।
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