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छात्राओं ने सीखे आत्मरक्षा के गुर, बढ़ी कानूनी समझ
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
Updated Tue, 27 Nov 2018 11:52 PM IST
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अपराजिता अभियान के तहत आयोजित आत्मरक्षा कार्यशाला में डेमो देती ताइक्वांडो खिलाड़ी।
- फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम के अंतर्गत महर्षि विद्या मंदिर में आयोजित कार्यशाला में छात्राओं ने आत्मरक्षा के गुर सीखे। इस दौरान उन्हें कानूनी अधिकारों और प्रक्रियाओं की भी जानकारी दी गई। कार्यशाला के जरिये अपराध से बचाव और बरती जाने वाली सावधानियों के प्रति छात्राओं की सामान्य समझ और चेतना के स्तर में भी इजाफा हुआ।
मंगलवार को अपराजिता अभियान के तहत अमर उजाला ने बिलौना स्थित विद्या मंदिर मेें आत्मरक्षार्थ कार्यशाला का आयोजन किया। इसमें विद्यालय की कक्षा छह से लेकर 12वीं की 200 से अधिक छात्राओं ने भाग लिया। इस दौरान छात्राओं के साथ ही शिक्षकों और विद्यालय कार्मिकों को अमर उजाला के अभियान की जानकारी दी गई। कार्यशाला में जिला ताइक्वांडो संघ की प्रशिक्षक अनीता पांडेय और किशोर कुमार के निर्देशन में बागेश्वर की प्रतिभावान बालिका ताइक्वांडो खिलाड़ियों की टीम ने छात्राओं के समक्ष सेल्फ डिफेंस का डेमो दिया। इसके बाद महिला दारोगा सुरभि राणा और वर्षा रमोला ने छात्राओं को कानूनी अधिकारों के साथ ही अपराध से बचाव और बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया। प्रधानाचार्य रेखा धामी ने अखबार के अभियान को सराहना करते हुए छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और कार्मिकों से महिला हिंसा के खिलाफ कमर कसने की अपील की। संचालन शिक्षिका दीपा गोस्वामी ने किया। इस दौरान शीला भाकुनी, सोनिया परिहार आदि शिक्षक और विद्यालय कार्मिक मौजूद थे।
छात्राओं ने अमर उजाला के संवाद में साझा की पीड़ा
बागेश्वर। अमर उजाला ने आत्मरक्षा कार्यशाला के बाद छात्राओं से सीधा संवाद किया। समाचार पत्र का प्रत्यक्ष मंच मिला तो छात्राओं की पीड़ा भी जुबान पर आ गई। उन्होंने बेझिझक और बेहिचक महिला अपराधों के प्रति अपनी चिंता और भय के अनुभव को साझा किया। बताया कि कैसे उन्हें घर से बाहर मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सरकार और संबंधित एजेंसियों की सुस्ती को महिलाओं के खिलाफ पैदा हुए विकट हालातों का बड़ा जिम्मेदार ठहराया। यह भी तय किया कि वे अपनी आत्मरक्षा के लिए जरूर कोई विधा सीखेंगी।
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कार्यशाला में काफी कुछ सीखने को मिला
विपरीत परिस्थितियों में आत्मरक्षा कैसे करें, अमर उजाला की कार्यशाला में सीखने को मिला। हम हर संभव रूप से इस अभियान में अमर उजाला के साथ हैं।
बबीता, छात्रा
कानूनी अधिकारों के प्रति समझ बढ़ी
कार्यशाला में अपराध से बचाव और कानूनी अधिकारों के प्रति समझ बढ़ी। इससे अपनी सुरक्षा के प्रति आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मदद मिलेगी। ज्योति, छात्रा
मानसिकता में बदलाव जरूरी
महिलाएं अपराजिता रहें, इसके लिए पुरुषों की मानसिकता में बदलाव जरूरी है। उम्मीद है कि अमर उजाला का अभियान महिलाओं को मुस्कराने का मौका देगा।
कविता, छात्रा
सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता बढ़ाएं
अंधेरे, एकांत के साथ ही अब तो बाजार में भी डर लगता है। सरकार द्वारा कड़े कानून लागू करने के साथ ही सुरक्षा से जुड़ी एजेंसियों को सक्रियता बढ़ानी होगी। अंजलि -
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मंगलवार को अपराजिता अभियान के तहत अमर उजाला ने बिलौना स्थित विद्या मंदिर मेें आत्मरक्षार्थ कार्यशाला का आयोजन किया। इसमें विद्यालय की कक्षा छह से लेकर 12वीं की 200 से अधिक छात्राओं ने भाग लिया। इस दौरान छात्राओं के साथ ही शिक्षकों और विद्यालय कार्मिकों को अमर उजाला के अभियान की जानकारी दी गई। कार्यशाला में जिला ताइक्वांडो संघ की प्रशिक्षक अनीता पांडेय और किशोर कुमार के निर्देशन में बागेश्वर की प्रतिभावान बालिका ताइक्वांडो खिलाड़ियों की टीम ने छात्राओं के समक्ष सेल्फ डिफेंस का डेमो दिया। इसके बाद महिला दारोगा सुरभि राणा और वर्षा रमोला ने छात्राओं को कानूनी अधिकारों के साथ ही अपराध से बचाव और बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया। प्रधानाचार्य रेखा धामी ने अखबार के अभियान को सराहना करते हुए छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और कार्मिकों से महिला हिंसा के खिलाफ कमर कसने की अपील की। संचालन शिक्षिका दीपा गोस्वामी ने किया। इस दौरान शीला भाकुनी, सोनिया परिहार आदि शिक्षक और विद्यालय कार्मिक मौजूद थे।
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छात्राओं ने अमर उजाला के संवाद में साझा की पीड़ा
बागेश्वर। अमर उजाला ने आत्मरक्षा कार्यशाला के बाद छात्राओं से सीधा संवाद किया। समाचार पत्र का प्रत्यक्ष मंच मिला तो छात्राओं की पीड़ा भी जुबान पर आ गई। उन्होंने बेझिझक और बेहिचक महिला अपराधों के प्रति अपनी चिंता और भय के अनुभव को साझा किया। बताया कि कैसे उन्हें घर से बाहर मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सरकार और संबंधित एजेंसियों की सुस्ती को महिलाओं के खिलाफ पैदा हुए विकट हालातों का बड़ा जिम्मेदार ठहराया। यह भी तय किया कि वे अपनी आत्मरक्षा के लिए जरूर कोई विधा सीखेंगी।
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कार्यशाला में काफी कुछ सीखने को मिला
विपरीत परिस्थितियों में आत्मरक्षा कैसे करें, अमर उजाला की कार्यशाला में सीखने को मिला। हम हर संभव रूप से इस अभियान में अमर उजाला के साथ हैं।
बबीता, छात्रा
कानूनी अधिकारों के प्रति समझ बढ़ी
कार्यशाला में अपराध से बचाव और कानूनी अधिकारों के प्रति समझ बढ़ी। इससे अपनी सुरक्षा के प्रति आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मदद मिलेगी। ज्योति, छात्रा
मानसिकता में बदलाव जरूरी
महिलाएं अपराजिता रहें, इसके लिए पुरुषों की मानसिकता में बदलाव जरूरी है। उम्मीद है कि अमर उजाला का अभियान महिलाओं को मुस्कराने का मौका देगा।
कविता, छात्रा
सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता बढ़ाएं
अंधेरे, एकांत के साथ ही अब तो बाजार में भी डर लगता है। सरकार द्वारा कड़े कानून लागू करने के साथ ही सुरक्षा से जुड़ी एजेंसियों को सक्रियता बढ़ानी होगी। अंजलि -