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सार्थकता बढ़ाएं केवीके
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
Updated Sat, 10 Dec 2016 10:20 PM IST
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सार्थकता बढ़ाएं केवीके
- फोटो : अमर उजाला
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बागेश्वर। कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) काफलीगैर में वैज्ञानिक सलाहकार समिति की दसवीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में किसान प्रतिनिधियों ने खाद, पशुओं के गर्भाधान और कृषि संबंधी जानकारी देने का अनुरोध किया। बैठक में डीएम मंगेश घिल्डियाल ने कहा कि कृषि को लाभकारी बनाकर पलायन की समस्या को दूर किया जा सकता है।
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डीएम ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थिति बेहद कठिन है और यहां की सबसे बड़ी समस्या पलायन है। इसे रोकने के लिए शिक्षा पद्धति में सुधार की जरूरत है। दूसरी सबसे बड़ी समस्या कृषि है जिसमें सुधार जरूरी है। डीएम ने कहा कि मनरेगा के माध्यम से किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए।
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विभाग केवल बीज बांटने तक सीमित न रहें उस बीज से कितनी पैदावार की गई इस पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने किसानों को दिए जाने वाले प्रशिक्षणों को खानापूर्ति न बनाने को कहा। बैठक में केवीके के प्रधान वैज्ञानिक और फसल उत्पादन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. जेके बिष्ट ने कहा कि वैज्ञानिकों के हर शोध का लाभ किसानों को मिलना चाहिए।
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बैठक में ग्रामीण जनप्रतिनिधियों ने जंगली जानवरों की समस्या से भी अवगत कराया। बैठक में विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान अल्मोड़ा से आए फसल सुधार विभाग के विभागाध्यक्ष और प्रधान वैज्ञानिक जेके बिष्ट, वरिष्ठ वैज्ञानिक केके मिश्रा, डॉ. आरके शर्मा, डॉ. अनिल कुमार, पादक सुरक्षा विशेषज्ञ हरीश चंद्र जोशी, गोपाल राम आर्य आदि थे।