बागेश्वर। अमर उजाला में खबर छपने के बाद आंखों के इलाज के लिए बागेश्वर आए गंगोलीहाट के कोठेरा गांव निवासी पूरन राम को आखिरकार मदद मिल गई है।
यहां जिला अस्पताल में 21 मार्च को नेत्र परीक्षण शिविर लगना था। इसका लाभ उठाने के लिए गंगोलीहाट के कोठेरा गांव निवासी पूरन 20 मार्च को बागेश्वर आए थे, लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण नेत्र शिविर स्थगित हो गया। यह जानकारी पूरन को नहीं मिल पाई। तब से पूरन अपने रिश्तेदार के घर मोहल्ला चौरासी नुमाइशखेत में रह रहे हैं। उन्होंने शनिवार को अपनी व्यथा अमर उजाला को बताई। कहा कि घर जाने के लिए इंतजाम नहीं हो पा रहा है। रुपये भी नहीं हैं। रिश्तेदार के घर कब तक रहूं। अमर उजाला ने रविवार के अंक में आंखों के इलाज के लिए आए कोठेरा के पूरन बागेश्वर में फंसे शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित की। इसका संज्ञान लेकर जिला रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव आलोक पांडेय ने रविवार को नुमाइशखेत जाकर पूरन को ढूंढ़ा और राहत सामग्री प्रदान की गई। इसमें दाल, तेल, साबुन, चाय, चीनी समेत पांच-पांच किलो चावल-आटा शामिल था। राशन पाकर पूरन खुश हुए। उन्होंने अमर उजाला और पांडेय का आभार जताया। कहा कि मंगलवार को प्रदेश में वाहन चलने वाले हैं। वह उसी दिन घर जाएंगे।