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चार साल बाद भी नहीं बन सका नगर पंचायत का भवन
अमर उजाला ब्यूरो कपकाेट
Updated Fri, 07 Apr 2017 11:41 PM IST
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पंचायत भवन में चल रहा है नगर पंचायत का कार्यालय।
- फोटो : अमर उजाला
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शासन की उपेक्षापूर्ण नीति के कारण चार साल बाद भी नगर पंचायत कपकोट का अपना भवन नहीं बन सका है। कार्यालय हिचौड़ी के पंचायत घर में चल रहा है। पंचायत को अभी तक राज्य वित्त और 14 वें वित्त आयोग से विकास कार्यों के लिए बजट भी नहीं मिल पा रहा है। पंचायत के पास कूड़ा निस्तारित करने के लिए वाहन तक नहीं है। शासन से विकास कार्यों के लिए बजट न मिलने से क्षेत्र के विकास पर प्रतिकूल असर पड़ा है।
नगर पंचायत कपकोट का गठन नौ फरवरी 2012 को हुआ था। मई 2013 में नई पंचायत बनी थी। नगर पंचायत को शाम रोड में कार्यालय भवन निर्माण के लिए 30 नाली भूमि उपलब्ध हुई है। भवन निर्माण के लिए पंचायत ने 1.37 करोड़ रुपये का आगणन शासन को भेजा था। आगणन भेजे लंबा समय बीतने के बाद भी भवन निर्माण के लिए बजट आज तक नहीं मिल पाया है। अपना भवन न होने से नगर पंचायत का कार्यालय पंचायत भवन में चल रहा है।
शासन से पंचायत में ईओ की तैनाती की गई है। उपनल के माध्यम से यहां एक कंप्यूटर आप्रेटर, एक परिचारक और नौ पर्यावरण मित्र तैनात हैं। भले ही देश में भारत स्वच्छ अभियान जोरों पर चल रहा है। लेकिन इस नगर पंचायत के पास कूड़ा निस्तारण के लिए वाहन और उसका चालक तक नहीं है। इससे कई बार कूड़ा सार्वजनिक स्थलों पर बिखरा रहता है। नगर क्षेत्र का अपेक्षित विकास नहीं होने से क्षेत्र के लोग अपने को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
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लोगों का कहना है कि इससे अच्छा तो ग्राम पंचायत में रहना ही अच्छा था। लोगों का कहना है कि सिलकानी, कन्यूटी, तिरवाण, मिच्छात, पालीड़ुंगरा, हिचौड़ी और लीमा आदि क्षेत्रों में आज तक पर्यावरण मित्र नहीं पहुंच सके हैं। नगर पंचायत क्षेत्र में सीसी मार्ग और गंदे पानी के निकास के लिए नालियों का निर्माण तक नहीं हो सका है।
नगर पंचायत ने शामा बैंड के पास ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए भूमि तलाशी है। लेकिन शासन से आज तक बजट तक अवमुक्त नहीं हो सका है। ट्रंचिंग ग्राउंड की व्यवस्था नहीं होने से पर्यावरण मित्रों को कई परेशानियां का सामना करना पड़ रहा है। नगर पंचायत में आज तक जेई की तैनाती नहीं हो सकी है। जेई का प्रभार लोनिवि के एक जेई को प्रभार सौंपा गया है। इलेक्ट्रिीशियन नहीं होने से कई स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं।
कपकोट (बागेश्वर)। नगर पंचायत अध्यक्ष चंपा देवी ने बताया कि पंचायत के भवन निर्माण के लिए शहरी विकास मंत्रालय को 1.37 करोड़ रुपये का, ट्रंचिंग ग्राउंड के निर्माण के शासन को 67 लाख रुपये का आगणन भेजा गया है।
राज्य वित्त और 14 वां वित्त आयोग से वर्ष 2016 में सिर्फ 1.52 लाख रुपये मिले। इस मद में बजट नहीं मिलने से विकास कार्यों में तेजी नहीं आ सकी। उन्होंने कहा कि वह पंचायत की समस्याओं के समाधान के लिए शीघ्र ही क्षेत्रीय विधायक के सहयोग से मुख्यमंत्री और शहरी विकास मंत्री से मुलाकात करेंगी।
नगर पंचायत कपकोट का गठन नौ फरवरी 2012 को हुआ था। मई 2013 में नई पंचायत बनी थी। नगर पंचायत को शाम रोड में कार्यालय भवन निर्माण के लिए 30 नाली भूमि उपलब्ध हुई है। भवन निर्माण के लिए पंचायत ने 1.37 करोड़ रुपये का आगणन शासन को भेजा था। आगणन भेजे लंबा समय बीतने के बाद भी भवन निर्माण के लिए बजट आज तक नहीं मिल पाया है। अपना भवन न होने से नगर पंचायत का कार्यालय पंचायत भवन में चल रहा है।
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शासन से पंचायत में ईओ की तैनाती की गई है। उपनल के माध्यम से यहां एक कंप्यूटर आप्रेटर, एक परिचारक और नौ पर्यावरण मित्र तैनात हैं। भले ही देश में भारत स्वच्छ अभियान जोरों पर चल रहा है। लेकिन इस नगर पंचायत के पास कूड़ा निस्तारण के लिए वाहन और उसका चालक तक नहीं है। इससे कई बार कूड़ा सार्वजनिक स्थलों पर बिखरा रहता है। नगर क्षेत्र का अपेक्षित विकास नहीं होने से क्षेत्र के लोग अपने को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
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लोगों का कहना है कि इससे अच्छा तो ग्राम पंचायत में रहना ही अच्छा था। लोगों का कहना है कि सिलकानी, कन्यूटी, तिरवाण, मिच्छात, पालीड़ुंगरा, हिचौड़ी और लीमा आदि क्षेत्रों में आज तक पर्यावरण मित्र नहीं पहुंच सके हैं। नगर पंचायत क्षेत्र में सीसी मार्ग और गंदे पानी के निकास के लिए नालियों का निर्माण तक नहीं हो सका है।
नगर पंचायत ने शामा बैंड के पास ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए भूमि तलाशी है। लेकिन शासन से आज तक बजट तक अवमुक्त नहीं हो सका है। ट्रंचिंग ग्राउंड की व्यवस्था नहीं होने से पर्यावरण मित्रों को कई परेशानियां का सामना करना पड़ रहा है। नगर पंचायत में आज तक जेई की तैनाती नहीं हो सकी है। जेई का प्रभार लोनिवि के एक जेई को प्रभार सौंपा गया है। इलेक्ट्रिीशियन नहीं होने से कई स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं।
कपकोट (बागेश्वर)। नगर पंचायत अध्यक्ष चंपा देवी ने बताया कि पंचायत के भवन निर्माण के लिए शहरी विकास मंत्रालय को 1.37 करोड़ रुपये का, ट्रंचिंग ग्राउंड के निर्माण के शासन को 67 लाख रुपये का आगणन भेजा गया है।
राज्य वित्त और 14 वां वित्त आयोग से वर्ष 2016 में सिर्फ 1.52 लाख रुपये मिले। इस मद में बजट नहीं मिलने से विकास कार्यों में तेजी नहीं आ सकी। उन्होंने कहा कि वह पंचायत की समस्याओं के समाधान के लिए शीघ्र ही क्षेत्रीय विधायक के सहयोग से मुख्यमंत्री और शहरी विकास मंत्री से मुलाकात करेंगी।