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Bageshwar News: शामा, लीती में ओलावृष्टि, खेती को नुकसान
Mon, 27 Mar 2023 11:52 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Mon, 27 Mar 2023 11:52 PM IST
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बागेश्वर के लीती में ओलावृष्टि से पटा गेहूं का खेत। संवाद
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बागेश्वर। बिचला दानपुर के शामा, लीती क्षेत्र में ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को खासा नुकसान हुआ है। दानपुर क्षेत्र में दोपहर बाद से शाम तक बारिश का सिलसिला जारी था। किसानों ने ओलावृष्टि से हुए नुकसान का जायजा लेकर मुआवजा देने की मांग की है।
जिला मुख्यालय के साथ ही जिले के कई हिस्सों में सुबह से ही आसमान बादलों से घिरा था। दोपहर बाद बिचला दानपुर के लीती, शामा, रातिरकेटी, गोगिना क्षेत्र में बारिश शुरू हो गई। बिचला दानपुर में एक पखवाड़े के भीतर कई बार ओलावृष्टि हो चुकी है। लीती की प्रगतिशील किसान धना कोरंगा, नंदी देवी ने बताया कि गेहूं में बालियां आ गईं हैं। ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ है। आड़ू, पुलम आदि फलों के पेड़ों में लगे फूल झड़ गए हैं। सब्जी के पौधों को भी नुकसान पहुंचा है। प्रभावित किसानों ने प्रशासन से क्षति का आकलन कर मुआवजा मांगा है। बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि से चिंतित किसानों ने बताया कि बीज के लिए भी गेहूं मिलना मुश्किल है। हिमालयी क्षेत्र से सटे मल्ला दानपुर क्षेत्र में सोमवार सुबह बादल घिरे थे लेकिन बारिश नहीं हुई। गर्मी के मौसम में पड़ रही सर्दी से किसान परेशान हैं।
गनीमत : घाटी वाले इलाके ओले से महफूज
बागेश्वर। बिचला दानपुर में कई बार और कांडा क्षेत्र में एक पखवाड़े के भीतर एक बार ओलावृष्टि हो चुकी है। घाटी वाले इलाके ओलावृष्टि से बचे हैं। घाटी वाले इलाकों में गेहूं की फसल पकने के लिए तैयार है। आम के पेड़ इस बार बौर से लदे हैं। यदि घाटी वाले इलाकों में ओलावृष्टि होती तो गेहूं और आम को जबरदस्त नुकसान हो सकता था। अब भी घाटी वाले इलाकों में ओलावृष्टि हुई तो किसान और फल उत्पादकों को घाटा हो जाएगा।
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जिला मुख्यालय के साथ ही जिले के कई हिस्सों में सुबह से ही आसमान बादलों से घिरा था। दोपहर बाद बिचला दानपुर के लीती, शामा, रातिरकेटी, गोगिना क्षेत्र में बारिश शुरू हो गई। बिचला दानपुर में एक पखवाड़े के भीतर कई बार ओलावृष्टि हो चुकी है। लीती की प्रगतिशील किसान धना कोरंगा, नंदी देवी ने बताया कि गेहूं में बालियां आ गईं हैं। ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ है। आड़ू, पुलम आदि फलों के पेड़ों में लगे फूल झड़ गए हैं। सब्जी के पौधों को भी नुकसान पहुंचा है। प्रभावित किसानों ने प्रशासन से क्षति का आकलन कर मुआवजा मांगा है। बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि से चिंतित किसानों ने बताया कि बीज के लिए भी गेहूं मिलना मुश्किल है। हिमालयी क्षेत्र से सटे मल्ला दानपुर क्षेत्र में सोमवार सुबह बादल घिरे थे लेकिन बारिश नहीं हुई। गर्मी के मौसम में पड़ रही सर्दी से किसान परेशान हैं।
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गनीमत : घाटी वाले इलाके ओले से महफूज
बागेश्वर। बिचला दानपुर में कई बार और कांडा क्षेत्र में एक पखवाड़े के भीतर एक बार ओलावृष्टि हो चुकी है। घाटी वाले इलाके ओलावृष्टि से बचे हैं। घाटी वाले इलाकों में गेहूं की फसल पकने के लिए तैयार है। आम के पेड़ इस बार बौर से लदे हैं। यदि घाटी वाले इलाकों में ओलावृष्टि होती तो गेहूं और आम को जबरदस्त नुकसान हो सकता था। अब भी घाटी वाले इलाकों में ओलावृष्टि हुई तो किसान और फल उत्पादकों को घाटा हो जाएगा।
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बागेश्वर के लीती में ओलावृष्टि से पटा गेहूं का खेत। संवाद